बाड़मेर आत्महत्याओ की रोकथाम को चलेगा जागरूकता अभियानः चतुर्वेदी
बाड़मेर।
जिले में आत्म हत्याआंे की बढ़ती घटनाआंे को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसको लेकर राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने समाचार पत्रो में छपी खबरो के आधार पर प्रसंज्ञान लिया है।
राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती मनन चतुर्वेदी ने बताया कि बढ़ती आत्महत्या संबंधित समाचारांे पर प्रसंज्ञान लेते हुए आयोग से इसकी रोकथाम के लिए आमजन मंे जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए है। श्रीमती चतुर्वेदी ने बताया कि इसके लिए जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को आमजन को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए है। बाड़मेर जिले के दो दिवसीय दौरे पर पहुंची आयोग की अध्यक्ष श्रीमती मनन चतुर्वेदी ने बुधवार प्रातः जिला मुख्यालय पर ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान के कार्यालय पहुंचकर हस्तशिल्प से जुड़े विविध पहलूआंे के बारे मंे विस्तार से जानकारी दी। इसके उपरांत उन्हांेने चैहटन कस्बे मंे संप्रेषण गृह, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय चैहटन, नवीन उच्च माध्यमिक विद्यालय तथा राजकीय छात्रावासांे का निरीक्षण किया। उन्हांेने बाल संरक्षण अधिकारियांे के बारे मंे विस्तार से विद्यार्थियांे को जानकारी दी। चैहटन मंे उन्हांेने उपखंड अधिकारी कार्यालय मंे उपखंड स्तरीय अधिकारियांे के साथ बैठक के दौरान बाल संरक्षण के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियांे के बारे मंे विस्तार से जानकारी ली। आयोग अध्यक्ष श्रीमती मनन चतुर्वेदी ने अधिकारियांे को निर्देश दिए कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं बाल अधिकारांे के बारे मंे आमजन को जानकारी दी जाए। उन्हांेने बाल अधिकारांे के बारे मंे विद्यालयांे ने भी अध्ययन करवाने के निर्देश दिए। बैठक मंे उपखंड अधिकारी जीतेन्द्रसिंह नरूका, पुलिस उप अधीक्षक प्रभातीलाल, चैहटन पंचायत समिति के प्रधान कुंभाराम, बाल कल्याण विकास समिति की अध्यक्ष नवनीत पचैरी, महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक श्रीमती सती चैधरी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक हेमंत खटीक, ब्लाक शिक्षा अधिकारी केशरदान समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती मनन चतुर्वेदी ने धोरीमन्ना मंे भामाशाह सुविधा शिविर के दौरान आमजन को जन कल्याणकारी योजनाआंे की जानकारी दी। उन्हांेने कहा कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग का उददेश्य बाल अधिकारांे की पहचान करना, उनको बढावा देने एवं संरक्षण से संबंधित विभिन्न योजनाआंे का विश्लेषण कर सभी बच्चांे को लाभांवित करना है। उन्हांेने कहा कि सभी बच्चे अपना जीवन सम्मान के साथ जी सके एवं उनकी आवाज को प्राथमिकता एवं ईमानदारी के साथ प्रत्येक स्तर पर सुनी जा सके, इसके लिए आयोग की ओर से प्रयास किए जा रहे है। उन्हांेने कहा कि बच्चांे के सर्वागीण विकास के लिए मैत्रीपूर्ण वातावरण का निर्माण किया जाए। श्रीमती चतुर्वेदी ने पालनहार योजना एवं पोक्सो अधिनियम के बारे मंे भी जानकारी दी।

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