
डूडी पर जताया सोनिया ने भरोसा, बनाया नेता प्रतिपक्ष
नई दिल्ली/जयपुर।
नोखा से कांगे्रस विधायक रामेश्वर डूडी राज्य विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता होंगे। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में उनके नाम को हरी झंडी दे दी। पिछले हफ्ते विधायकों से विधायक दल नेता पद को लेकर राय ली गई थी, जिसकी रिपोर्ट प्रदेश प्रभारी गुरूदास कामत ने सोनिया गांधी को सौंपी थी।
दरअसल, प्रदेश अध्यक्ष पद पर सचिन पायलट की नियुक्ति के बाद यह लगभग तय माना जा रहा था कि विधायक दल के नेता का पद जाट समुदाय के किसी नेता को मिलेगा। बीकानेर से सांसद व जिला प्रमुख रह चुके डूडी पहली बार विधायक चुने गए हैं और उन्हें पहली बार में ही यह पद मिल गया है। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस ने युवाओं को मौका दे कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की है।
नारायण भी थे रेस में
रेस में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नारायण सिंह और डूडी थे। सोनिया ने डूडी के नाम पर मोहर लगाई। पार्टी पहली बार राजस्थान में गूर्जर-जाट का तालमेल बना लोकसभा चुनाव में उतरेगी।
14वीं विस का आगाज
नई विधानसभा का पहला सत्र मंगलवार से शुरू हो गया। सत्र के प्रोटेम स्पीकर कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक प्रघुम्न सिंह बन। उन्होंने नए सदस्यों को शपथ दिलाई। नए सदस्यों के शपथ ग्रहण के अलावा विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव, राज्यपाल का अभिभाषण और उस पर बहस भी शुरू हुई।
हम 200 के बराबर
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद डूडी ने कहा कि सदन में हमारी संख्या भले ही 21 ही हो, लेकिन हम 200 के बराबर साबित होंगे। कांग्रेस विधानसभा में आम जनता से जुड़े मुद्दे पुरजोर ढंग से उठाएगी। रामेश्वर डूडी (नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद राजस्थान पत्रिका से बातचीत में बोले)
वेबसाइट पर हुआ सीधा प्रसारण
विधानसभा में विधायकों का शपथ ग्रहण, विधानसभाध्यक्ष का निर्वाचन और राज्यपाल के अभिभाषण का इंटरनेट के माध्यम से सीधा प्रसारण हुआ। विधानसभा के विशिष्ट सचिव पी. के. शास्त्री ने बताया कि वेबकास्टिंग राजस्थान विधानसभा की साइट ड्ब्ल्यूड्ब्ल्यूड्ब्ल्यूडॉटराजअसेम्बलीडॉटनिकडॉटईन पर 21 से 23 जनवरी तक की जाएगी।
दो बिल आ सकते हैं
सुनवाई का अधिकार अधिनियम में संशोधन और जोबनेर विश्वविद्यालय के नाम परिवर्तन सम्बन्धी विधेयक इस सत्र में लाए जा सकते हैं। इसके अलावा फरवरी अंत तक लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने की सम्भावना को देखते हुए सरकार खर्चे के लिए लेखानुदान पारित करवा सकती है। यह काम 29 जनवरी के बाद ही होगा। इसके लिए 29 से पहले कार्य सलाहकार समिति की बैठक हो सकती है, क्योंकि समिति की बैठक में ही विधायी कार्य तय हो सकते हैं। बजट सत्र लोकसभा चुनाव के बाद ही बुलाए जाने की सम्भावना है।
यह रहेगा कार्यक्रम
21 और 22 को नए विधायकों की शपथ।
22 को ही नए विधानसभाध्यक्ष का निर्वाचन।
23 को राज्यपाल का अभिभाषण।
24 से राज्यपाल के अभिभाषण
पर प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस शुरू होगी, जो 29 जनवरी तक चलेगी।
29 को सरकार की ओर से जवाब दिया जाएगा। इस बीच 25 एवं 26 जनवरी को अवकाश रहेगा।
29 के बाद विधानसभा चलेगी या नहीं। इसका निर्णय कार्य सलाहकार समिति की बैठक में होगा।
राज्यपाल ने प्रद्युम्न सिंह को दिलाई प्रोटेम स्पीकर की शपथ
राज्यपाल मार्गेट आल्वा ने सोमवार को वरिष्ठ विधायक प्रद्युम्न सिंह को चौदहवीं विधानसभा के अध्यक्ष का निर्वाचन किए जाने तक सामयिक अध्यक्ष (प्रोटेम स्पीकर) की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व सीएम अशोक गहलोत भी मौजूद थे।
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