बाड़मेर भू माफिया के खौफ से संकट में आया परिवार
-निर्माणाधीन मकान हथियाने के लिए भू माफिया ने तैयार करवाई कूटरचित रजिस्ट्री।
- कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाने में उपपंजीयक कार्यालय के कार्मिकों की
भूमिका भी संदेहास्पद।

बाड़मेर।
बाड़मेर में भू माफियाओं का गिरोह एक बार फिर सक्रीय हो चुका हैं और इस बार इन भूमाफियाओं ने अपना शिकार बनाया हैं श्रीयादे नगर कोजाणी ढ़ाणी निवासी अशोक कुमार कुम्हार ओर उसके परिवार को।
दरअसल अशोक कुमार की आर्थिक स्थिति बहूत ही दयनीय हैं जिसके चलते अशोक कुमार के दो भाईयों ने आर्थिक सहयोग देकर खाली पड़े प्लॉट में चार दीवारी सहित आवास हेतु पक्का निर्माण करवा कर अशोक कुमार को रहने के लिए दिया। जिससे कि अशोक कुमार की मालि हालत पर आर्थिक संकट न आए और वह अपने परिवार का गुजारा आसानी से कर सके। 
इस बीच भू माफिया की नजर अशोक कुमार की मालि हालत और उसके इस निर्माणाधीन मकान पर पड़ गई और इन्होने अशोक कुमार को बैंक से ऋण दिलवाने के बहाने भूखंड के पट्टे व रजिस्ट्री की फोटो कॉपी ले ली तथा कथित भूमाफियाओं ने कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाकर फर्जी बेचान बताकर उक्त भूखण्ड की रजिस्ट्री अपने नाम से करवा ली। वहीं कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाने के बाद इन भू माफियाओं ने अशोक कुमार को उक्त निर्माणाधीन मकान खाली करके चले जाने की धमकी दी जा रही हैं। तथा मकान खाली नहीं करने पर अशोक कुमार व उसके परिवार के अन्य सदस्यों को अगवा करने व जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।  गौरतलब है कि नगर परिषद बाड़मेर ने 15 फरवरी 2013 को पत्रावली संख्या 161/2013 के मार्फत खसरा संख्या 1279 में स्थित 53&20 माप के भूखण्ड का पट्टा अशोक कुमार पुत्र खेताराम निवासी श्रीयादे नगर दानजी की होदी के नाम जारी किया था। जिसका पंजीयन दिनांक 16 मार्च 2013 को करवाया गया। 
जिसके अनुसार इस भूखण्ड व इस पर निर्मित भवन पर नियमानुसार अशोक कुमार व उसकी पत्नि व बच्चों का मालिकाना हक हैं। लेकिन तथाकथित भू माफिया महिपालसिंह पुत्र दानसिंह व मोहनसिंह पुत्र दानसिंह निवासी गोरडिया ने उक्त भूखण्ड के कूटरचित दस्तावेज बनवाकर भूखण्ड हथियाने के लिए अशोक कुमार को धमकिया देकर डराना धमकाना शुरू कर दिया। अशोक कुमार के अनुसार वह आरसीसी व कमठा मजदूरी करता हैं तथा मोहनसिंह उसके पडौस में ही रहता हैं। जिसके कारण मोहनसिंह के यहां भी वह आरसीसी मजदूरी के लिए गया था। यहीं पर मोहनसिंह व महिपालसिंह ने बैंक में पहचान होने व ऋण दिलवाने के बहाने मकान के पट्टे की फोटो प्रति उससे ले ली। तथा उपपंजीयक कार्यालय के कथित कार्मिकों के सहयोग व मिली भगत से ऋण दस्तावेजों पर मेरे दस्तखत लेने के दरम्यान भूखण्ड बेचान के दस्तावेज शामिल कर धोखे में रखते हुए दस्तखत करवा लिए ।  भू माफियाओं द्वारा लगातार मिल रही धमकीयों से डर कर अशोक कुमार ने अपने परिजनों व समाज के मौजिज लोगो को मकान पर भूमाफियाओं द्वारा कब्जा करने की बात बताई। इस पर अशोक कुमार के परिवार के सदस्य व समाज के अन्य मौजिज लौगो के साथ मिलकर भू माफियाओं के खिलाफ एक लिखित शिकायत पुलिस थाना कोतवाली में पेश कर भू माफियाओं के सम्भावित कातिलाना हमले से बचाव व भूखण्ड के कूटरचित दस्तावेज जब्त कर भू माफियाओं के आतंक से बचाने व परिवार की जानमाल की सुरक्षा की मांग की हैं।

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