सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड खतरे में! 
मुंबई।
भारत में सचिन तेंडुलकर को भगवान का दर्जा प्राप्त है। क्रिकेट को धर्म मानने वाले इस देश में बहुत से ऎसे लोग हैं, जो सचिन के आउट होने के बाद आगे मैच देखना पसंद नहीं करते। सचिन के पास क्रिकेट की दुनिया के कई रिकॉर्ड हैं, लेकिन इनमें सबसे प्रमुख कीर्तिमान वनडे व टेस्ट में सर्वाधिक शतकों का है। 
सचिन वनडे से संन्यास ले चुके हैं, जबकि टेस्ट में उनका खेल जारी है। अब जब सचिन का कॅरिअर ढलान पर है तब क्रिकेट जगत में यह चर्चा आम है कि विश्व क्रिकेट में कोई ऎसा बल्लेबाज है जो सचिन तेंडुलकर के इन दोनों रिकॉर्ड को तोड़ सकता है। यदि हम आंकड़ों पर नजर डालें तो स्पष्ट दिखाई देता है कि भारत के ही युवा बल्लेबाज विराट कोहली और इंग्लैंड के एलिस्टेयर कुक जिस तरह से बल्लेबाजी कर रहे हैं उससे लगता है कि ये दोनों सचिन के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर सकते हैं। 
विशेषज्ञों का मानना है कि कोहली सचिन का वनडे शतक और कुक टेस्ट शतकों के रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। इन तीनों के कॅरिअर पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि कुक ने 21 वर्ष की आयु में टेस्ट क्रिकेट में आगाज किया, जबकि कोहली ने 19 वर्ष की उम्र में वनडे क्रिकेट में कदम रखा, जबकि सचिन तेंडुलकर दोनों प्रारूपों 16 वर्ष की उम्र से खेल रहे हैं। अब यहां बड़ा सवाल यह है कि कुक और कोहली अपनी वर्तमान फार्म के साथ कितने समय तक खेल सकते हैं। 
आंकड़े बताते हैं कि कुक ने औसतन प्रत्येक सात टेस्ट पारियों में से एक में शतक लगाया है। उन्होंने सात वर्षो में 167 टेस्ट पारियां खेली हैं, यानि प्रति वर्ष लगभग 24 पारियां। दूसरी तरफ सचिन ने प्रति वर्ष 14 पारियां ही खेली हैं, जो कि कुक से 10 पारी कम है। दोनों के बीच यह तुलनात्मक अध्ययन बताता है कि कुक को सचिन तेंडुलकर के 51 टेस्ट शतकों के रिकॉर्ड को पार करने के लिए अभी 174 पारियां खेलनी होगी। वर्तमान 24 पारी प्रतिवर्ष के हिसाब से कुक अगले सात वर्षो में सचिन के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर सकते हैं। उस समय कुक की उम्र 35 वर्ष होगी। कुक अभी 28 वर्ष के हैं और यह कहा जा सकता है कि उन्होंने अपने कॅरिअर की आधी पारी खेल ली है। यदि इसी को ही डबल कर दिया जाए तो कुक के टेस्ट रनों की संख्या 15 हजार के पार होगी।
कुक ने अपनी बेहतरीन तकनीक से दुनिया के सभी क्षेत्रों में रन बनाए हैं। अभी भारत में हुई टेस्ट श्ृंखला में उन्होंने तीन शतक लगाए थे। क्रिकेट के इस लंबे संस्करण में कुक ने जिस तरह से सफलता हासिल की है उससे सचिन के प्रशंसकों के पास चिंतित होने के पर्याप्त कारण हैं। यदि वनडे आंकड़ों की बात की जाए तो सचिन के लिए सबसे बड़ा खतरा कोहली ही हैं। भारत दुनिया के दूसरे देशों के मुकाबले औसतन ज्यादा एकदिवसीय मैच खेलता है। कोहली का वनडे कॅरिअर अभी सिर्फ 106 पारियों का है, लेकिन इन पांच वर्षो में ही उन्होंने 15 शतक जड़ दिए हैं। 
यदि इसी आंकड़े को हम आगे बढ़ाएं तो पता चलता है कि उन्होंने प्रति वर्ष 21 पारियां खेली हैं। इस हिसाब से उन्हें सचिन को 49 शतकों के रिकॉर्ड को पार करने में 11 वर्ष लग जाएंगे। उस समय उनकी उम्र लगभग 35 वर्ष होगी। कोहली के पक्ष में एक तथ्य यह भी है कि अर्घशतक को शतक में तब्दील करने के मामले में कोहली सबसे आगे हैं। उन्होंने दो हजार से अधिक रन शतक व अर्घशतकों से बनाए हैं। 
यदि कोहली अपने वर्तमान प्रदर्शन को बरकरार रखते हैं तो उम्मीद की जा सकती है कि वे अपने हीरो को चुनौती दे सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें खुद को चोटों से बचाना होगा। उम्मीद है कि धोनी के रिटायर होने के बाद कोहली ही भारत के कप्तान बनेंगे। उस समय यह देखना दिलचस्प होगा कि वे दबाव को किस तरह नियंत्रित करते हैं। तेंडुलकर ने सभी परिस्थितियों में स्वयं को साबित किया है। इन दोनों बल्लेबाजों को छोड़कर कोई अन्य बल्लेबाज ऎसा दिखाई नहीं देता, जो कि उनके आसपास भी आ सके।

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