बाड़मेर जीवन में खेल की महता आवश्यक-खिंची
बाड़मेर
जीवन खेल का महत्वपूर्ण अंग है| खेलों की व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण आवश्यकता होती है | ये विचार 60 वीं वृत स्तरीय उच्च प्राथमिक विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिता के समापन समारोह में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी डूंगरदास खिंची ने जोगेश्वर कुआ गरल में व्यक्त किये |
उन्होंने कहा कि गुरु की महिमा अपरम्पार है जो किसी को तराशकर हीरा बना सकता है | कार्यक्रम अध्यक्ष बीईईओ कृष्णसिंह राणीगाँव ने अपने संबोधन सोच परिवर्तन करने का आह्वान किया | प्रतिभावो को प्रदर्शित करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए | विशिष्ट अतिथि डाईट उपप्राचार्य खेताराम चौधरी ने कहा कि खेलों से अनुशासन एवं नेतृत्व का गुण विकसित होता है | नियमित खेल आवश्यक है | प्रधानाचार्य नाथूलाल जाट ने खेलों के साथ अकादमिक शिक्षा की आवश्यकता प्रतिपादित की | शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ महेन्द्र चौधरी ने कहा कि यह अहम नहीं है कि तुम हारे या जीते , अहम यह है कि तुमने खेल कैसा खेला | बालक को जो पाठ शिक्षा नहीं सिखा पाती वह खेल का मैदान सिखा देता है |
आयोजन सचिव ठाकराराम चौधरी ने बताया कि खो-खो में राजस्थान नोबल्स एकेडमी कगाऊ, कबड्डी में न्यू महर्षि दयानंद सरस्वती विद्या मंदिर दुदाबेरी तथा हैण्ड बॉल में लुणू खुर्द ने प्रथम स्थान प्राप्त किया | और खो-खो में डूडीयों का बेरा, कबड्डी में कडवासरों की ढाणी (सांजटा) व के. के. विद्या मंदिर कवास दुसरे स्थान पर रहे। 
प्रतियोगिता में विजेता खिलाडियों को राणाराम मायला की तरफ से पुरस्कृत किया गया | स्मृति चिह्न पीरोणी कुकणा परिवार की तरफ से भेंट किए गए| मंच संचालन जोगाराम सारण ने किया | इस मोके पर सरपंच गजरों देवी, ग्रामसेवक ठाकराराम, गोविन्द बेनीवाल सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद थे |

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