कैंसर के आगे चट्टान की तरह खड़ी हो गईंकैंसर के आगे चट्टान की तरह खड़ी हो गईं

सही मायने में ये तीनों हैं सुपरवूमन। दो ने अपनी बीमारी पर जीत पाई। तीसरी ने अपने बेटे को दी लड़ने की असली ताकत। 

कृष की दिलेर बहन 

ऋतिक रोशन फिल्मी सुपरहीरो हैं। पांच साल पहले उनकी दिलेर बहन सुनैना काल से लड़ीं। गर्भाशय कैंसर की एक साल चली कीमोथैरेपी के बाद आज वे स्वस्थ हैं। उनके वैवाहिक जीवन में भी परेशानियां रहीं और तलाक हो गया। इस संघर्ष को देश की 11 प्रेरक कहानियों में शामिल है। 

कैंसर योद्धा मनीषा

गर्भाशय कैंसर से जंग लड़ने वाली अभिनेत्री मनीषा कोइराला को कैंसर पीडित शब्द से नफरत है। वे चाहती हैं कि उन्हें पीडित की बजाय कैंसर योद्धा कहा जाए यह उन्हें लड़ने की ताकत देता है। कैंसर का मतलब मौत नहीं है। उनका भी वैवाहिक जीवन डावांडौल रहा पर वे हारी नहीं। 

युवी की फाइटर मां 

क्रि केटर युवराज सिंह की मां शबनम बेटे के कैंसर के समय हमेशा उनके साथ रहीं। ठीक होने के बाद इलाज के दिनों को याद करते हुए युवराज ने कहा था कि उनकी असली ताकत मां ही बनीं। वे उनके सामने कभी नहीं रोई। उन्हें युवी द फाइटर मां ने बनाया।

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

 
HAFTE KI BAAT © 2013-14. All Rights Reserved.
Top