एम्स से मीराबाई का नाम हटाना अनुचित : राजे 
जोधपुर.
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भक्त शिरोमणि मीराबाई का नाम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जोधपुर से हटाने को भारतीय संस्कृति पर हमला बताया है। उन्होंने कहा कि संस्कृति पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मीराबाई का नाम जोधपुर एम्स से जुड़वाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। यह बात राजे ने शिवसिंह राठौड़ के नेतृत्व में भक्त शिरोमणि मीराबाई एम्स जोधपुर नामकरण जन अधिकार समिति के शिष्ट मंडल को उस दौरान कही जब समिति ने राजे को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से मीराबाई का नाम एम्स से हटाने का विरोध किया गया। 
राजे ने शिष्टमंडल से कहा कि केंद्र के तीन मंत्रियों की मौजूदगी में मीराबाई एम्स जोधपुर का शिलान्यास हुआ था। तत्कालीन केंद्रीय वित्तमंत्री ने मीराबाई एम्स के लिए बजट भी जारी किया था। वे स्वयं इस समारोह में शरीक हुई थीं। उन्होंने कहा कि मीराबाई का नाम जात-पात व संप्रदाय से ऊपर एक कृष्ण भक्त के रूप में पूरी दुनिया में पहचाना जाता है। ऐसे नाम के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने समिति को आश्वस्त किया कि मीरा बाई का नाम पुन: एम्स से जुड़वाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। शिष्ट मंडल में नरेंद्रसिंह कच्छवाह, राजेंद्र बोराणा, पुखराज जांगिड़, अशोक बाहेती, देवराज बोहरा, भीमराज राखेचा, पोकरराम विश्नोई, देवेंद्रसिंह परेवड़ी, जगतनारायण जोशी, जितेंद्र लोढ़ा शामिल थे। राठौड़ ने बताया कि बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलकर मीराबाई का नाम पुन: जोधपुर एम्स के साथ जुड़वाने का अनुरोध किया जाएगा। 
हस्ताक्षर अभियान शुरू होगा : श्री राजपूत करणी सेना की ओर से एम्स का नाम मीराबाई के नाम पर करने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। सेना के जिलाध्यक्ष मानसिंह मेड़तिया ने बताया कि इस संबंध में आयोजित बैठक में संयोजक मालसिंह राणावत, ओमसिंह मेड़तिया, जसवंत सिंह भाटी, प्रदीप सिंह जोधा, अशोक सिंह जोधा, मनीष सिंह जोधा, उम्मेदसिंह इंदा, रणजीतसिंह ज्याणी, देवेंद्रसिंह चितावा मौजूद थे। 

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