मजहब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना-मुख्यमंत्री
बाड़मेर
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा है कि 36 की 36 कौमों को साथ लेकर हम विकास के पथ पर आगे बढ़ने के लिए काम कर रहे हैं। विकास ही हमारा मूल मंत्र हैै। उन्होंने कहा कि कोई भी मजहब और धर्म आपस में बैर एवं मनमुटाव रखना नहीं सिखाता है। 
श्रीमती राजे शनिवार को बाड़मेर में मुस्लिम समाज (जीलानी जमात) की ओर से आयोजित समारोह में बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा मजहब है इंसानियत, जो इंसानियत को जानता है, वो हमेशा परिवार व मजहब के भेद को दूर रखकर मानवता व भाईचारे के लिए काम करता है। 
मुख्यमंत्री ने लोगों का आह्वान किया कि वे बैर, अलगाववाद व साम्प्रदायिकता से हटकर हिन्दुस्तान के ध्वज के नीचे एक परिवार के रूप में रहें तथा एक दूसरे पर प्यार लुटाएं। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई विकास के लिए है, हमारी लड़ाई गरीबी के खिलाफ है। आगे बढ़ने के लिए सभी संत-महात्माआंे और पीर-पैगम्बरों ने शिक्षा की राह पर चलने की सीख दी है। शिक्षा से ही सभी का विकास संभव है। 
श्रीमती राजे ने कहा कि बिजली, पानी और सड़क के काम किसी मजहब या जाति के लिए अलग-अलग नहीं होते। इनका फायदा सभी को एक साथ मिलता है। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी राजनीतिक जीवन की शुरूआत प्रेम के साथ की है और इसी के साथ मैं आगे बढ़ रही हूं। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने अल्पसंख्यक भाई-बहनों के हक में अनेक फैसले लिए हैं। वक्फ बोर्ड से संबंधित रिकॉर्ड का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है, कब्रिस्तानों की चार दीवारी और यहां वृक्षारोपण का काम हो रहा है। नौजवानों को विभिन्न व्यवसायों में तालीम की व्यवस्था की जा रही है। 

श्रीमती राजे ने इस अवसर पर कहा कि - 

न तुम छोड़ोगे, न हम छोडे़ंगे,

ये परिवार हमारा है, हम भी तुम्हारे साथ दौड़ेंगे,

फिक्र मत करो दोस्तो, ता उम्र ये रिश्ता न तोड़ेंगे।

मुख्यमंत्री को पहनाई 51 किलो की माला व सोने का मुकुट
जोश भरे इस समारोह में मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत करते हुए मुस्लिम समाज की ओर से उन्हें 51 किलो फूलों की माला तथा सोने का मुकुट पहनाया गया तथा मुस्लिम महिलाओं ने सिन्धी चुनरी ओढ़ाकर सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने सोने का मुकुट डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षण संस्थान को भेंट कर दिया।
इस अवसर पर मुफ्ती शेर मोहम्मद खान ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती राजे 36 की 36 कौमों को साथ लेकर चल रही है खुदा इनकी हमेशा लाज रखे। उन्होंने कहा कि हम सब भाई-भाई बनकर रहेंगे, तो समाज के साथ देश भी प्रगति करेगा और दुनिया हमें सलाम करेगी। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र साम्प्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है। यहां जाट, राजपूत, विश्नाई, मुसलमान में कोई भेद नहीं है वो सदियों से आपस में मिलकर रहते आए हैं। 
समारोह के अध्यक्ष सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी ने कहा कि सभी की तरक्की के लिए समाजों के बीच भेदभाव को मिटाकर साथ चलना होगा। मुख्यमंत्री श्रीमती राजे ऐसी ही नेता हैं, जो सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती हैं।
समारोह में राजस्व राज्यमंत्री अमराराम चौधरी, सांसद रामचरण बोहरा, क्षेत्रीय विधायक, समाजसेवी तनसिंह चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं मुस्लिम समाज के गणमान्य नागरिक भी उपस्थित थे। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष हाजी इदरीश ने मुख्यमंत्री को शुक्रियानामा भेंट किया। 

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