अब मनरेगा की निगरानी करेगा भुवन, अपलोड होंगे कार्य के फोटोग्राफ 
बाड़मेर।
डिजिटल इंडिया की सफलता के लिए केन्द्र सरकार ने एक और कदम बढ़ा दिया है। अब महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को जियो मनरेगा का नाम दिया है। इसके लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने ‘भुवन’ नाम का एप विकसित किया है, जिस पर योजना के तहत होने वाले कार्यों की तस्वीरें अपलोड होंगी। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए इसे मैप (नक्शा) से जोड़ा गया है। केंद्र सरकार सीधे इस पर निगरानी रखेगी।
महात्मा गांधी नरेगा विश्व की सबसे बड़ी रोजगार देनी वाली योजना है। इसके तहत जल, जंगल एवं जमीन के विकास से जुड़े हुए कार्य किए जाते है। अब तक इसके तहत होने वाले कार्यों का मस्टररोल वेबसाइट पर अपलोड किया जाता था। इसके बाद भुगतान होता था। इसमंे अनियमितता होने की आशंका रहती थी। नई व्यवस्था के तहत केन्द्र सरकार फर्जीवाड़ा रोकने के लिए केंद्र सरकार ने योजना को जियो मनरेगा में तब्दील किया है। इसके लिए विकसित भुवन एप पर ब्लॉक स्तर पर कनिष्ठ तकनीकी सहायक योजना में होने वाले कार्य की तस्वीरों को अपलोड करेंगे। कार्य की जांच के बाद भुगतान होगा। भुवन एप को मैप से जोड़ा जाएगा। ऐसे में इस पर अपलोड तस्वीरों को कोई कभी भी देख सकता है। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लग सकेगी। अगर कोई एक ही स्थान पर दोबारा काम कराएगा तो जगह का नाम डालते ही पहले के काम की पूरी जानकारी सामने आ जाएगी।
इसरो करेगा देखरेखः जियो मनरेगा में बदलने में इसरो का महत्वपूर्ण योगदान है। इसरो ने भुवन एप विकसित किया है। इसके संचालन पर इसरो एवं केंद्र सरकार की टीम निगरानी रखेगी। पुराने रिकॉर्ड भी आसानी से देखे जा सकेंगे। 
महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत किए जा रहे सभी कार्यों का फोटो सहित रिकॉर्ड एप पर डाला जाएगा। विभागीय स्तर के अधिकारियों को इसका प्रशिक्षण दिया जा चुका है। नियुक्त तकनीकी अधिकारी क्षेत्र में खुद जाकर अपने स्मार्ट फोन से स्थल की फोटो लेकर जियो पोजिशनिंग की जानकारी के साथ अपलोड करेंगे। फिलहाल यह रिकॉर्ड संकलन का कार्य प्रगति पर है लेकिन जल्द ही आम जनता भी इस रिकॉर्ड को एप में देख सकेगी।
-सुरेश कुमार दाधीच, अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक, महात्मा गांधी नरेगा योजना,बाड़मेर।

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