अंबेडकर जंयती पर निकाली रैली, हुआ प्रतिभाओं का सम्मान  

डा.भीमराव अंबेडकर की जयंती पर गुरूवार को जिले भर में कई कार्यक्रमो का आयोजन हुआ। जिला स्तर पर भगवान महावीर टाउन हाल में आयोजित मुख्य समारोह में  प्रतिभाऔ को सम्मानित किया गया। इस दौरान विभिन्न वक्ताऔ ने बाबा साहेब अंबेडकर के आदर्शाें पर प्रकाश डालते हुए इनको आत्मसात करने की जरूरत जताई।
बाड़मेर
बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत है। उनके मूल मंत्र शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो, के रास्ते पर चलते हुए सब मिलकर समाज एवं राष्ट्र के विकास मंे भागीदारी निभाएं। बाड़मेर-जैसलमेर सांसद कर्नल सोनाराम चैधरी ने यह बात भगवान महावीर टाउन हाल मंे आयोजित डा.अंबेडकर जयंती समारोह के दौरान बतौर मुख्य अतिथि कही। उन्हांेने कहा कि अंबेडकर ने दलित समाज मंे पैदा होेने के उपरांत भी दुनिया मंे अपना एवं देश का नाम रोशन करते हुए मिसाल कायम की। उन्हांेने कहा कि अंबेडकर महज दलित समाज के नेता नहीं थे, उन्हांेने प्रत्येक तबके के उत्थान के लिए प्रयास किए। संविधान निर्माण के जरिए प्रत्येक समाज को नई दिशा देने के साथ सामाजिक उत्थान का कीर्तिमान स्थापित किया। चैधरी ने कहा कि सामाजिक कुरीतियांे को छोड़कर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के बताए रास्ते पर चलें। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यक्रम को 10 अप्रैल से 24 अपै्रल तक मनाने का कार्यक्रम तय किया हैं। 24 अप्रैल को यह कार्यक्रम जमसेदपुर में होगा। डाॅ. अम्बेडकर के मिशन को चलाया जाएगा। चैधरी ने कहा कि डाॅ. अम्बेडकर ने दलितों को हक दिलाया हैं। उन्होंने कहा कि अन्याय करने वाले या आत्याचार करने वालों का सहयोग न करके जिसके साथ अन्याय हुआ हैं उसका सहयोग करें। समाज को संगठित करने के साथ शिक्षा से जुड़े। सब मिलकर राष्ट्र के विकास मंे भागीदारी निभाएं। अध्यक्षीय उद्बोधन मंे बायतू विधायक कैलाश चैधरी ने कहा कि विश्व के सबसे बड़े संविधान की सौगात देकर अंबेडकर ने भारत को विश्व पटल पर गौरवांवित किया। उन्हांेने कहा कि अंबेडकर के अधूरे सपनांे को पूरा करने के लिए सबको मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्हांेने अंध विश्वास एवं सामाजिक कुरीतियां छोड़ने का आग्रह करते हुए भरोसा दिलाया कि वे बाड़मेर के विकास के लिए यथा संभव प्रयास करेंगी। विशिष्ठ अतिथि जिला कलक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने कहा कि बाबा साहेब के तीन सूत्री मंत्र के मुताबिक शिक्षा मौजूदा दौर की पहली जरूरत है। इसके बिना कोई भी तबका विकास नहीं कर सकता। उन्हांेने बालक-बालिकाआंे को अधिकाधिक शिक्षा से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि समाज में फैली सामाजिक कुरीतियांे पर अंकुश लगाने के साथ संगठित होने की जरूरत है। समारोह के दौरान विशिष्ठ अतिथि यूआईटी चैयरमैन प्रियंका चैधरी ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने संविधान के जरिए सबको सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार देकर पूरे विश्व के सामने मिसाल पेश की। अंबेडकर जयंती पर पूरे देश मंे विभिन्न आयोजन हो रहे है। जयंतियां हमेशा महापुरूषों की मनाई जाती हैं डाॅ. अम्बेडकर एक महापुरूष थे वे दलितों के ही प्रतिनिधि नहीं थे बल्कि सम्पूर्ण गरीबों के मसीहा थे। हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने घोषणा की हैं कि डाॅ. अम्बेडकर के मिशन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए गांव-गांव, ढाणी-ढाणी डाॅ. अम्बेडकर की जंयति मनाई जाई। उन्होंने महिला शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि समाज के विकास के लिए महिलाओं की भागीदारी सबसे ज्यादा होती हैं। महिला अगर शिक्षित होती हैं तो समाज का विकास संभव हैं। ऐसे में महिलाओं को शिक्षित करना जरूरी है। विशिष्ट अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष कानसिंह कोटड़ी ने कहा कि बाबा साहेब के सपने साकार करने के लिए सबको मिलकर प्रयास करने हांेगे। मौजूदा समय मंे बाड़मेर विकास की ऊंचाइयांे को छू रहा है। स्थानीय लोगांे को इसका फायदा तभी मिल पाएगा, जब वे शिक्षित होने के साथ जरूरत के मुताबिक विभिन्न टेªडस के प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। नशा छोड़ने के साथ शिक्षित होकर अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर प्रयास करने होंगे। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि सेवानिवृत अतिरिक्त मुख्य अभियंता ताराचंद जाटोल ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने अपना संपूर्ण जीवन समाज सेवा मंे लगाया। उनके योगदान को नहीं भुलाया जा सकता। उन्हांेने कहा कि स्वाभिवान एवं आत्म सम्मान से जीने का अधिकार अंबेडकर की देन है। उनसे प्रेरणा लेते हुए समाज संगठित होने के साथ अपने अधिकारांे के लिए संघर्ष करें तो लक्ष्य प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता। विशिष्ठ अतिथि मजदूर नेता लक्ष्मण बडेरा ने कहा कि पहली मर्तबा सोशियल मीडिया ने भी डा.अंबेडकर के विचारांे के आदान-प्रदान मंे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाड़मेर जिले मंे वृहद पैमाने पर आयोजन हुए। इससे निसंदेह अंबेडकर की शिक्षा के प्रचार-प्रसार के साथ समाज को नई दिशा मिलेगी। साथ ही कमजोर तबका अपने अधिकारांे के प्रति जागरूक होगा। अंबेडकर जयंती समारोह के संयोजक ताराचंद गोसांई ने स्वागत भाषण के साथ-साथ पंाच दिवसीय जयंती समारोह के दौरान हुए आयोजनांे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनांे से अंबेडकर के आदर्शाें के प्रचार के साथ समाज को नई दिशा मिलेगी। साथ ही प्रतिभाआंे का उत्साह वर्धन होगा। इस दौरान रमेश खती ने बाबा साहेब अंबेडकर के जीवन वृतांत पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्हांेने शैक्षिक क्रांति पर जोर देते हुए समाज को नई दिशा दिखाई। भारत के इतिहास को गहनता से समझने की जरूरत जताते हुए खती ने कहा कि अंबेडकर ने तर्क आधारित बात पर जोर दिया। उन्हांेने विभिन्न स्तर पर असहयोग के बावजूद कई आंदोलनांे का नेतृत्व करने के साथ उनको सफलता की परिणिति पर पहुंचाते हुए गरीब तबके को न्याय दिलाने मंे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान आरएसएस प्रचारक गंगाविष्णु ने अम्बेडकर की जीवनी पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर सेवानिवृत अतिरिक्त मुख्य अभियंता मिश्रिमल फुलवारिया, संयुक्त निदेशक पशुपालन बी.आर जैदिया, नगर अध्यक्ष भाजपा मोहनलाल कुर्डिया, पूर्व संयोजक छगललाल जाटोल, केवलचंद बृजवाल, पूर्व संयोजक तिलाराम मेघवाल, श्रवण चंदेल, तगाराम खती ने भी संबोधित कर बाबा साहेब की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन हरीश जांगिड़ ने किया। वहीं धन्यवाद भैरूसिंह फुलवारिया ने व्यक्त किया। समारोह के दौरान शैक्षणिक परीक्षाआंे मंे सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली प्रतिभाआंे का डा.भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह एवं अंबेडकर वेलफेयर सोसायटी की ओर से सम्मान किया गया। वहीं कार्यक्रम के शुभारम्भ मे बाबा साहेब व भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष अतिथियों ने द्वीप प्रज्ज्वलित किया। इस दौरान अतिथियों का स्वागत सम्मान किया गया।

आयोजन को सफल बनाने के लिए केयर्न इंडिया बाड़मेर, राजवेस्ट, नगर परिषद बाड़मेर सहित शहर के सभी समाजों का सहयोग रहा। इस दौरान समारोह समिति संयोजक ताराचंद गोसांई सहित सभी सदस्यों ने आभार व्यक्त किया।

ये रहे उपस्थित-समारोह के दौरान कार्यक्रम प्रभारी सवाईराम मेघवाल, गेमराराम सेजू, श्रवणकुमार लहुआ, अम्बालाल जोशी सुरेश जाटोल, प्र्रेम परिहार, तनेराज सिंह गहलोत, बाबूलाल गर्ग, खेतेश कोचरा, मदन मेघवाल, जीवाराम गढ़वीर, गिरधारीराम सेजू, नरपतराज मूंढ़, जयराम दास, मोहनलाल बोस, भंवरलाल खोरवाल, राकेश कुलदीप, हीरालाल खोरवाल, जितेन्द्र जाटोल, नरपतसिंह, पवन नामा, दीपाराम धन्दे, जगदीश सिंहटा सहित कई सैकड़ों की संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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