सोनिया के आगे प्रोटोकोल बौना! 
जयपुर। 
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के राजस्थान दौरे पर शनिवार को सरकारी प्रोटोकोल का उल्लंघन होता नजर आया। जयपुर पहुंचे पीएम के काफिले में प्रोटोकोल के अनुसार शुरूआत में तो डॉ.सिंह सबसे आगे थे,लेकिन जल्द ही सोनिया प्रधानमंत्री को पीछे छोड़कर आगे चलती नजर आई। जबकि प्रधानमंत्री बाकी लोगों के साथ पीछे रह गए थे। प्रोटोकोल की अनदेखी का यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ दूदू में भी जारी रहा। 
आधार कार्ड की दूसरी वर्षगांठ पर आयोजित समारोह में पीएम के साथ सोनिया गांधी,वित्त मंत्री पी चितम्बरम,योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया और यूआईडीए के चेयरमैन नंदन नीलकणी भी मौजूद थे। समारोह के दौरान जब प्रधानमंत्री मंच पर खड़े थे,सोनिया गांधी बैठी हुई न जर आई। प्रधानमंत्री मेरिटोरियस अवॉर्ड प्रदान कर रहे थे और प्रोटोकोल के मुताबिक चिदम्बरम,अहलूवालिया,नीलकणी,मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित सभी खड़े थे।
संविधान विशेषज्ञों ने इस मामले को प्रोटोकोल के हिसाब से गंभीर माना है। पत्रिका डॉट कॉम से बातचीत में संविधान विशेषज्ञों ने अलग-अलग राय व्यक्त की। कुछ ने इस सरकारी कार्यक्रम में प्रोटोकोल का पूरी तरह उल्लंघन जैसा माना है। 
संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप के अनुसार किसी भी सरकारी कार्यक्रम में जब पीएम भाषण दे रहे हों,किसी को कुर्सी पर बैठे रहना प्रोटोकोल के हिसाब से गलत नहीं है। लेकिन सामान्य स्थिति में पीएम के खड़े रहने की स्थिति में मंच पर बैठे रहना प्रोटोकोल का उल्लंघन है।

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