तीन दिन चलेगा उत्सव ,सभी प्रषासनिक तैयारियाँ पूर्ण
जैसलमेर
जैसलमेर में पर्यटन विभाग एवं जिला प्रषासन के संयुक्त तत्वावधान में 1 से 3 फरवरी तक तीन दिवसीय जग विख्यात मरु महोत्सव की धूम रहेगी। मरु महोत्सव को लेकर सभी प्रषासनिक तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं।
मरु महोत्सव के दौरान तीनों दिवस विभिन्न अँचलों के ख्यातनाम लोक कलाकारों ,पष्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर के विख्यात कलाकारों द्वारा प्रथम दिवस भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम पेष किए जाएगें। जैसलमेर शहर को साफ-सुथरा कर संवारा गया है तथा एतिहासिक पर्यटन स्थलों पर रंगीन रौषनी की गयी है। दुनिया भर में मषहूर महोत्सव के आयोजन को देखने सालाना हजारों देषी-विदेषी सैलानियों का जमघट लगता हैं।

सोनार दुर्ग से निकलेगी भव्य शौभा यात्रा

जिला कलक्टर एन.एल.मीना ने बताया कि जैसलमेर में आयोजित होने वाले मरु महोत्सव को लेकर सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई है। पर्यटन स्वागत केन्द्र के सहायक निदेषक विकास पंडया ने बताया कि तीन दिवसीय मरु महोत्सव की श्रृंखला में 1 फरवरी ,रविवार को प्रातः 9 बजे जिला कलक्टर एन.एल.मीना सोनार दुर्ग के प्रवेष द्वार से प्रारम्भ होने वाली भव्य शौभा यात्रा को हरी झण्डी दिखा कर रवाना करेगें एवं प्रातः 11ः00 बजे शहीद पूनमसिंह स्टेडियम जैसलमेर में सुविख्यात मरु महोत्सव का आगाज होगा।

शौभा यात्रा के ये बढ़ाएगें शौभा

इस शौभा यात्रा में सबसे आगे पर्यटन विभाग का बैनर रहेगा, बांकिया वादन, शोभा यात्रा में सीमा सुरक्षा बल के सजेधजे ऊँट , मरुश्री , सिर पर मंगल कलष धारण किए हुई स्कूल छात्राएँ , रंग बिरंगी पौषाकों में आँगनवाड़ी कार्यकर्ता , ऊँट व ऊँटगाड़ों पर मूमल-महेन्द्रा की सजी हुई झांकियों के साथ ही पर्यटन विभाग द्वारा आमंत्रित लोककलाकारों के कला का प्रदर्षन ,नृत्य एवं पारम्परिक वेषभूषा में जैसलमेर के वाषिंदे शामिल होगें। यह शौभा यात्रा शहीद पूनमसिंह स्टेडियम पहुंचेगी।

पहले दिन स्टेडियम में होगी ये प्रतियोगिताएँ
उद्घाटन के बाद साफा बांध प्रतियोगिता देषी एवं विदेषी , मूमल -महेन्द्रा ,मूँछ प्रतियोगिताओं के साथ ही महोत्सव की सबसे आकर्षक मिस्टर डेजर्ट -2015 एवं मिस मूमल -2015 प्रतियोगिता होगी।

जाॅनी लाफ्टर रवीन्द्र का हास्य प्रद शो होगा सांस्कृतिक संध्या में
शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में पहले दिवस सायं 7ः30 बजे पष्चिमी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केन्द्र उदयपुर के ख्यातनाम लोक कलाकारों द्वारा सिद्धि धमाल, दीप नृत्य, बारा जिले के सहरियां आदिवासियों द्वारा होली पर्व पर किया जाने वाला सेहरिया स्वांग, डाॅक्टर विजय सिद्धा जयपुर द्वारा केहरवां एवं विभिन्न अँचलों के कलाकारों द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम पेष किया जाएगा।

सोमवार को डेडानसर मैदान में आकर्षक होगा केमल टेंटू शाॅं
मरु महोत्सव के दूसरे दिवस 2 फरवरी ,सोमवार को प्रातः 9ः00 बजे से दोपहर 1ः30 बजे तक देदानसर मैदान में कार्यक्रमों की धूम रहेगी एवं दूसरा दिन रेगिस्तान के जहाज के नाम होगा। दूसरे दिवस देदानसर मैदान में ऊँट श्रृंगार ,षान -ए-मरुधरा , रस्सा-कस्सी देषी व विदेषी पुरुष व महिलाओं के मध्य ,पणिहारी मटका रैस देषी व विदेषी महिलाओं के मध्य प्रतियोगिताएँ आयोजित होगी। इसके बाद कैमल पोलो मैंच व कैमल रैस का आयोजन होगा। इस बार यहां पर सीमा सुरक्षा बल द्वारा रोचक एवं आकर्षक केमल टेंटू शाॅ का आयोजन होगा। यहाॅं पर भारतीय वायु सेना द्वारा के जांबाजो द्वारा एयर वारियर ड्रील एवं आकाष गंगा पैरा ड्राॅपिंग जैसे रोचक कार्यक्रम होंगे।

दूसरे दिवस भी सांस्कृतिक कार्यक्रमो की रहेगी धूम
मरू महोत्सव के दूसरे दिवस सोमवार को सायं 7ः30 बजे से 9ः30 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रहेगी एवं इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जोधपुर के एनआईएफडी इंस्टीट्युट के 50 छात्र छात्राओं द्वारा राजस्थान के पारम्परिक वेषभूषा में फैषन शो का प्रदर्षन किया जायेगा। वहीं ख्यातनाम कलाकार अषोक शर्मा भरतपुर द्वारा मयूर नृत्य, जैसलमेर के ख्यातनाम कलाकार तगाराम भील द्वारा अलगोजा वादन, पादरला की दुर्गा देवी द्वारा तेरह ताली, जोधपुर के ख्यातनाम कलाकार पाष्र्वनाथ द्वारा कालबेलियां नृत्य आकर्षक के केन्द्र होगें।

मंगलवार को सम के रेतीले धोरों पर होगा धमाल , महोत्सव का होगा समापन

तीन दिवसीय मरु महोत्सव के तीसरे एवं अंतिम दिन 3 फरवरी ,मंगलवार को अपरान्ह 3 बजे से सायं 6 बजे तक सम के लहरदार रेतीले धौरों पर पतंगबाजों द्वारा रंग-बिरंगी पतंग -षौ का प्रदर्षन किया जाएगा। वहीं अपराह्रन 4ः30 बजे से 5ः30 बजे तक रोचक ऊॅट दौड का आयोजन होगा। वहीं लहरदार रेतीले धौरों पर सायं 6ः00 बजे ख्यातनाम कलाकारों द्वारा भव्य सांस्कृकि सांस्कृतिक कार्यक्रम पेष किया जाएगा। इसमें बाडमेर के ख्यातनाम कलाकार स्वरूप पंवार द्वारा जवाई जी पावना, अलवर की सुषीला देवी द्वारा खारी नृत्य, जैसलमेर के क्वीन हरीष द्वारा भव्य नृत्य पेष किया जायेगा। वहीं भव्य आतिषबाजी के साथ मरु महोत्सव का समापन होगा।

इससे पूर्व देषी-विदेषी पर्यटक प्राचीन एतिहासिक गांव कुलधरा व खाभा में ग्रामीण संस्कृतिक रुबरु हो सकेगें।
जैसलमेर का जग विख्यात तीन दिवसीय मरु महोत्सव अपनी अलग पहचान रखता हैं ओर इसमें बड़ी संख्या में देषी-विदेषी मेहमानों का सैलाब उमड़ता हैं। मरु महोत्सव की तैयारियों के लिए जिला प्रषासन के अधिकारी, सहायक पर्यटन अधिकारी चीमाराम प्रजापत के साथ ही सम विकास समिति के सदस्य भी जुटे हुए है।

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