बाड़मेर में रोजगार मेले के नाम पर बेरोजगारों का उड़ाया जा रहा मजाक
बाड़मेर
राजस्थान के बाड़मेर जिले में रोजगार मेलों के नाम पर लोगों के साथ पिछले कई सालों से ऐसा लगता है मजाक किया जा रहा हो. गुरूवार को भी बाड़मेर जिला मुख्यालय स्थित नेहरू युवा केंद्र में रोजगार मेले का आयोजन किया गया, जिसमें न तो युवा पहुंचे और न ही रोजगार देने वाली कम्पनियों को बुलाया गया. वहीं सरकारी रोजगार की जानकारी देने विभगों की भी कुर्सियां खाली नजर आईं.
रोजगार कार्यालय की ओर से हर माह अलग-अलग जगह लघु रोजगार मेले लगाए जाते हैं. राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार रोजगार मेलों में सरकारी और गैर सरकारी संघटनों की इकाई कम्पनियों को आमन्त्रित किया जाना होता है, जिनको कर्मचारियों की जरूरत हो या रोजगार उपलब्ध करवा सके.
इसके अलावा बेरोजगारों को भी इस मेले में आमन्त्रित किया जाता है, ताकि इन मेलों में बेरोजगारों को रोजगार मिल सके, लेकिन बाड़मेर रोजगार कार्यालय द्वारा लगाए गए मेलों की धरातल पर पड़ताल करें तो सारे दावे खोखले और बेबुनियाद नजर आ रहे हैं.
पिछले कई सालों से लगाए जा रहे रोजगार मेलों में न तो कम्पनियां रुचि ले रही हैं और न ही रोजगार देने वाले. दिखावे के नाम पर दस स्टाल और टेंट लगाकर चार से पांच घण्टे तक बैठने की खानापूर्ति कर अधिकारी और कर्मचारी इतिश्री कर देते हैं. न तो इन मेलों में किसी को रोजगार दिया जाता है और न बेरोजगार को इस मेले में कुछ मिलता है.

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