79 की उम्र में मंत्री ने करा यौन शोषण! 
भोपाल। 
मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री राघवजी ने शुक्रवार को अचानक घटित हुए घटनाक्रम के बीच मंत्री पद से अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंप दिया। 
मालूम हो कि लगभग 79 वर्षीय राघवजी के बंगले पर लगभग तीन साल तक काम कर चुका तीस वर्षीय एक व्यक्ति लगभग साढे दस बजे हबीबगंज थाने पहुंचा और उसने एक लिखित में आवेदन पेश किया।
इसमें आरोप लगाया गया है कि राघवजी उसका यौन शोषण करते हैं। इस घटनाक्रम के बाद वरिष्ठ अधिकारी भी सक्रिय हुए और फिलहाल पुलिस ने आवेदन जांच में ले लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार संबंधित कर्मचारी का मेडिकल परीक्षण भी कराया जाएगा।
उधर,राघवजी का कहना है कि उन पर लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद हैं, उन्हें इस मामले में फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने आरोप लगाने वाले गरीब लड़के की कई बार मदद की और उसने यह सिला दिया। 
वहीं आरोप लगाने वाले लड़के(नौकर) का कहना है कि राघवजी ने सरकारी नौकरी के बहाने उसके साथ यौन दुराचार किया, नौकर के मुताबिक, वित्तमंत्री के अलावा दो सहयोगी भी इस घिनौने काम में शामिल हैं। सबूत के तौर पर उसने पुलिस को एक सीडी दी है जिसे राघवजी के पुराने नौकर ने बनाया है।
इस घटना के बाद मीडिया भी सक्रिय हुआ और कुछ ही देर में राघवजी ने मंत्री पद से त्यागपत्र सौंप दिया। सूत्रों ने कहा कि इस कथित विवादास्पद प्रकरण के सामने आने के बाद भाजपा संगठन ने भी राघवजी से त्यागपत्र देने के लिए कहा। 
यह मामला कथित तौर पर यौन प्रताडना से जुड़ा बताया जा रहा है हालाकि पुलिस प्रशासन और जिम्मेदार नेता इस संबंध में कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। विदिशा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले राघवजी के अचानक इस्तीफे के कारण मध्यप्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। 
सूत्रों ने कहा कि वित्त मंत्री का त्यागपत्र मुख्यमंत्री चौहान ने तत्काल स्वीकार कर लिया। बताया गया है कि मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव त्यागपत्र स्वीकार करने के चौहान की सिफारिश संबंधी पत्र के साथ लगभग सवा बारह बजे राजभवन पहुंचे और उन्होंने यह सभी दस्तावेज राज्यपाल को सौंप दिए। सूत्रों ने कहा कि राज्यपाल ने भी सिफारिश के अनुरूप त्यागपत्र स्वीकार कर लिया। 
राज्य में इस वर्ष के अंत में विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच सत्तरूढ भाजपा को यह घटनाक्रम किसी झटके से कम नहीं है। राघवजी पिछले नौ वर्षो से वित्त मंत्री पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 
वहीं सोमवार से राज्य विधानसभा का पावस सत्र भी प्रारंभ हो रहा है और यह मौजूदा विधानसभा का अंतिम सत्र हो सकता है। इस सत्र में राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने कीविपक्ष की तैयारियों के बीच मानो इस्तीफे के जरिए कांग्रेस को एक और मुद्दा मिल गया है।
इस बीच कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी रामेश्वर नीखरा और एक अन्य उपाध्यक्ष मानक अग्रवाल ने राघवजी के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। 
नीखरा ने कहा कि इस घटनाक्रम के मद्देनजर राज्य की भाजपा सरकार को नैतिकता के आधार पर तत्काल त्यागपत्र दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राघवजी जैसे मंत्रियों के कारण ही राज्य की स्थिति खराब हुई है।

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

 
HAFTE KI BAAT © 2013-14. All Rights Reserved.
Top