आसाराम समर्थकों का मीडिया पर हमला 
भोपाल/इंदौर/जोधपुर। 
नाबालिग लड़की के शारीरिक शोषण के आरोपों के चलते गिरफ्तार होने की नौबत तक पहुंची आसाराम बापू के समर्थक शनिवार सुबह उग्र हो गए और मीडिया पर हमला बोल दिया। आसाराम की शीघ्र ही गिरफ्तारी की संभावना के बीच जोधपुर और इंदौर आश्रम में जमा हो रहे समर्थक सड़कों पर उतर आए हैं। इसी बीच जोधपुर में महिला समर्थकों ने आश्रम के बाहर जमा मीडिया कर्मियों पर हमला बोलते हुए उनके कैमरे तोड़ दिए। इस हमले में कई मीडियाकर्मियों को चोटें आई हैं।
asaram spporters attack on mediaजोधपुर पुलिस ने मीडियाकर्मियों की शिकायत पर 6 लोगों को हिरासत में लिया है। जबकि,आसाराम के समर्थकों की इस हरकत से स्थानीय लोगों में भी गुस्सा है और लोग आश्रम के बाहर जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया पर हमले की निंदा करते हुए कहा है कि पुलिस अपना काम करेगी। उधर,जोधपुर आश्रम इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है। 
उल्लेखनीय है कि संत आसाराम बापू शुक्रवार शाम से एक नाटकीय घटनाक्रम के बीच 'लापता' हो गए हैं। पूरे मामले को लेकर भोपाल, इंदौर और जोधपुर की पुलिस चौकन्नी है लेकिन उनके अधिकारियों का कहना है कि उन्हें भी आसाराम की लोकेशन का पता नहीं है। शुक्रवार रात पुलिस निरीक्षक भंवर सिंह के नेतृत्व में जोधपुर पुलिस की दो टीमें भोपाल और इंदौर के लिए रवाना हो गई। पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए जोधपुर लाएगी।


गिरफ्तारी पर नरम पड़ी जोधपुर पुलिस
पुलिस उपायुक्त अजयपाल लाम्बा ने बताया कि पुलिस को आसाराम की ओर से एक फैक्स मिला है और उन्होंने अपने पुत्र के ससुर के निधन और तबीयत खराब होने के कारण पुलिस के समक्ष पेश होने के लिए और समय चाहा है। लेकिन पुलिस ने और समय देने पर तुरंत विचार नहीं कर पुलिस टीम वास्तविक रूप से उनकी तबीयत खराब होने पर वह उनसे वहीं पूछताछ करेगी। 

उन्होंने कहा कि आसाराम पर लगे आरोपों के लिए अब उन्हें स्वयं अपने आपको निर्दोष साबित करना होगा। पुलिस टीम को पूछताछ के बाद आवश्यक लगा तो और समय देने पर विचार किया जाएगा। पुलिस ने अब तक की जांच में नाबालिग की ओर से आसाराम पर लगाए गए आरोपों को प्रमाणित माना है। 

मध्यप्रदेश पुलिस करेगी सहयोग,गिरफ्तारी संभव
भोपाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि देर शाम के बाद से उन्हें संत आसाराम के बारे में कुछ भी पता नहीं है और न ही राजस्थान की पुलिस ने उनसे किसी प्रकार का संपर्क किया है। अलबत्ता वहां की पुलिस कोई सहायता मांगेगी तो वह अवश्य मुहैया कराई जाएगी। उधर, इंदौर पुलिस के अधिकारियों ने देर शाम कहा कि संतआसाराम के भोपाल के पास बैरागढ में होने की अपुष्ट सूचनाएं हैं। जोधपुर पुलिस मप्र के किसी भी शहर में आकर आसाराम से पूछताछ कर सकती है। गिरफ्तारी के लिए स्थानीय पुलिस को सूचना देनी होगी। हालांकि यह जरूरी नहीं है लेकिन, आसाराम की गिरफ्तारी पर गतिरोध बन सकता है। जोधपुर पुलिस को केस डायरी और आसाराम से संबंधित पहचान के प्रमाण स्थानीय पुलिस को उपलब्ध कराने होंगे। 24 घंटे में कोर्ट में उन्हें पेश करना होगा। गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश करने के बीच यात्रा में लगने वाले समय की छूट मिलती है।


आसाराम को हाईकोर्ट से राहत नहीं 
आसाराम ने गिरफ्तारी से बचने के लिए शुRवार को गुजरात उच्च न्यायालय में ट्रांजिट जमानत याचिका दायर की थी। आसाराम के वकील ने अर्जी में कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल करने के लिए उन्हें सोमवार तक का समय दिया जाए। न्यायाधीश ए.जे. देसाई ने क्षेत्राधिकार का मामला बताते हुए आसाराम को किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया। इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने याचिका वापस ले ली।

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