विकास योजनाओ का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंः ठाकुर
मुख्यमंत्री जल स्वावंलबन अभियान के तहत पूर्ण हो चुके कार्याें का भुगतान आगामी एक सप्ताह मंे विशेष अभियान चलाकर करवाने के निर्देश।
बाड़मेर।
ग्रामीण विकास योजनाआंे का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। टीम भावना से कार्य करते हुए वास्तविक हकदार व्यक्ति को लाभांवित करने का प्रयास किया जाए। बाड़मेर जिले के प्रभारी सचिव राजीवसिंह ठाकुर ने गुरूवार को जिला मुख्यालय पर विभागीय गतिविधियों, कार्यक्रमों एवं योजनाओं की प्रगति संबंधित समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही।
प्रभारी सचिव राजीवसिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावंलबन अभियान के तहत पूर्ण हो चुके कार्याें का भुगतान आगामी एक सप्ताह मंे विशेष अभियान चलाकर करवाया जाए। उन्हांेने कहा कि इसको गंभीरता से लेते हुए कनिष्ठ तकनीकी सहायकांे एवं अन्य कार्मिकांे का सहयोग लिया जाए। उन्हांेने कहा कि विभागीय अधिकारियांे की टीम पूरी निष्ठा के साथ कार्य करें। विकास कार्यो को लेकर जो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं उन्हें हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास करे। उन्होंने कहा कि मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन, सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम, पेयजल प्रोजेक्ट समेत विभिन्न महत्वपूर्ण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्हांेने कहा कि महात्मा गांधी नरेगा योजना मंे व्यक्तिगत कार्याें के लिए संबंधित लाभार्थी अपने स्तर पर भी सामग्री खरीद सकता है। ऐसे मंे अधिकाधिक लोगांे को इस नए प्रावधान से अवगत कराया जाए। उन्हांेने कहा कि इसकी पालना सुनिश्चित करवाई जाए। प्रभारी सचिव ने प्रत्येक पंचायत समिति मंे टांका निर्माण के लिए अलग-अलग संबंधित क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप ड्राइंग तैयार करवाने के निर्देश दिए। उन्हांेने कहा कि टांका निर्माण का माडल एस्टीमेंट तैयार करने से पूर्व स्थानीय अनुभवी लोगांे गिरदावर, पटवारी वगैरह की सलाह ली जाए। प्रभारी सचिव ठाकुर ने इस दौरान पेयजल योजनाआंे, सुचारू जलापूर्ति, अवैध कनेक्शनांे, विद्युत आपूर्ति, पौधारोपण, टांका निर्माण एवं अन्य विकास कार्याें के बारे मंे विस्तार से जानकारी ली। प्रभारी सचिव ठाकुर ने सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत डिस्काम एवं जलदाय विभाग को अतिरिक्त संसाधन मुहैया कराने की कार्य योजना तैयार करने एवं सौर उर्जा के जरिए विद्युत उत्पादन के विकल्प तलाशने के निर्देश दिए। उन्होंने रेडा के अधिकारियांे को इस संबंध मंे पत्र लिखने के निर्देश दिए। उन्हांेने मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के द्वितीय चरण के बारे मंे भी जानकारी ली।
इस दौरान जिला कलक्टर सुधीर शर्मा ने जिले मंे प्रगतिरत विकास कार्याें एवं विभिन्न पेयजल प्रोजेक्टस के बारे मंे जानकारी दी। उन्हांेने कहा कि राष्ट्रीय मरू उद्यान की वजह से कुछ गांवांे मंे आधारभूत सुविधाआंे का विकास नहीं हो पा रहा है। इसके लिए राज्य स्तर से प्रयास करके रियायत अथवा पुनः सीमांकन करवाया जाए। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एम.एल.नेहरा ने ग्रामीण विकास योजनाआंे की प्रगति से अवगत कराया। उन्हांेने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान के उत्साहजनक परिणाम आए। इसकी वजह से कई इलाकांे मंे भू जल स्तर पर इजाफा हुआ है। अतिरिक्त जिला कलक्टर ओ.पी.बिश्नोई ने कहा कि डिस्काम एवं जलदाय विभाग मंे कई पद रिक्त होने एवं स्थानीय स्तर पर स्टाफ की कमी होने से खासी दिक्कत होती है। उन्हांेने आगामी समय मंे मलेरिया की आशंका के मददेनजर ग्राम पंचायत स्तर पर विलेज लेवल मोनेटरिंग कमेटी के जरिए पाइराथ्रिन के छिड़काव करवाने की जरूरत जताई। उन्हांेने कहा कि इसके लिए प्रत्येक उप स्वास्थ्य केन्द्र स्तर पर स्प्रे किट खरीद कर दिया जा सकता है। इस दौरान अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक सुरेश कुमार दाधीच ने जिले मंे महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत चल रहे कार्याें की स्थिति एवं प्रवृति के बारे मंे जानकारी दी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.एस.के.एस.बिष्ठ ने बताया कि मलेरिया एवं डेगूं की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा गतिविधियां चलाई जा रही है। बैठक के दौरान सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता जे.आर.जीनगर, अधीक्षण अभियंता प्रोजेक्ट शंकरलाल मेघवाल, जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता नेमाराम परिहार, डिस्काम के अधिशाषी अभियंता भेराराम, आईडब्ल्यूएमपी के सहायक अभियंता ताराचंद चैहान ने विभागीय गतिविधियांे की जानकारी दी।

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