नए जमाने की खेती से समृद्धि ला रही हैं हवाकँवर

 डॉ. दीपक आचार्य
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी,
जैसलमेर
मन में कुछ करने का संकल्प हो और सुदृढ़ इच्छा शक्ति से कर्मयोग को साकार करने की भावना हो तो किसी भी तरह बदलाव लाना कोर्इ्र मुश्किल काम नहीं है। मरुस्थलीय जैसलमेर जिले की एक काश्तकार श्रीमती हवाकँवर ने खेती-बाड़ीको जीवन का लक्ष्य मानकर जो कुछ किया है वह अनुकरणीय व सराहनीय है।
इस महिला कृषक ने खेती के क्षेत्र में अपने कर्मयोग को इतना साकार कर दिखाया है कि श्रम से समृद्धि के इस सफर का जयगान मरुभूमि की हवाएँ भी करने लगी हैं। कृषि के प्रति उसकी लगन, समर्पण और ज़ज़्बे की कद्र करते हुए प्रगतिशीलकाश्तकार श्रीमती हवा कँवर को गत वर्ष 18 सितम्बर को जयपुर में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने सम्मानित कर हौसला आफजाही भी की। 
जैसलमेर जिले की फतेहगढ़ तहसील अन्तर्गत सम पंचायत समिति की मूलाना ग्राम पंचायत निवासी श्रीमती हवाकँवर राजपूत पत्नी श्री सवाईसिंह की मूलाना की रोही में बारह हैक्टर बारानी कृषि भूमि है।

खेत का भरपूर उपयोग दे रहा बरकत
ऐसे में जिस साल अच्छी बरसात होती उस वर्ष वह अपने खेत में वर्षा आधारित फसल के रूप में ग्वार की खेती ही कर पाती थी। अच्छी बरसात वाले साल में दो से तीन क्विंटल प्रति हैक्टर ग्वार की पैदावार होती लेकिन अन्य वर्षों में पर्याप्त बारिश नहींहोने पर अकाल जैसे हालात रहते और इस कृषि भूमि का कोई ख़ास उपयोग नहीं हो पाता था।

कृषि विभाग की बदौलत आजमायी वैज्ञानिक विधियां
इन स्थितियों में अपने खेत का पूरा-पूरा उपयोग करने की दृष्टि से वर्ष 2009-10 में उन्होंने कृषि कूआ बनवाया। इस कूए की सहायता से उन्होंने सिंचित खेती की शुरूआत की लेकिन सिंचित काश्त का पूरा अनुभव नहीं होने के कारण फसलों का अपेक्षितउत्पादन सामने नहीं आ पाया।
इसके बाद वर्ष 2010-11 में कृषि विभाग से सलाह करके उन्होंने खेती की। इससे उत्साहित होकर अब लगातार कृषि विभाग के सम्पर्क में रहकर खेती की उन्नत कृषि विधियां अपना कर खेती का लाभ उठा रही हैं। इसका सीधा फायदा यह हुआ कि अबवे खरीफ और रबी की फसलों की अच्छी पैदावार ले रही है।

उत्पादों को मिला बेहतर विपणन
खेती-बाड़ी की सभी उन्नत और जरूरी विधियों का वे अपने खेत में प्रयोग कर रही हैं। श्रीमती हवा कँवर ने बीज उपचार को अपना मिशन बना रखा है और खेती में वे सभी फसलों की उन्नत किस्मों के प्रमाणित बीजों, संतुलित ऊर्वरकों आदि का प्रयोगकर रही हैं। फसलों की सुरक्षा के लिये कीट व्याधि का समय पर नियंत्रण किया जा रहा है। अपने खेत में जीरा एवं ईसबगोल के फसलों की अच्छी उपज पाने के लिए वे अपने उत्पादों को ऊँझा मण्डी में बेचती रही हैं।
इनके यहां ग्वार की फसल 4 हैक्टर में हुई जिसकी पैदावार 12 से 14 क्विंटल प्रति हैक्टर पायी। इसके अलावा चार हैक्टर में 28 से 30 क्विंटल प्रति हैक्टर मूंगफली का उत्पादन भी पाया। इसी प्रकार 3.5 हैक्टर में मूंग की फसल बो कर प्रति हैक्टर 8 से 9क्विंटल मूंग उत्पादन पाया है। गत बार रबी में इनके खेत में पांच हैक्टर में जीरा की फसल लेकर 5 से 6 क्विंटल प्रति हैक्टर जीरा पाया। इसी प्रकार चार हैक्टर में ईसबगोल की फसल बोकर प्रति हैक्टर सात से आठ क्विंटल ईसबगोल की प्राप्ति की गई। उन्होंने3.5 हैक्टर में सरसों की फसल बोकर प्रति हैक्टर 12 से 14 क्विंटल सरसों की पैदावार पायी।

फव्वारा सिंचाई पद्धति से आयी खुशहाली
श्रीमती हवा कँवर द्वारा अपने खेत में सभी फसलों में शत-प्रतिशत सिंचाई जल का समुचित उपयोग करते हुए फव्वारा/ड्रिप पद्धति से सिंचाई की जाती रही है। अपने यहां इनके द्वारा राठी एवं थारपारकर नस्ल की उन्नत गायों एवं भेड़-बकरी पालन भीकिया जा रहा है। इसके अलावा अपने खेत पर पशुओं के लिये चारा एवं परिवार के लिये सब्जियों की भी काश्त करती हैं।
उन्न्त किस्म की खेती-बाड़ी तथा वैज्ञानिक विधियों से कृषि करने के प्रति इनके उत्साह को देखते हुए कृषि विभाग ने भी अपनी ओर से भरपूर मार्गदर्शन दिया। इनके खेत में वर्षा जल की बहुत अच्छी आवक तथा वर्षा जल संग्रहण की व्यापकसंभावनाओं को देखते हुए सहायक कृषि निदेशक श्री रणजीतसिंह सर्वा ने उन्हें राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजनान्तर्गत सामुदायिक जल स्रोत निर्माण के लिए प्रेरित किया।

नवीन संसाधनों की स्थापना ने खोली खुशहाली की डगर
इस पर इन्होंने विभागीय स्वीकृति से 60 लाख लीटर क्षमता का जल स्रोत बनवाया। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा 7.5 लाख रुपए अनुदान दिया गया। सामुदायिक जल स्रोत पर 4 हैक्टर क्षेत्र में बूँद-बूँद सिंचाई पद्धति की स्थापना कर ग्राफ्टेड़ बैर कापौधारोपण किया। वर्ष 2011-12 में राज्य सरकार की जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर ऊर्जा मिशन योजना के तहत इनके यहां 3000 वाट सोलर पम्प 86 प्रतिशत अनुदान पर स्थापित किया गया।

मुख्यमंत्री के हाथों हुई सम्मानित
तरक्की पसंद काश्तकार श्रीमती हवा कँवर की लगन और मेहनत को देखते हुए कृषि विभाग द्वारा इनको आत्मा योजनान्तर्गत पंचायत समिति स्तर पर श्रेष्ठ काश्तकार के रूप में चयनित किया गया। इस उपलब्धि के लिए राज्य के मुख्यमंत्री श्रीअशोक गहलोत द्वारा वर्ष 2012 में अठारह सितम्बर को जयपुर में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में उन्हें सम्मानित किया गया।
मरुभूमि की यह प्रगतिशील महिला काश्तकार खेती-बाड़ी के क्षेत्र में नवाचारों और अत्याधुनिक वैज्ञानिक विधियों का भरपूर उपयोग कर खेत-खलिहानों से समृद्धि की नई डगर पा चुकी हैं। नए जमाने के अनुरूप खेती करने वाली रेगिस्तान की यहमहिला कृषक क्षेत्र भर के आम भूमिपुत्रों के लिए अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी है।

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