राज्यसभा राजस्थान में बीजेपी को चारों सीटों पर मिली जीत
जयपुर
राज्यसभा चुनाव में राजस्थान से बीजेपी के चारों उम्मीदवार को जीत हासिल हुई। घोषित हुए चुनाव परिणाम के मुताबिक केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू और ओम प्रकाश माथुर को 42-42 वोट मिले जबकि रामकुमार वर्मा और हर्षवर्धन सिंह ने 40-40 वोट के साथ जीत हासिल की। उधर निर्दलीय प्रत्यासी के तौर चुनाव मैदान में उतरे पूर्व केंद्रीय मंत्री कमल मोरारका को 34 वोट ही मिल सके। एक विधायक का वोट निरस्त माना गया। 
इससे पहले भाजपा की ओर से मतदान केन्द्र पर खुद मुख्यमंत्री पार्टी पोलिंग ऐजेन्ट की भूमिका निभा रही थी। वे करीब सवा नौ बजे मतदान केन्द्र पर पहुंच गई थी और भाजपा विधायकों द्वारा मतदान करने तक पौने एक बजे तक मतदान केन्द्र पर ही रही। 
हालांकि उन्होने अपने मत का उपयोग 10 बजकर 16 मिनट पर ही कर लिया था। मतदान पोलिंग एजेन्ट को दिखा करने से वोट इधर से उधर होने का कोई सवाल नहीं रहा और भाजपा के नेता अपने उम्मीदवारों की जीत के लिए पूर्णरूप से आश्वस्त् रहे । 
भाजपा केे 42 विधायकों को होटल से पहली बस में प्रथम वरीयता वाले उम्मीदवार एम वेंकैया नायडू के पक्ष में वोट करने के लिए लाया गया और उनके द्वारा मतदान करने के बाद इतने ही विधायक ओमप्रकाश माथुर के पक्ष मतदान करने के लिए दूसरी बस में लाया गया। इन विधायकों के साथ आठ से 10 विधायको की जिम्मदारी एक मंत्री को दी हुई थी और वह उनका मतदान करा रहा था।
भाजपा उम्मीदवार रामकुमार वर्मा के लिए तीसरी बस में 41 विधायक मतदान केन्द्र पहुंचे और हर्षवर्धन सिंह के लिए भी इतने ही विधायक चौथी बस में आए और मतदान किया। भाजपा को समर्थन देने वाली जमींदारा पार्टी की दोनो विधायकों के वोट देखने के लिए भाजपा ने अपने विधि प्रकोष्ठ के पदाधिकारी योगेन्द्र सिंह तंवर को जमींदारा पार्टी ज्वाइन करा कर पोलिंग ऐजेन्ट बनाया गया । जमींदारा पार्टी की विधायक सोनादेवी बावरी को पहली बस में लाया गया जबकि इसी पार्टी की दूसरी विधायक कामिनी जिंदल को चौथी बस में मतदान केन्द्र लाया गया। 
बहुजन समाज पार्टी के विधायक मनोज न्यांगली का कहना था कि हमारी पार्टी का जो पोलिंग ऐजेन्ट बनाया गया है उसे वे नहीं जानता हैं। बसपा एवं राष्ट्रीय जनतांत्रिक पार्टी के आलाकमान ने इन चुनावों में भाजपा उम्मीदवारो को समर्थन करने और उनके पक्ष में वोट डालने के निर्देश दिए थे और इसी के चलते भाजपा ने अपने पोलिंग ऐजेन्ट बनाए हैं। दोपहर दो बजे तक अधिकांश विधायको ने अपने वोट डाल दिए। 
राज्य के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया, कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी और सार्वजनिक निर्माण मंत्री युनूस खान का कहना था कि हमारे उम्मीदवार की हार का सवाल नहीं उठता है और शत प्रतिशत जीत निश्चित हैं। मतदान केन्द्र पर भाजपा उम्मीदवार रामकुमार वर्मा एवं हर्षवर्धन सिंह नजर आए जबकि एम वेकैेया नायडू एवं ओमप्रकाश माथुर तथा निर्दलीय उम्मीदवार कमल मोरारका वहां नहीं थें। मतदान केन्द्र पर भाजपा के केन्द्रीय पर्यवेक्षक पीयूष गोयल भी पहुंचे।
राज्यसभा चुनाव से पहले अजमेर रोड के जयसिंह पुरा स्थित होटल भेजे गए विधायक सवेरे होटल से जब रवाना हुए तो मानो पूरा शहर उनके लिए थम गया। होटल से विधानसभा तक का सफर तय करने के दौरान पुलिस के वाहन बसों को एस्कोर्ट करते रहे। उधर विधायकों के विधानसभा पहुंचने से पहले ही करीब साढ़े 8 बजे सीएम अपने काफिले के साथ विधानसभा पहुंच गई थी। 

सात बजे ही पहुंच गई पुलिस 

विधायकों को होटल ग्रीन से एस्कोर्ट के जरिए लाने के लिए सवेरे करीब 7 बजे होटल में छह बसें पहुंची। होटल में बसों के पहुंचने से पहले ही पुलिस की जीपेें भी वहां पहुंच गई थी। सवेरे करीब 8 बजे से विधायकों ने बसों में बैठना शुरु कर दिया था। कुछ विधायकों ने होटल के पास ही एक मंदिर में पूजा भी की और उसके बाद बस में बैठै। 

हर बस में 35 से 40 विधायकों की सीटें रिजर्व थी। होटल से जैसे ही बसें रवाना हुई बसों के आगे और पीछे पुलिस की जीपों ने एस्कोर्ट के लिए मोर्चा सम्भाल लिया। होटल से विधानसभा तक आने वाले रास्ते पर यातायात पुलिसकर्मियों को पहले ही जल्दी बुला लिया गया था। लिहाज़ा सडकों पर तैनात रहे पुलिसकर्मियों ने यातायात को कुछ देर के लिए रोक दिया। विधायकों का काफिला गुजरने के बाद यातायात को सुचारु किया गया।

डूडी ने डाला पहला वोट 

सुबह 9 बजे से शुरु मतदान में पहला वोट नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने डाला। विधानसभा में वोट डालने सबसे पहले कांग्रेस विधायक पहुंचे। उधर, भाजपा विधायकों से पहले मुख्यमंत्री विधानसभा परिसर पहुंची। कडी सुरक्षा के बीच हुए मतदान स्थल के पास केवल विधायकों और चुनाव कार्य में लगे कार्मिकों को ही प्रवेश दिया गया। पोलिंग बूथ के बाहर तक भी मीडियाकर्मियों को नहीं जाने दिया।

भाजपा ने तोड़ी सारी मर्यादा: गहलोत
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यसभा चुनाव में भाजपा की तरफ से विधायकों की बाड़ाबंदी को अलोकतांत्रित कदम बताते हुए हमला बोला। विधानसभा परिसर में मतदान के दौरान गहलोत ने कहा कि भाजपा ने चुनाव में सारी मर्यादा तोड़ दी है। भाजपा ने साबित कर दिया कि पार्टी को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है। तीन दिनों तक विधायकों को बाड़ेबंदी में रखना यहां तक कि मोबाइल पर बात तक नहीं करने देना। यह सभी गतिविधियां अलोकतांत्रित है।

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