शिक्षा से मिलेगा बाल श्रम से छुटकारा: मीणा 
बाड़मेर  
शिक्षा ही बाल श्रम से छुटकारा दिलायेगी यह बात चैहटन के मुंसिक एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट शेरसिंह मीणा ने बीजराड़ ग्राम पंचायत के अटल सेवा केन्द्र में आयोजित मजदूर सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कही। न्यायाधीष मीणा ने कहा कि समाज मे ंअषिक्षा व गरीबी से बाल श्रमिक की समस्या उत्पन्न हो रही है। गरीब मां बाप स्कूल में जाने वाले बच्चों को होटल ढाबों, दुकानों में मजदूरी करने भेजते हैै जिससे सरकार के प्रयास के बावजूद भी बाल श्रमिक की समस्या हमारे सामने एक चुनौती के रूप में खड़ी है। बाल श्रम एक अपराध है जिसे अषिक्षित व अनपढ मां बाप गरीब भूखमरी के कारण करता है। जिससे आजादी के ़68 वर्ष बाद भी सरकार के निरन्तर प्रयास के बावजूद बाल श्रम से हम छुटकारा नहीं पा सके। संविधान में 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिये अनिवार्य षिक्षा कर दी है तथा निजी विद्यालयों में षिक्षा को अधिकार से गरीबों को मुफ्त में गुणवता पूर्ण षिक्षा दिला रही है। 
न्यायाधीष मीणा ने कहा कि सरकार के साथ आम आदमी जुड़ेगा तभी हम सरकारी योजना का लाभ श्रमिक वर्ग को दिला सकेगें। गरीबों के बालकों को बाल श्रम से बचाने हेतू सरकार ने स्कूलों मंे दोपहर का भोजन जैसी महत्वपूर्ण योजना चलाकर गरीब के बच्चों के लिये भोजन की व्यवस्था की है न्यायाधीष मीणा ने कहा कि हमें षिक्षित संस्कार वान बाल तैयार कर देष की तरक्की में योगदान देना चाहिये। मजदूर वर्ग सर्दी गर्मी बरसात की परवाह किये बगैर देष के विकास में लगा हुआ है। मजदूर का योगदान देष के विकास में अति महत्वपूर्ण है। 
मजदूर सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए पंचायत समिति चैहटन के प्रधान कुंभाराम सेंवर ने कहा कि सरकार मजदूरों के कल्याण हेतू तत्पर है मजदूरों की पैरवी कमठा मजदूर यूनियन बाड़मेर कर रही है। प्रधान ने जनता से स्वच्छ भारत अभ्ज्ञियान को अपनाने का आह्वान किया तथा गरीबों को बिजली व गैस कनेक्षन निषुल्क मिलेगें। मजदूर पंजीयन कराकर कल्याणकारी योजना का लाभ उठावें। 
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि कमठा मजदूर यूनियन बाड़मेर के अध्यक्ष लक्ष्मण बडेरा ने कहा मजदूर अपनी गरीबी व अषिक्षा के कारण बच्चों को बाल श्रम की भट्टी में झोंक देता है। जिससे देष में बाल श्रम कलंक के रूप उभरकर सामने आया। बडेरा ने मजदूरों से कहा कि राजस्थान मजदूर कल्याण मण्डल मजदूरों के बच्चों को षिक्षा सहायता छात्रवृति व मेधावी छात्रवृति देता है साथ मजदूर महिला के प्रसव होने पर पुत्री जन्म पर इक्कीस हजार की सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाता है। 
मजदूरों को भारत के उज्जवल भविष्य के लिये षिक्षा का रास्ता अपनाकर बाल श्रम को जड़ से उखाड़ना है। 
पूर्व सरपंच भलाराम चैधरी ने कहा कि सरकार मजदूर के कल्याण हेतू प्रयास कर रही है। मजदूरों को आगे आकर लाभ उठाना चाहिये। कमठा मजदूर यूनियन बाड़मेर महामंत्री नारायणसिंह दहिया ने कहा कि श्रमिक वर्ग यूनियन के साथ जुड़ जाये, मजदूर का विकास शुरू हो जायेगा। उपाध्यक्ष मोडाराम जोगी ने मजदूर को गरीबी रव भूखमरी के कारण समाज में उचित सम्मान नहीं मिलता, मजदूर को रोटी, कपड़ा और मकान की समस्या है जिसके लिये सरकार प्रयास करें। अंकेक्षक भोमाराम ने कहा कि यूनियन के प्रयासों से बाड़मेर के मजदूरों को करोड़ों की सहायता मिली है। उपसरपंच देवीचंद कागा ने आभार व्यक्त किया, संचालन उतमचंद कागा ने किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रमिकों ने भाग लिया।

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