भारत ने वेस्ट इंडीज को 102 रन से धोया
पोर्ट ऑफ स्पेन। कप्तान विराट कोहली की शानदार शतकीय पारी और उसके बाद भुवनेश्वर कुमार व उमेश यादव की घातक गेंदबाजी की बदौलत टीम इण्डिया ने त्रिकोणीय सीरीज के "करो या मरो"के मुकाबले में वेस्ट इंडीज को 102 रन से हरा दिया।
इस जीत के साथ ही टीम इण्डिया की फाइनल में पहुंचने की उम्मीद जिंदा हो गई है। लगातार दो हार से बैकफुट पर पहुंचे भारत को फाइनल में पहुंचने के लिए मेजबान वेस्टइंडीज को हर हाल में हराना था। वेस्टइंडीज इस समय नौ अंक लेकर चोटी पर बना हुआ है। श्रीलंका के पांच अंक हैं। इन दोनों टीमों ने एक-एक मैच बोनस अंक के साथ जीता है।
टीम इण्डिया की जीत में कप्तान विराट कोहली का अहम योगदान रहा,जिन्होंने 83 गेंदों में 13 चौके और दो छक्के की मदद से 102 रन बनाए। शिखर धवन ने 69 और रोहित शर्मा ने 46 रन का योगदान दिया। भुवनेश्वर कुमार और उमेश यादव ने शानदार गेंदबाजी का मुजायरा पेश करते हुए तीन-तीन विकेट लिए। इशांत शर्मा और रविन्द्र जडेजा को दो-दो विकेट मिले।
वेस्ट इंडीज ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा और शिखर धवन ने धमाकेदार अच्छी शुरूआत की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 123 रन जोड़े। केमर रोच ने धवन को ब्रावो के हाथों कैच करवाकर भारत को पहला झटका दिया। धवन ने 77 गेंदों में दो छक्के और 8 चौके की मदद से 69 रन बनाए।
दूसरा विकेट रोहित शर्मा के रूप में गिरा। टिनो बेेस्ट ने रोहित को रामदीन के हाथों कैच करवाया। रोहित ने 78 गेंदों में पांच चौके की मदद से 46 रन बनाए। रोहित के आउट होने के बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई। सुरेश रैना और दिनेश कार्तिक के विकेट जल्द ही गिर गए। मार्लन सैम्युल्स ने रैना को डेरेन सामी के हाथों कैच करवाकर भारत को तीसरा झटका दिया। रैना ने 14 गेंदों में एक छक्के की मदद से 10 रन बनाए। टिनो बेस्ट ने कार्तिक को रामदीन के हाथों कैच करवाया। कार्तिक सिर्फ 6 रन ही बना पाए।
इसके बाद कोहली और मुरली विजय ने पांचवे विकेट के लिए सिर्फ 4.4 ओवर में 44 रनों की तेज तर्रार साझेदारी की। जब लगने लगा कि दोनों टीम को बड़े स्कोर की ओर ले जाएंगे तभी मुरली पोलार्ड की गेंद पर जॉनसन चार्ल्स को कैच थमा बैठे। मुरली ने 18 गेंदों में पांच चौके की मदद से 27 रन बनाए। इसके थोड़ी देर बाद ही रविन्द्र जडेजा 2 रन बनाकर रन आउट हो गए।
उस वक्त लगा कि टीम इण्डिया बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाएगी क्योंकि भारत ने 221 के स्कोर पर 6 विकेट खो दिए थे लेकिन अश्विन ने कप्तान का पूरा साथ दिया। सातवें विकेट के लिए अश्विन और कोहली के बीच 90 रन की साझेदारी हुई। इसी दौरान कोहली ने वनडे में अपना 14 वां शतक भी पूरा किया। 40 वें ओवर तक भारत का स्कोर 210 रन था।
अगले 10 ओवर में भारत ने 101 रन बनाए। अश्विन ने 18 गेंदों में नाबाद 25 रन बनाए। 50 वें ओवर की आखिरी गेंद पर कोहली आउट हुए। वेस्ट इंडीज की ओर से बेस्ट ने 2 विकेट लिए। डेरेन सामी,केमर रोच,सैम्युल्स,पोलार्ड और ब्रावो को एक-एक विकेट मिला। जीत के लिए 312 के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्ट इंडीज की शुरूआत काफी खराब रही। उसने 25 के स्कोर पर ही दो विकेट खो दिए।
दोनों विकेट भुवनेश्वर कुमार ने लिए। कुमार ने पहले क्रिस गेल को अपना शिकार बनाया। गेल 10 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद भुवनेश्वर ने ब्रावो का विकेट चटकाया। ब्रावो सिर्फ एक रन ही बना पाए। 10 ओवर पूरे होने पर बारिश आ गई। उस वक्त वेस्ट इंडीज का स्कोर दो विकेट के नुकसान पर 56 रन था। जॉनसन 33 और सैम्युल्स 5 रन बनाकर खेल रहे थे।
दोबारा मैच शुरू होने पर वेस्ट इंडीज को 39 ओवर में जीत के लिए 274 रन का लक्ष्य दिया गया लेकिन जॉनसन को छोड़कर कोई बल्लेबाज नहीं चल पाया और वेस्ट इंडीज 102 रन से हार गई।
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