पदोन्नतियां अभी अंतिम नहीं:हाईकोर्ट
जयपुर।
हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पदोन्नती में आरक्षण पर सरकार से जवाब मांगते हुए कहा कि पदोन्नतियां अभी अंतिम नहीं होंगी। इनपर हाईकोर्ट में लम्बित मामले का निर्णय लागू होगा।
हाईकोर्ट ने राकेश कुमार कौशल व अन्य की याचिकाकर्ताओं पर यह अंतरिम आदेश दिया। इस याचिका में कहा गया कि 29 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने भटनागर कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर 2 महीने में पदों में आरक्षण से संबंघित नियमों पर निर्णय करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने 11 सितम्बर,2011 को जारी अघिसूचना का विवाद भी लंबित था इसके बावजूद कोर्ट ने 2 महीने में नियमों पर निर्णय करने को कहा। जब कि सरकार 11 सितम्बर,2011 की अघिसूचना को ही 7 दिसम्बर,2010 के आदेश का पालन बता रही है। और इसी के आधार पर 12 सितम्बर और 18 सितम्बर,2012 को पदोन्नती की प्रकिया शुरू करने के आदेश जारी कर दिए।
सरकारी आदेश गैर कानूनी
सुप्रीम कोर्ट ने सामान्य वर्ग को पुन:अर्जित वरिष्ठता देने से मना नहीं किया। और भटनागर कमेटी ने भी ऎसा ही किया उसने भी मना नहीं किया। ऎसे में 12 और 18 सितम्बर को सरकार की ओर से जारी आदेश गैर कानूनी हैं। इसके अलावा भटनागर कमेटी ने केवल 17 सेवाओं का अध्ययन किया इसलिए उसके आधार पर जारी अघिसूचना केवल 17 सेवाओं पर ही लागू हो सकती है। और भटनागर कमेटी ने जिन 17 सेवओं का अध्ययन किया उनमें भी उच्चतम पदों पर आरक्षित वर्ग का प्रतिनिघित्व ज्यादा था। इसलिए पदोन्नति के लिए जारी आदेशों को लागू करना गलत है।
25 अक्टूबर तक सुनवाई टाली
कोर्ट ने इसपर मुख्य सचिव,प्रमुख कार्मिक सचिव,प्रमुख राजस्व सचिव और प्रमुख जल संसाधन विभाग से जवाब मांगा है। और 25 अक्टूबर तक सुनवाई टाल दी है।
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