सदन में सरकार को घेरेगा विपक्ष 
जयपुर। 
राजस्थान विधानसभा के बुधवार से शुरू हो रहे सत्र में प्रतिपक्ष की ओर से सरकार की घेराबंदी की जाएगी। वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा व डीएलएफ से जुड़े जमीन प्रकरण और खुदरा बाजार में एफडीआई के मुद्दे उठाएगा। उधर, सत्ता पक्ष ने मुकाबले के लिए कमर कस ली है और वह भी भाजपा से जुड़े भ्रष्टाचार के प्रकरण उठाएगा।
home newsवरिष्ठ कांग्रेसी नेता नवल किशोर शर्मा के निधन के कारण प्रतिपक्ष मंगलवार को अपनी व्यूहरचना नहीं बना पाया, लेकिन वह पहले से ही ऎलान कर चुका है कि विधानसभा में उसका रूख आक्रामक रहेगा। विधायक दल के सचेतक राजेन्द्र राठौड़ के अनुसार प्रतिपक्ष नेता वसुंधरा राजे की अध्यक्षता में बुधवार सुबह 10 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई गई है, जिसमें रणनीति तैयार की जाएगी। यह सत्र संक्षिप्त ही माना जा रहा है, इसलिए बुधवार को होने वाली कार्य सलाहकार समिति की बैठक में विपक्ष सत्र को लम्बा चलाने की मांग रखेगा।

ये होंगे मुद्दे
वाड्रा को बीकानेर व अन्य जगह जमीन का आवंटन
सरकार में भ्रष्टाचार
खुदरा बाजार में एफडीआई
बिजली परियोजनाओं में घपला
बिजली दरों में बढ़ोतरी
जल बहाव क्षेत्र में सरकार से आवंटित जमीन से बेदखली से पहले पुनर्वास
लचर कानून व्यवस्था
किसानों व अन्य श्रेणियों को पूरी बिजली नहीं मिलना
पाक विस्थापित हिन्दुओं को शरणार्थी का दर्जा
नकली बीजों का वितरण

कांग्रेस देगी चुनौती 
सरकारी मुख्य सचेतक रघु शर्मा का कहना है कि विपक्ष के आरोपों का सत्ता पक्ष मुकाबला करेगा। कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार सुबह 10 बजे विधानसभा में बुलाई गई है। शर्मा के अनुसार दिवंगत पूर्व उपराष्ट्रपति भ्ौरोंसिंह शेखावत, भाजपा नेता कैलाश मेघवाल की ओर से अपनी ही सरकार पर लगाए आरोपों के साथ ही भाजपा के पूर्व अध्यक्ष बंगारू लक्ष्मण व कर्नाटक से जुड़े भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाए जाएंगे।

नहीं आएंगे तीन एमएलए 
विधानसभा के इस सत्र में तीन विधायक कांग्रेस के महिपाल मदेरणा, मलखान सिंह और भाजपा के हनुमान बेनीवाल नहीं आएंगे। महिपाल व मलखान भंवरी मामले में जेल में बंद हैं, वहीं बेनीवाल सदन से निलम्बित चल रहे हैं। भाजपा के नाथद्वारा विधायक विधानसभा कार्यवाही में हिस्सा लेने आएंगे। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद उन्हें वोट देने का अघिकार नहीं रहा है। यदि किसी मौके पर मतदान की नौबत आती है तो सदन में 196 विधायकों के वोट डलेंगे। दोनों ही पार्टियों के पास 2-2 वोट कम रहेंगे।

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