"सोनिया के साथ चाय पीने का शौक नहीं"
नई दिल्ली।
केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने एनएसी का सदस्य बनने के लिए कोई लॉबिंग नहीं की थी। वह इस संबंध में किसी से नहीं मिले थे। एनएसी का सदस्य बनने की उनकी कोई इच्छा नहीं है। मुझे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ चाय पीने का कोई शौक नहीं है। कांग्रेस परेशान है। दिग्विजय सिंह के पत्र में ऎसा कुछ भी नहीं है जिसका जवाब दिया जाए।
उधर स्वामी अग्विनेश ने कहा कि शायद 2005-06 में बैठक होने तो वाली थी लेकिन बैठक हुई थी या नहीं इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। दिग्विजय सिंह ने जो मुद्दा उठाया है वह बहुत पुराना है। बहुत वक्त हो चुका है। मुझे याद नहीं है कि मैं केजरीवाल के साथ दिग्विजय सिंह से मिला था या नहीं।
केजरीवाल को कहा था हिटलर
दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को केजरीवाल को लिखे पत्र में कहा था कि आपके बारे में मेरा नजरिया जन हित में लड़ने वाले योद्धा से बदलकर स्वार्थी महत्वाकांक्षी अहंकार में चूर व्यक्ति के तौर पर हो गया है जिसके मन में लोकतंत्र के लिए थोड़ा सम्मान है।" उन्हें केजरीवाल में हिटलर के गुण दिखते हैं।
आप सोनिया गांधी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद में शामिल होना चाहते थे। आप सोनिया गांधी से मिलना चाहते थे। आपने मुझसे निवेदन किया था कि मैं आप का नाम राष्ट्रीय सलाहकार समिति में शामिल होने के लिए प्रस्तावित करूं। मैंने आप का नाम प्रस्तावित किया था लेकिन असफल हो गया। उन्होंने (सोनिया गांधी) अरूणा रॉय को ले लिया।
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें