तेलंगाना होगा देश का 29वां राज्य! 
नई दिल्ली/हैदराबाद। यूपीए ने मंगलवार शाम को अलग तेलंगाना बनाने के निर्णय को हरी झंडी दे दी। अब शाम को ही होने वाली कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बेठक में इस पर अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है। ऎसा होने पर तेलंगाना देश का 29वां राज्य बन जाएगा। 
दो महत्वपूर्ण बैठकें- 
यूपीए समन्वय समिति की बैठक शाम चार बजे शुरू हुई। इसके बाद कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक होगी। ये दोनों बैठक ऎसे समय में हो रही हैं जब इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस ने तेलंगाना राज्य के गठन का मन बना लिया है। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि करीब छह दशक पुरानी इस मांग पर औपचारिक घोषणा इन दो बैठकों के बाद होने की संभावना है।
29वां राज्य होगा -
तेलंगाना के नेताओं के अनुसार उनका क्षेत्र देश का 29वां राज्य बनने के लिए तैयार है। उनका मानना है कि उनका राज्य 1956 में आंध्र स्टेट में विलय से पूर्व के हैदराबाद स्टेट जैसा होगा। राज्य के उपमुख्यमंत्री दामोदर राजनरसिम्हा ने मंगलवार सुबह दिल्ली के लिए निकलने से पूर्व कहा,""आज सबकुछ निर्धारित हो जाएगा। हम पूरी तरह सकारात्मक हैं। तेलंगाना का गठन होने वाला है और हैदराबाद इसकी राजधानी होगी।""

होंगे 10 जिले -
तेलंगाना क्षेत्र से सम्बंध रखने वाले राज्य के मंत्री डी.के. अरूणा ने कहा कि इस राज्य में 10 जिले शामिल होंगे और हैदराबाद इसकी राजधानी होगी। खबर है कि कांग्रेस नेतृत्व ने रायाला-तेलंगाना (रायलसीमा और तेलंगाना संयुक्त रूप से) के प्रस्ताव को वापस ले लिया है, क्योंकि दोनों क्षेत्रों के नेता इसके सख्त खिलाफ थे। माना जा रहा है कि तेलंगाना के नेताओं के विरोध की वजह से हैदराबाद को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिए जाने का सुझाव दिया गया है।

रायलसीमा और आंध्र के सम्मिलित राज्य का नाम आंध्रप्रदेश ही रहेगा -
रायलसीमा और आंध्रप्रदेश के सम्मिलित राज्य का नाम आंध्रप्रदेश ही रहने की संभावना है। आंध्र प्रदेश द्वारा नई राजधानी का निर्माण किए जाने तक हैदराबाद ही दोनों राज्यों की राजधानी होगी। तटीय आंध में नौ जिले और रायलसीमा में चार जिले हैं। कांग्रेस नेतृत्व ने मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी,उपमुख्यमंत्री राजनरसिम्हा और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बोत्सा सत्यनारायण को सीडब्ल्यूसी की बैठक के लिए दिल्ली में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।

और सीडब्ल्यूसी में होगा अंतिम फैसला - 
कांग्रेस पार्टी संभवत: अपनी समन्वय समिति को तेलंगाना के गठन के अपने फैसले की सूचना देगी। इसके बाद सीडब्ल्यूसी अंतिम फैसले के लिए बैठक करेगी। केंद्रीय कैबिनेट की एक अगस्त को होने वाली संभावित बैठक में संसद में नए राज्य के गठन को लेकर प्रस्ताव लाए जाने पर फैसला होगा। यह प्रस्ताव पांच अगस्त को शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।

कड़ी सुरक्षा -
पृथक तेलंगाना राज्य की घोषणा होने की संभावना को देखते हुए आंध्रप्रदेश में विशेषकर राजधानी हैदराबाद और सीमांध्रा क्षेत्र में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को सतर्क (हाई अलर्ट) कर दिया गया है।

पृथक तेलंगाना राज्य के गठन की घोषणा के बाद हिंसा भड़कने की आंशका के मद्देनजर सीमांध्रा के शहरों-कस्बों में अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बलों को भेजा गया है। केंद्र सरकार ने सीआरपीएफ,बीएसएफ,सीआईएसएफ और आईटीबीपी के 1,000 जवानों को भेजा है। अधिकारियों ने कहा है कि पिछले हफ्ते ही 1200 जवानों को तैनात कर दिया गया था। पड़ोसी राज्यों -तमिलनाडु और कर्नाटक- से भी अर्द्धसैनिक बलों को राज्य में बुलाया गया है।

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