सड़क सुरक्षा को घर-घर की मुहिम बनायें - गृह मंत्री
जयपुर
तृतीय यू.एन. वैश्विक सड़क सुरक्षा सप्ताह 2015 के अन्तर्गत चाइल्ड एण्ड वुमैन सेफ्टी ऑन रोड्सÓÓ विषय पर सेन्टर फॉर रोड़ सेफ्टी एवं सेन्टर फॉर चाइल्ड प्रोटेक्शन व सरदार पटेल पुलिस विश्वविद्यालय जोधपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन गुरूवार को गृहमंत्री गुलाब चन्द कटारिया ने राजस्थान पुलिस अकादमी जयपुर के ऑडिटोरियम में किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरदार पटेल पुलिस विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलपति एम.एल.कुमावत ने की।
कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए गृह मंत्री कटारिया ने कहा कि केन्द्र सरकार से सड़क सुरक्षा बिल पारित होने के पश्चात् इसे राजस्थान में भी सख्ती से लागू किया जायेगा, राज्य सरकार द्वारा सड़क सुरक्षा को अपने पाठयक्रम में जोड़ दिया है। सड़क पर सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है। मनुष्य का दिल और दिमाग ठीक नहीं होगा, तब तक यह अभियान सफल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि दुर्घटना करने वाला उतना ही जिम्मेदार हैै, जितना मर्डर करने वाला होता है। कानून की पालना करना बहुत जरूरी है, अगर कोई नहीं मानता है तो उसे कठोर दण्ड दिया जाना चाहिए। सड़क सुरक्षा के लिए कानून बने और जन-जागृति में अभिभावकों के साथ बच्चों को भी जोड़े। इस विषय को घर-घर का विषय और मुहिम बनाने की आवश्यकता है। 
उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिवर्ष 10 हजार दुर्घटनाएं होती हैं, लापरवाही करने वाले लोग निर्दोष लोगों को मौत की नींद सुला देते हैं, जबकि राज्य में प्रतिवर्ष 1500 हत्या के केस रजिस्टर्ड किये जाते हैं। वही परिवार जानता है, जिसके साथ यह दुर्घटना होती है। गलती कोई करता है और दण्ड दूसरों को भुगतना पड़ता है। सड़क सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री द्वारा 800 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। सड़क दुर्घटना एक चुनौति है। इस चुनौती का सामना पुलिस एवं अन्य विभाग को मिलकर करना होगा, तभी इसका समाधान निकाला जा सकेगा।
सरदार पटेल पुलिस विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलपति एम.एल.कुमावत ने कहा कि हमारा मुख्य ध्येय राज्य के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा प्रदान करना है। विकसित देशों में अच्छी योजनाओं के क्रियान्वयन से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है,उसी प्रकार यहां भी कार्य योजना बनाकर शिक्षण संस्थाओं, एनजीओ एवं सरकारी विभाग के साझा प्रयासों द्वारा दुर्घटना में कमी लाई जायेगी।
सरदार पटेल पुलिस विश्वविद्यालय जोधपुर के उप कुलपति डॉ. भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि इस कार्यशाला में राज्य के विभिन्न विभागों के साथ 12 राज्यों के 392 प्रतिनिधि शामिल हुए । पुलिस विश्वविद्यालय में जब से रोड सुरक्षा का पाठयक्रम शामिल किया गया है, तब से राज्य में 393 प्रशिक्षक तैयार किये जा चुके हैं। इनके द्वारा 7700 नागरिकों को सड़क सुरक्षा एवं नियम पालन की जानकारी दी गई। इस कार्यशाला में जो सुझाव आये हैं, उनकी कार्य योजना तैयार कर राज्य सरकार को प्रस्तुत की जायेगी। साथ ही नर्सरी से ही सभी विद्यालयों व कालेजों में सड़क सुरक्षा एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए योजना बनाई जायेगी। हमें नये नवाचार अपनाने होंगे। उन्होंने ड्राइवरों को प्रशिक्षण दिलाने पर भी बल दिया।
यूनीसेफ के राज्य प्रमुख सैमुयल एवं चाइल्ड प्रोटेक्शन अधिकार के संजय निराला, पुलिस उपायुक्त यातायात हैदर अली जैदी,पी.डब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियन्ता राजीव अग्रवाल,वल्र्ड बैंक के कृष्ण श्रीनिवासन,सवाईमानसिंह अस्पताल के प्रोफेसर वी.डी.सिन्हा, सड़क परिवहन के सूर्य प्रताप राजावत ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किये। 
कार्यशाला दौरान स्कूल एवं कॉलेज के छात्र-छात्राओं के मध्य चित्र कला एवं निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। विजेताओं को गृहमंत्री द्वारा नकद पुरस्कार एवं प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया।
अन्त में सेन्टर फोर रोड सेफ्टी के सेन्टर को-ऑर्डिनेटर प्रेरणा सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समापन अवसर पर महानिदेशक पुलिस मनोज भट्ट, अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस,यातायात पी.के व्यास, राजस्थान पुलिस अकादमी के निदेशक बी.एल सोनी आदि उपस्थित थे।

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