25 हजार राशन की दुकानों का होगा कायाकल्प -मुख्यमंत्री
जयपुर।
मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने प्रदेश के पीडीएस सिस्टम में बदलाव की अनूठी पहल करते हुए शनिवार को भम्भौरी गांव में अन्नपूर्णा भण्डार का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की 25 हजार उचित मूल्यों की दुकानों को अन्नपूर्णा भण्डार में बदला जायेगा, ताकि ग्रामीण जनता को एक ही छत के नीचे मल्टी ब्रांड उपभोक्ता वस्तुएं वाजिब कीमतों पर मिल सकें। सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में देश में अपनी तरह का यह अभिनव प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नपूर्णा भण्डार के खुलने के बाद अब गांवों में राशन की दुकानों का कायाकल्प होगा। इन भण्डार में 160 से अधिक उपभोक्ता वस्तुएं एमआरपी से तीन से तीस प्रतिशत तक कम कीमत पर उपलब्ध होंगी। राजे ने कहा कि इस साल 20 अगस्त को फ्यूचर गु्रप के साथ एमओयू होने के बाद दिल्ली, मध्यप्रदेश एवं केरल ने अन्नपूर्णा भण्डार योजना में रुचि दिखाई है। उन्होंने सार्वजनिक-निजी सहभागिता पर आधारित इस योजना में भागीदार बनने पर फ्यूचर गु्रप को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
राजे ने कहा कि पिछले साल जब मैं उदयपुर संभाग के दौरे पर गई थी तो डूंगरपुर के एक छोटे से गांव टामटिया में मैंने लैम्प्स द्वारा संचालित एक उचित मूल्य दुकान को देखा था। इस दुकान में पीडीएस वस्तुओं के अलावा खाद-बीज, सीमेंट एवं किराने का गुणवाायुक्त सामान लोगों को सस्ती दर पर उपलब्ध कराया जा रहा था। इसी से प्रेरित होकर मैंने सोचा कि क्यों न पूरे प्रदेश की उचित मूल्य दुकानों को इसी मॉडल पर डवलप किया जाए।
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि यह देश का बड़ा उद्यमिता अभियान साबित होगा, जिसके तहत मार्च 2016 तक प्रथम चरण में प्रदेश के पांच हजार उचित मूल्य दुकानदार उद्यमी के रूप में काम करेंगे और इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में आमूल-चूल बदलाव की शुरूआत होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम चरण में जयपुर, जोधपुर एवं उदयपुर संभाग में एक-एक हजार तथा अजमेर, भरतपुर, बीकानेर एवं कोटा संभाग में 500-500 अन्नपूर्णा भंडार खोले जाएंगे।
राजे ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के राज्य सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए बताया कि 1 अप्रेल, 2015 से डिजिटलाइज्ड राशन कार्ड बनाने का काम ई-मित्र के माध्यम से किया जा रहा है। इन राशन कार्ड के आधार पर पीओएस मशीन के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद खाद्यान्न का वितरण किया जायेगा। प्रथम चरण में 5500 पीओएस मशीनें स्थापित करने के लिए 8 जिलों का चयन किया गया है।
मुख्यमंत्री ने भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना, आरोग्य राजस्थान अभियान, मुख्यमंत्री जनआवास योजना आदि कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार का फोकस ऐसी योजनाओं पर है जिससे लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव दिखाई दे। उन्होंने प्लास्टिक पदार्थाें के सेवन से हो रही गायों की मौतों पर चिंता व्यक्त करते हुए आह््वान किया कि सभी गौमाता के जीवन को बचाने में भागीदार बनें।
राजे ने इस अवसर पर अन्नपूर्णा भण्डार योजना के ब्रोशर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने अन्नपूर्णा भण्डार का अवलोकन किया तथा सुझाव दिए। उन्होंने भण्डार खोलने वाले डीलर सुरेश कुमार शर्मा को बधाई दी।
केन्द्रीय सूचना प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवद्र्घन सिंह राठौड़ ने कहा कि भम्भौरी से हो रहे इस बदलाव का फायदा बेरोजगार नौजवानों को भी होगा। उन्होंने कहा कि अलग हटकर सोच रखने वाली मुख्यमंत्री प्रदेश को विकास की दौड़ में सबसे आगे ले जाने के लिए सतत प्रयत्नशील हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के हाल ही में दिल्ली दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि राजे प्रदेश की बिजली कम्पनियों के आर्थिक सशक्तीकरण तथा पेयजल की समस्या के निदान के लिए केन्द्र से अधिक से अधिक मदद लाने का प्रयास कर रही हैं।
नगरीय विकास मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने रिसर्जेंट राजस्थान के माध्यम से प्रदेश में आ रहे निवेश का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह निवेश सम्मेलन 15 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में मददगार साबित होगा।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री हेमसिंह भड़ाना ने कहा कि अन्नपूर्णा भण्डार के खुलने से मुख्यमंत्री का विजन साकार हुआ है। जो उपभोक्ता वस्तुएं शहर के मॉल्स में ही सुलभ होती थीं, वे अब गांव-ढाणी तक भी अन्नपूर्णा भण्डार के माध्यम से उपलब्ध होंगी। इस अवसर पर विधायक श्री सुरेन्द्र पारीक,रामलाल शर्मा, लक्ष्मीनारायण बैरवा, जिला प्रमुख मूलचंद मीणा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख शासन सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल, राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम की प्रबंध निदेशक डॉ. वीना प्रधान, फ्यूचर गु्रप के निदेशक नरेन्द्र बाहेती भी उपस्थित थे।

दीपावली पर मिलेगी अधिक चीनी
कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रमुख शासन सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि दीपावली पर उचित मूल्य की दुकानों पर उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 650 ग्राम के स्थान पर एक किलो चीनी उपलब्ध करवाई जायेगी। उपभोक्ताओं को चार लीटर केरोसिन भी मिलेगा।

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