दस्त एवं निर्जलीकरण के प्रबन्धन हेतु आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन
बाड़मेर 
अधिकांशतय बच्चे गर्मी एवं बारिश के मौसम में दस्त रोग से अधिक पीडि़त होते है जिनमे से 0 से 5 वर्ष तक के लगभग 11 प्रतिशत बच्चों की दस्त रोग के कारण मृत्यु हो जाती है। कुपोषित बच्चे अथवा चिकित्सा संस्थान तक नही पहुचने वाले बच्चे दस्त रोग के कारण होने वाले निर्जलीकरण से अधिक प्रभावित होते है। दस्त से होने वाली सभी मृत्युओं का बचाव एवं उपचार ओ.आर.एस., जिंक तथा पोषक तत्वों के उपयोग से आसानी से किया जा सकता है यह बात डाॅ. नवनीत दाधीच ने केयर इण्डिया एवं केयर्न इण्डिया के सहयोग से आयोजित दस्त रोग रोकथाम अभियान के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सरणू पर आयोजित कार्यक्रम में कही।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केयर्न इण्डिया के सुन्दर राजन नायडू ने बताया की केयर्न इण्डिया जिले की मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिये केयर इण्डिया के साथ विभिन्न तरह के कार्यक्रम आयोजित करेगी। जिसमें मुख्यतः स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास के कार्यकत्र्ताओं का आमुखीकरण एवं किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर आधारित होगें।
केयर इण्डिया के परियोजना अधिकारी संजय कुमार ठाकर ने बताया की यह जागरुकता कार्यक्रम केयर इण्डिया एवं केयर्न इण्डिया द्वारा स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सरणू सेक्टर की प्रसाविकाए, आशा सहयोगिनी एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्र्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के अन्त में प्रश्नोत्तरी का आयोजन कर विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किये।इस कार्यक्रम में केयर इण्डिया के सन्तोष पाढी एवं जी.एच.एस. संस्थान के अमित शर्मा ने भी स्वास्थ्य जागरुकता के बारे मेें प्रतिभागियों को सम्बोन्धित किया।

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