डीजल में आग, भभकी रसोई

नई दिल्ली।
jaipurआमजन पर महंगाई का बम फोड़ते हुए गुरूवार को केंद्र सरकार ने डीजल के दाम पांच रूपए बढ़ा दिए। बढ़ी कीमत गुरूवार आधी रात से लागू हो गईं। देर रात आरपीडीए ने बताया कि अब जयपुर में डीजल 5.90 बढ़कर 49.12 रूपए लीटर बिकेगा। दिल्ली में डीजल 46.95 रूपए लीटर हो गया है। घर की रसोई में सेंध लगाते हुए सरकार ने सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की सीमा भी तय कर दी। अब साल में एक परिवार सिर्फ छह सब्सिडी युक्त सिलेंडर ले सकेगा। इसके बाद उसे बाजार भाव (745.67) रूपए का पड़ेगा। अभी घरेलू गैस 376.50 का मिलता है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई राजनीतिक मामलों की केबिनेट समिति की बैठक में यह फैसला हुआ। हाल ही पेट्रोलियम मंत्रालय ने डीजल की कीमत बढ़ाने की सिफारिश की थी।

नहीं बढ़े पेट्रोल के दाम
राहत की खबर ये है कि केबिनेट ने पेट्रोल और केरोसिन के दाम नहीं बढ़ाए, जबकि मंत्रालय ने इन दोनों की कीमत बढ़ाने की भी सिफारिश की थी। सरकार का कहना है कि तेल कंपनियों के भारी दबाव के चलते कीमत बढ़ाने का फैसला लिया गया। डीजल पर 19.26 रूपए लीटर का घाटा हो रहा था।

घाटे का रोना 
1.87 लाख करोड़ रूपए का 
घाटा हुआ पेट्रोलियम 
पर इस साल
560 करोड़ 

रूपए प्रतिदिन 

घाटा डीजल 

व एलपीजी में

सरकारकी चांदी
19000 करोड़ रूपए
सरकार कमाएगी डीजलकी बढ़ी कीमतों से 2000 करोड़ रूपए लगभग सिलेंडर सब्सिडी हटाने से होगी कमाई
तीन साल में 16 रूपए बढ़े डीजल के दाम
संप्रग-2 सरकार ने पिछले तीन साल में अब तक 7 बार डीजल के दामों में बढ़ोतरी की है। इस दौरान दिल्ली में डीजल के दाम 30.86 रूपए प्रति ली. से बढ़कर 46.95 रूपए तक पहुंच गए हैं।

सरकार बोली जरूरी था

प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष सी. रंगराजन ने कहा कि वित्तीय घाटे को काबू में रखने के लिए डीजल की मूल्य वृद्धि जरूरी थी। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा कि फैसला मजबूरी में उठाया गया कदम है।

फूटा महंगाई बम: बिगड़ेगा बजट
परिवहन खर्च बढ़ेगा, क्योंकि ट्रक-बस डीजल से ही चलती हैं।
खाने-पीने की चीजें महंगी होंगी। लोडिंग व शिफ्टिंग खर्च भी बढ़ेगा। 
सिंचाई की कीमत बढेगी, भरपाई अनाज के दाम बढ़ाकर।
मार्च तक सिर्फ तीन सस्ते सिलेंडर मिलेंगे छह माह तीन से ही काम चलाना होगा।
सब विरोध में सरकार आम आदमी की जेब पर डाका डालना चाहती है। बढे दाम तुरंत वापस लिए जाएं। मुख्तार अब्बास नकवी, भाजपा 
मैं इस फैसले से सन्न हूं। बढ़ी कीमतें वापस ली जाएं। हमसे सलाह नहीं ली गई। ममता बनर्जी, तृणमूल सुप्रीमो 
गलत समय पर फैसला, आम आदमी पर मार। अखिलेश यादव, मुख्यमंत्री, उप्र.

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