गहलोत रविवार को करेंगे पोकरण फलसूण्ड लिफ्ट परियोजना का लोकार्पण


जैसलमेर-बाड़मेर जिले के तीन कस्बों व 580 गांवों को निहाल करेगी यह योजना
जैसलमेर, 31 अगस्त/दुनिया भर में परमाणु परीक्षण के लिए प्रसिद्ध शक्तिस्थल पोकरण क्षेत्र के लिए रविवार का दिन विकास का नया सूरज उगाने जा रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रविवार को हिमालय के पानी का पोकरण की धरती पर आवाहन करते हुए इससे जुड़ी बहुद्देशीय एवं महत्वाकांक्षी योजना का लोकार्पण एवं षिलान्यास कर राजस्थान में पेयजल सुविधाओं में विस्तार के क्षेत्र में स्वर्णिम इतिहास रचेंगे।
बाड़मेर एवं जैसलमेर जिले के तीन कस्बों एवं 580 गांवों को इंदिरा गांधी नहर परियोजना से हिमालय का मीठा पानी उपलब्ध करवाने के लिए स्वीकृत की गई पोकरण- फलसूण्ड-बालोतरा- सिवाना पेयजल लिफ्ट परियोजना के प्रथम चरण का कार्य-पूर्ण हो गया है एवं पोकरण से चार किलोमीटर दूर बीलिया हैडवक्र्स पर हिमालय का नीर पहुंच गया है।
पोकरण क्षेत्र के वांसियो की वर्षो पुरानी मीठे पानी का आस राज्य सरकार के सतत् प्रयासों से फलीफूत होने जा रही है एवं पोकरण नगर के 25 प्रतिषत भाग में बीलिया पेयजल योजना से प्रायोगिक तौर पर 5 लाख लीटर मीठे पानी की सप्लाई भी की गई है।
मुख्यमंत्री अषोक गहलोत रविवार, 1 सितम्बर को पोकरण बीलिया हैडवक्र्स पर नाचना से बीलिया तक मुख्य ट्रांसमिषन पेयजल परियोजना का विधिवत् लोकार्पण कर जनता की मीठे पानी की मुराद को पूरी करेंगे।
इस पेयजल वृहत परियोजना को शुरू करने के लिए 966.77 करोड रूपये की वित्तीय एवं प्रषासनिक स्वीकृति जारी की गई थी तथा राज्य सरकार द्वारा इस योजना के लिए 23 नवम्बर 2013 को 1454.20 करोड रूपये की संषोधित वित्तीय एवं प्रषासनिक स्वीकृति जारी की गई। वर्ष 2008 में इंदिरा गांधी मुख्य नहर की आरडी 1253.5 नाचना से कार्य का शुभारंभ किया गया।
पोकरण-फलसूण्ड लिफ्ट योजना का अधिकांष कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इस योजना पर अब तक 457.023 करोड रूपये व्यय किये जा चुके है। इस येाजना में 327.76 करोड रूपये एस.पी.आर 1 का कार्य, 28.39 करोड एस.पी.आर 2 ब का कार्य एवं 20.92 करोड एसपी आर 3 ब के कार्य पर राषि खर्च की जा चुकी है। इस योजना में अब तक स्लैव कार्य के केमिकल हाउस, क्लोरिन हाउस, क्लोरिन स्टोरजे का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। रि-साईकिल टेंक स्लज थिकनर, स्लज ड्राईग बैड, स्वच्छ जलाषय, राॅ-पम्पिंग स्टेषन का कार्य भी लगभग पूर्णता की ओर है।

2023 तक की जनसंख्या के आधार पर की गई पेयजल व्यवस्था

इस पोकरण-फलसूण्ड-बालोतरा-सिवाना लिफ्ट परियोजना के अन्तर्गत वर्ष 2023 तक बढने वाली जनसंख्या की मांग को देखते हुए इस परियोजना का निर्धारिण किया गया है। जिसके अन्तर्गत 125 एमएलडी पानी के स्टोरज व उसकी आपूर्ति की व्यवस्था सुनिष्चित की गई है। जिसमें बाडमेर जिले के 403, जैसलमेर जिले के 177 गांवों तथा जिले के पोकरण शहर एवं बाडमेर जिले के बालोतरा व सिवाना शहर को हिमालय का मीठा पानी उपलब्ध कराया जायेगा।

इस परियोजना के अन्तर्गत एसपीआर-2 अ बीलिया से संतरा-भाकरी तक पेयजल ट्रांसमिषन मेन परियोजना के तहत 14 सितम्बर 2012 को 230.98 करोड के निर्माण कार्य स्वीकृत किये गये। इसी प्रकार एसपीआर- 2 ब संतरा-भाकरी से सिवाणा एवं सिणधरी तक पेयजल पाईप लाईन एव अन्य कार्य के लिए 14 सितम्बर 2012 को 187.01 करोड रूपये स्वीकृत किये गये।

इस परियोजना में एस.पी.आर 3 में पोकरण तहसील के 71 गांवों की कलस्टर पेयजल योजना के लिए राज्य सरकार ने 24 सितम्बर 2012 को 111.95 करोड रूपयें स्वीकृत किये गये। इस योजना 16 उच्च जलाषय एवं 5 पचिंग स्टेषन व कुल 731.285 किलोमीटर पाईप लाईन बिछाने का कार्य सम्मिलित है।

इसी प्रकार एसपीआर- 3 अ जिले की तहसील पोकरण के 106 गांवों की कलस्टर पेयजल योजना के लिए 143.50 करोड के कार्य आदेष जारी किये गये। इस योजना में 23 उच्च जलाषय एवं 8 पंचिग स्टेषन 5 कुल 751.332 किमी. पाईप लाईन बिछाने का कार्य सम्मिलित है।

परियेाजना में एस.पी.आर- 4 अ बाडमेर जिले के 234 गांवों की कलस्टर पेयजल योजना के लिए राज्य सरकार द्वारा 21 मई 2013 को 275.55 करोड रूपयें की स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार एसपीआर-4 ब में बाडमेंर जिले के 152 गांवों की कलस्टर पेयजल योजना के लिए सरकार द्वारा 18 जून 2013 को 369.96 करोड रूपयें की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

योजना में आरडब्ल्यूआर बिलिया पोकरण में 59943 लाख मीटर के लिए बांध उचाई में 2 निष्चित कर दिया गया है एवं डीपीआर तैयार कर ली गई है। पैकेज तकनीकी समिति द्वारा 21 मई 2013 को 31 करोड रूपये की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

इस प्रकार राज्य सरकार के सतत् प्रयासों से पोकरण-फलसूण्ड-बालोतरा-सिवाना पेयजल लिफ्ट परियोजना ने अपना मूर्त रूप ले लिया है। पोकरण क्षेत्र के वासियों के लिए यह योजना बरदान साबित होगी एवं आने वाले समय में पाईप लाईन एवं उच्च जलाषय व पंम्पिग स्टेषन के कार्य पूर्ण हो जाने पर तहसील पोकरण के 177 गांवों को हिमालय का मीठा पानी पीने को उपलब्ध होगा।

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