राष्ट्रपति अब नहीं कहलाएंगे महामहिम 

नई दिल्ली। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने औपनिवेशिक काल के "हिज एक्सिलेंसी" जैसे आदरसूचक शब्दों के इस्तेमाल वाले प्रोटोकॉल में बदलाव करते हुए नए प्रोटोकॉल को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इसके अनुसार "राष्ट्रपति महोदय" शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा। नए प्रोटोकॉल को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा। 

राष्ट्रपति ने देश में और देश से बाहर गणमान्य लोगों से मुलाकातों और उनके अभिवादन के दौरान इस्तेमाल के लिए प्रोटोकॉल के नए नियमों को मंजूरी दी। मुखर्जी ने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिया है कि उनके लिए सरकारी समारोहों का आयोजन यथासंभव राष्ट्रपति भवन परिसर में ही किया जाए, ताकि पुलिस तथा अन्य एजेंसियों पर कम बोझ पड़े और जनता को भी असुविधा नहीं हो। राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार अब से देश में होने वाले समारोहों और राष्ट्रपति से भारतीय गणमान्य लोगों की मुलाकातों के दौरान "हिज एक्सिलेंसी" शब्द के इस्तेमाल पर रोक होगी। ऎसे अवसरों पर हिंदी में "महामहिम" के स्थान पर "राष्ट्रपति महोदय" शब्द का उपयोग हो। 

नाम से पहले श्री या श्रीमती लगाया जाए 
मुखर्जी ने मौजूदा प्रोटोकॉल की समीक्षा करने के बाद यह निर्देश भी दिया है कि राष्ट्रपति और राज्यपाल के लिए "माननीय" शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा। नाम से पहले "श्री" या "श्रीमती" लगाने की भारतीय परंपरा अपनाई जाए। "एक्सिलेंसी" शब्द का प्रयोग विदेशी गणमान्य पदधारियों के साथ बातचीत में प्रथा के अनुरूप किया जाता रहेगा।

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