क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों से सहकारिता विभाग ने आम लोगों को किया आगाह 
जयपुर।
सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार डॉ. आर. वेंकटेश्वरन ने आमनागरिकों से राज्य में कार्यरत क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों में राशि जमा कराने से पूर्व स्वयं के स्तर पर संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर जोखिम का आंकलन करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि वे क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटीज के भ्रामक विज्ञापनों में नहीं आएं।
रजिस्ट्रार डॉ. आर. वेंकटेश्वरन ने बताया की क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियां राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम, 2001 अथवा मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव सोसायटी एक्ट, 2002 के अन्तर्गत पंजीकृृत है। यह सोसायटियां बैंकिग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के तहत बैंकों की श्रेणी में नहीं आती है। उन्होंने बताया कि इन सोसायटियों में जमा राशि बीमित भी नहीं होती हैं।
रजिस्ट्रार डॉ. वेंकटेश्वरन ने बताया कि इन सोसायटियों की योजनाएं केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित नहीं होती है और नहीं इनमें किसी तरह की कोई सरकारी भागीदारी होती है। ऐसी सोसायटियों के विज्ञापन भी सहकारिता विभाग द्वारा अनुमोदित नहीं होते हैं।
रजिस्ट्रार ने बताया कि ऐसी समितियों में निवेशक जागरूक होकर निवेश करें। यदि कोई सोसायटी किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी देती है तो निवेशक संबधित जिलें के उप रजिस्ट्रार को शिकायत दर्ज करा सकते हैं। परिवेदित व्यक्ति ऐसी सोसायटियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही भी दर्ज करा सकतें हैं।
रजिस्ट्रार डॉ. वेंकटेश्वरन ने जिला कलक्टरों को भी पत्र लिखकर क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के संबंध में किसी भी तरह की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल कार्यवाही करते हुए जिले के उपरजिस्ट्रार के माध्यम से जांच कराने का आग्रह किया है। इसी तरह से जिला पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर समस्त थानाधिकारियों को क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों के संबंध में शिकायत प्राप्त होते ही अविलंब एफआईआर दर्ज कर दोषियों के विरुद्घ कड़ी कार्यवाही करने को निर्देशित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी सोसायटी द्वारा किसी निवेशक को भ्रामक जानकारी देकर जमाएं एकत्रित की जाती है तो ऐसी सोसायटी के खिलाफ जिले के जिला कलक्टर, पुलिस अधीक्षक, थानाधिकारी या उपरजिस्ट्रार को शिकायत दर्ज कराने के साथ ही संबंधित सोसायटी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही भी करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभागीय वेबसाइट पर भी निर्देश जारी किए हुए हैं।

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

 
HAFTE KI BAAT NEWS © 2013-14. All Rights Reserved.
Top