स्व. इंदिरा गांधी एवं सरदार पटेल का अमूल्य योगदान- सोलंकी
बाड़मेर 
श्रीमती इंदिरा गांधी ने सशक्त एवं समर्थ भारत की प्रतिमा स्थापित की। शांति और साहस इंदिरा की विशेषता थी। श्रीमती गांधी सदैव समाज में महिलाओं व दलितों का सम्मान और उनकी स्थिति को सुधारने की आवश्यकता पर विशेष बल देती थी। यह विचार मुख्य वक्ता वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरीशचन्द्र सोलंकी ने कांग्रेस कार्यालय में आयोजित श्रीमती इंदिरा गांधी एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती समारोह के अवसर पर पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।
उन्होनें कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश को एकता के सूत्र में बांधने का अमिट कार्य किया एवं साम्प्रदायिक शक्तियों को विनष्ट करने, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को कायम करने का अमूल्य योगदान दिया। हमें इन दोनों महापुरूषों के आदर्शों एवं सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। वर्तमान की जो ताकतें इस विरासत को हड़पने का प्रयास कर रही हैं हमें उनका मुकाबला करना होगा।
जिला प्रवक्ता मुकेश जैन ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्य तिथि एवं सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर जिला कांग्रेस कार्यालय में विचार गोष्ठी जिलाध्यक्ष फतेह खां की अध्यक्षता में आयोजित की गई तथा पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्य तिथि को बलिदान दिवस के रूप में मनाया गया।
प्रदेश सचिव शम्मा बानो ने सम्बोधित करते हुए कहा कि श्रीमती इंदिरा गांधी दूरदृष्टि, अदम्य साहस, कठोर निर्णय क्षमता एवं शक्ति की प्रतीक लौह महिला थीं। उन्होनें दुनिया के नक्शे पर बांग्लादेश का उदय कर भारत की शक्ति का प्रदर्शन किया। उन्होनें देश के दलितों, पीड़ितों, उपेक्षितों, किसानों, मजदूरों एवं युवा पीढ़ी में राष्ट्रीय स्वाभिमान, आत्मबल व संकल्प की भावना जागृत की।
जिलाध्यक्ष फतेह खां ने श्रीमती इंदिरा गांधी एवं सरदार पटेल की जीवनी पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रीमती इंदिरा गांधी में राजनीतिक प्रगतिशीलता, कार्यकुशलता और राष्ट्रवादी विचारधारा का अद्भुत समन्वय था। उन्होनें गरीबी उन्मूलन एवं सामाजिक न्याय स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए। उन्होनें कहा कि सरदार पटेल ने देशी रियासतों के एकीकरण कर अखण्ड भारत निर्माण में महती भूमिका निभाई।
जिला प्रमुख प्रियंका मेघवाल ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल एवं श्रीमती इंदिरा गांधी दोनों ही महान् नेता थे। गांधी ने अपने काल में कई क्रांतिकारी कदम उठाए, उनकी स्पष्ट सोच थी कि विकास व प्रगति के लिए कठोर परिश्रम, पुरूषार्थ, अटूट विश्वास धैर्य, साहस एवं निर्भीकता की आवश्यकता होती है। सरदार पटेल भी ऐसे ही व्यक्तित्व के धनी थे।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम सरदार वल्लभ भाई पटेल एवं श्रीमती इंदिरा गांधी की तस्वीर पर उपस्थित पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
जिला उपाध्यक्ष यज्ञदत्त जोशी ने इंदिरा गांधी द्वारा लिए गए साहसिक निर्णयों की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होनें बैंकों का राष्ट्रीयकरण, राजाओं के प्रिवीयर्स खत्म करना, आतंकवाद के विरूद्ध कठोर कार्यवाही करते हुए देश के लिए बलिदान हो गईं।
जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष मृदुरेखा चैधरी ने कहा कि हमें सरदार पटेल एवं श्रीमती इंदिरा गांधी के आदर्शों एवं सिद्धांतों पर अमल करने की आवश्यकता है।
आज के कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष मूलाराम मेघवाल, महामंत्री चैनसिंह भाटी, जगजीवनराम, गडरा रोड़ प्रधान तेजाराम मेघवाल, जिला प्रवक्ता मुकेश जैन, पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती संतोष चैधरी, यूथ कांग्रेस लोकसभाध्यक्ष ठाकराराम माली, किसान व मजदूर कांग्रेस प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष रूपाराम सारण, चैधरी हरिराम कड़वासरा, छगनलाल जाटव, पार्षद बलवीर माली, दिलीपसिंह गोगादे, श्रीमती रेणु दर्जी, किशोर शर्मा, नरेश देव सारण, मेवाराम सोनी, लक्ष्मणसिंह गोदारा, महेन्द्र पोटलिया, जगदीश जाखड़, नारायणसिंह, विधायक निजी सहायक ओमप्रकाश गौड, कार्यालय सचिव ओमप्रकाश चैधरी, महादेवसिंह परिहार, नीरज जोशी, मांगाराम मंसूरिया, सोनाराम मंसूरिया, नरेन्द्रसिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जिला प्रवक्ता मुकेश जैन ने किया।
कार्यक्रम के अंत में इंदिरा गांधी सर्किल पर श्रीमती इंदिरा गांधी की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। तत्पश्चात् अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक माहिर आजाद के निधन होने पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।

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