मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष से मिलीं गर्ल्स कॉलेज की छात्राएं
बाड़मेर 
नई दिल्ली से लेकर जयपुर तक चल रही बालिका शिक्षा के बढ़ावे को लेकर चल रही है योजनाये सीमावर्ती बाड़मेर ज़िले में आकर दम तोड़ रही है। सरकार 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का नारा दे रही है, लेकिन सीमावर्ती बाड़मेर ज़िला मुख्यालय पर स्थित एक मात्र बालिका कॉलेज में प्रोफेसर की रिक्तता के कारण बेटियों को पढ़ने के लिए भी जंग लड़नी पड़ रही है और दर-दर ठोकरें खानी पड़ रही है. 
मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष प्रकाश टाटिया के सामने गुरुवार को बाड़मेर शहर स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय के दो प्रोफेसर के तबादले से नाराज चल रही छात्राओं ने अपनी बात रखी। 
महाविद्यालय की छात्रसंघ अध्यक्ष मूली चौधरी और उनके छात्र मोर्चा के बैनर तले छात्राओं ने अपनी बात प्रकाश टाटिया के सामने रखी. छात्राओं ने बताया कि बाड़मेर जिला प्रशासन यहां उनकी सुनवाई नहीं कर रहा है. कई बार कॉलेज को ताले में भी बंद रखा और विरोध प्रदर्शन भी किया, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ.
छात्राएं उस वक्त सुनवाई में पहुंची जब अध्यक्ष टाटिया बाड़मेर में प्रकरणों पर चर्चा कर रहे थे. उनके साथ जिला कलेक्टर सुधीर कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक डॉ. गगनदीप सिंगला सहित कई अधिकारी हुए शामिल.
वहीं टाटिया ने बाड़मेर कलेक्ट्रेट में सभी प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के तहत चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली. इसके बाद जिला कारागृह का निरिक्षण कर कैदियों की समस्याओं को सुना और जेल अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए, जिसके बाद वे बालोतरा के लिए रवाना हुए.

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