BSNL बताएगा फंसे लोगों की लोकेशन 
नई दिल्ली।
kedarnathयदि उत्तराखंड आपदा में फंसे लोगों और परिजनों की लोकेशन के बारे मे सूचना चाहिए तो आप बीएसएनएल से संपर्क कर उनकी लोकेशन के बारे में जान सकते हैं। भारत संचार निगम लिमिटेड ने मोबाइल लोकेशन की सूचना उपलब्ध कराने के लिए एक सेवा शुरू की है। इस सुविधा से बीएसएनएल का मोबाइल इस्तेमाल कर रहे उपभोक्ता के मोबाइल लोकेशन के बारे में जान सकते हैं। उधर,मंगलवार को देवप्रयाग में बादल फटने से 3 लोगों की मौत की खबर है। इससे पहले सोमवार को खराब मौसम के चलते बचाव व राहत कार्य प्रभावित रहा।
सुविधा का लाभ लेने के लिए आपको संबंघित बीएसएनएल मोबाइल नंबर,जिसके बारे में सूचना चाहिए और अपना मोबाइल नंबर जिस पर सूचना भेजनी है,बतानी होगी। बीएसएनएल की विज्ञप्ति के अनुसार संबंघित बीएसएनएल मोबाइल की अंतिम लोकेशन दिए गए नंबर पर एसएमएस द्वारा भेज दी जाएगी। इसके लिए उत्तराखंड बीएसएनएल उपभोक्ता 1503 पर और बीएसएनएल उपभोक्ता और अन्य मोबाइल ऑपरेटर उपभोक्ता 09412024365 पर संपर्क कर सकते हैं। यह सुविधा सुबह आठ से रात नौ बजे तक उपलब्ध रहेगी।
बीएसएनएल ने इसके अलावा मुख्य राहत स्थलों पर निशुल्क टेलीफोन सुविधा उपलब्ध कराई है। यह सुविधा इस समय बद्रीनाथ,जोशीमठ,गौरीकुंड,गुप्तकाशी, गोचर, बडकोट, उत्तरकाशी, नई टिहरी और धारचूला में शुरू कर दी है। जौलीग्रांट और सहस्रधारा हेलीपैड पर भी इसे शुरू किया जा रहा है। 

उधर,देवप्रयाग में बादल फटा,तीन की मौत
उत्तराखंड के बाढ़ प्रभ्रावित इलाकों में सोमवार को खराब मौसम के कारण राहत कार्य प्रभावित हुआ। सहस्त्रधारा हेलीपैड से शाम तक कोई उड़ान नहीं भरी जा सकी। उत्तराखंड में अभी भी नौ हजार लोग फंसे हुए हैं। टिहरी के देवप्रयाग में बादल फटने से तीन लोगों की मौत हो गई व कई घायल हो गए। बादल सुबह 6.30 बजे फटे जिससे कई मकान नष्ट हो गए।

सेना,नेशनल डिजास्टर रेसपोंस फोर्स (एनडीआरएफ),इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) व कई अन्य एजेंसियों ने खराब मौसम के कारण सोमवार को राहत कार्य रोक दिया था। रूद्रप्रयाग में नौसेना के मरीन कमांडोज को राहत कार्य में लगाया जाएगा।

इसके लिए 12 नौसेनिक गोताखोर ऋषिकेश पहुंच रहे हैं। किनौर जिले के पूह,नाको व सांगला घाटी से अघिकांश पर्यटकों को निकाल लिया गया है। हालांकि अभी भी राज्यभर में नौ हजार लोग फंसे हुए हैं।

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