बाल संरक्षण को लेकर कार्यशाला आयोजित
बाड़मेर।
बाल कल्याण समिति बाड़मेर द्वारा किशोर न्याय अधिनियम के तहत बाल संरक्षण को लेकर जागरूकता के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का शनिवार को पुलिस उप अधीक्षक अनुजाति जनजाति रतनलाल की अध्यक्षता मंे राजकीय संप्रेक्षण एवं किशोर गृह में आयोजित की गई।
बाल कल्याण समिति के सदस्य ने बताया कि कार्याशाला में पुलिस उप अधीक्षक रतनलाल ने कहा कि किसी बाल अपचारी की पूर्ण पहचान को गोपनीय रखा जाए। पत्र-पत्रिकाआंे मंे पूर्ण विवरण नहीं दिया जाए। और पुलिस विीााग से संबंधित बालको हित में जो भी सहायता चाहिए उसे हम पूरा करने की कोशिश करेंगे। किशोर न्याय बोर्ड सदस्य दीपिका मनोरिया ने पोक्सो एक्ट की विभिन्न धाराआंे से अवगत कराते हुए कानूनी पहलूआंे की जानकारी दी। कार्यशाला में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक हेमंत खटीक ने कहा कि चाइल्ड लाइन के संचालन मंे पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पुलिस की मदद से बाल श्रमिकांे का पता लगाया जाता है। उन्हांेने बाल संरक्षण अधिनियम के बारे मंे जानकारी दी। उन्हांेने पालनहार योजना के बारे मंे भी विस्तार से अवगत कराया। बाल कल्याण समिति की अघ्यक्ष नवनीत पचौरी ने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चांे से काम करवाना बाल श्रम है और बाल श्रम करवाना किशोर न्याय अधिनियम 2015 में अपराध है इसमें बाल श्रम करवाने वाले को सजा का प्रावधान भी है। बाल श्रम संबंधित गतिविधियांे की रोकथाम के लिए चाइल्ड लाइन व पुलिस के सहयोग से जिले में काम करने की काफी आवश्यकता है। कार्यशाला में बाल कल्याण समिति के सदस्य राजाराम सर्राफ ने बाल संरक्षण अधिनियम की जानकारी देते हुए कहा कि बाल श्रम को रोकने के लिए समन्वित प्रयास किए जाने चाहिए और बाल कल्याण समिति हमेंशा आपके साथ खड़ी है आप कार्यकर्त्ता बालकों के हित के संबंध में कार्य करें। सर्राफ अब तक की गतिविधियांे के बारे मंे भी बताते हुए बताया कि पुलिस द्वारा इस्माइल एवं मुस्कान के तहत रेस्क्यू आपरेशन चलाया गया।उसमें भी आप लोगों की मदद से कई बालको को बाल श्रम से मुक्त करवा कर उनकों पुनर्वास करवाया गया है। कार्यशाला में धारा संस्थान के महेश पनपालिया, मानव तस्कर विरोधी यूनिट के सदस्य हरिसिंह, चाइल्ड लाइन 1098 के समन्वयक सोनाराम ने भी बालकों के हित में किया होना चाहिए उसके बारे में अपने विचार रखे।कार्यशाला में उपस्थित सदस्यों से उन्हें फिल्ड में किया कठिनाईयो का सामना करना पड़ता उनके संस्मरण सुने और उन्हें दूर करने का पुलिस व बाल कल्याण समिति द्वारा आशवस्त किया गया । कार्यशाला में बाल अधिकारिता विभाग के कर्मचारी, सोशल कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे। अंत मंे बाल कल्याण समिति के सदस्य राजाराम सर्राफ ने सभी को धन्यवाद देते हुए आभार जताया

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

 
HAFTE KI BAAT NEWS © 2013-14. All Rights Reserved.
Top