महात्मा गांधी नरेगा की वाशिर्क कार्य योजना बनाने के निर्देश
राज्य सरकार ने 2 अक्टूबर तक ग्राम सभाओं का आयोजन करवाकर वाशिर्क कार्य योजना का ग्राम पंचायत स्तर पर अनुमोदन करवाने के निर्देश दिए है। ग्राम सभा की संक्षिप्त कार्यवाही विवरण को नरेगा की साइट पर अपलोड करना होगा।
बाड़मेर।
जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं जिला कलेक्टर डा.वीना प्रधान ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर 2 अक्टूबर तथा पंचायत समिति स्तर पर 10 नवंबर तक वाशिर्क कार्य योजना को अनुमोदित करवाकर जिला कार्यक्रम समन्वयक को भिजवाने के निर्देश दिए गए है। इसी तरह 10 दिसंबर तक पंचायत समितियों से अनुमोदित वाशिर्क कार्य योजना को संकलित कर जिला परिशद से अनुमोदित कराया जाएगा। इस दौरान जिले का श्रम बजट भी वाशिर्क कार्य योजना के साथ जिला परिशद से अनुमोदन कराया जाएगा। राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार जिला कार्यक्रम समन्वयक अनुमोदित वाशिर्क कार्य योजना एवं श्रम बजट को 20 दिसंबर तक एमआईएस पर अपलोड करवाने के साथ श्रम बजट राज्य सरकार को भिजवाना सुनिश्चित करेंगे। मुख्य कार्यकारी अधिकारी एल.आर.गुगरवाल के मुताबिक कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि वे अपने क्षेत्र की समस्त ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं के आयोजन का समयबद्व कार्यक्रम इस तरह से तैयार करें कि 2 अक्टूबर 2012 तक सभी ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन होने के साथ वाशिर्क कार्य योजना 201314 का अनुमोदन हो सके।
नए अनुमत कार्यों की जानकारी देने के निर्देशः ग्रामीणों को महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत नए सम्मिलित किए गए अनुमत कार्यों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। वाशिर्क कार्य योजना के लिए आयोजित की जाने वाली ग्राम सभा के आयोजन के बारे में अधिकाधिक प्रचारप्रसार करने के निर्देश दिए गए है। ग्राम सभा की तिथि से सभी जन प्रतिनिधियों यथा सांसद, विधायक, पंचायत समिति एवं जिला परिशद सदस्यों के साथ वार्ड पंचों को अवगत कराने को कहा गया है।
ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देशः ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने ग्राम सभा की बैठक से पूर्व महात्मा गांधी नरेगा योजना के श्रमिकों,स्वयं सहायता समूहों, गांवों एवं पंचायतों के प्रबुद्व व्यक्तियों एवं समूहों, अन्य विभागों के प्रतिनिधियों, जन प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर संबंधित ग्राम पंचायत की ड्राफ्ट कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए है। ताकि इस ड्राफ्ट पर ग्राम सभा में चर्चा करने के साथ आवश्यक संशोधन कर इसे ग्राम सभा से अनुमोदन कराया जा सके।
कार्यकारी विभागों के कार्य शामिल होंगे: अन्य कार्यकारी विभागों को भी ग्राम सभा की तिथि से अवगत कराने एवं ऐसे कार्य जो कि केवल एक ग्राम पंचायत क्षेत्र के है उन्हें ग्राम सभा के माध्यम से वाशिर्क कार्य योजना में शामिल करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह एक से अधिक ग्राम पंचायत क्षेत्र के कार्य होने की स्थिति में उन्हें संबंधित ग्राम पंचायतों से अनुमोदन कराया जाना आवश्यक होगा।
अनुमोदन के उपरांत नहीं जुड़ेगा कोई कार्य: निर्देशों के मुताबिक सभी जन प्रतिनिधियों एवं विभागों को यह भी स्पश्ट कर दिया जाए कि वाशिर्क कार्य योजना का अनुमोदन हो जाने के बाद कोई भी नया कार्य वित्तीय वशर 201213 में कोई कार्य जोड़ा जाना अथवा कराया जाना संभव नहीं होगा।
क्याक्या कार्य जुड़ेगे कार्य वाशिर्क कार्य योजना में: सर्व प्रथम वाशिर्क कार्य योजना में पूर्व वशर के अधूरे कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के लिए सम्मिलित करने को कहा गया है। इसके बाद पूर्व की कार्य योजना में अनुमोदित लेकिन प्रारंभ नहीं होने वाले कार्यों एवं अपना खेत अपना काम के अन्तर्गत कराए जाने वाले कार्य शामिल करने के निर्देश दिए गए है। वाशिर्क कार्य योजना में चारागाह विकास, हरित राजस्थान, मरूस्थलीय जिलों में कमजोर वर्गों के भूमिहीन परिवारों के आबादी क्षेत्र में स्थित रिहायशी मकानों में वशार जल संग्रहण हेतु टांका निर्माण, संपूर्ण स्वच्छता अभियान के साथ कन्वरजेंस करते हुए शौचालय निर्माण एवं ग्राम पंचायत मुख्यालय पर श्रम सामग्री का 60:40 अनुपात संधारित करते हुए आबादी क्षेत्र में कीचड़ भरे मार्ग में पत्थर एवं इंटरलाकिंग खंरजा एवं जल निकास की नाली निर्माण जैसे आवश्यक कार्य भी वाशिर्क कार्य योजना में सम्मिलित करने के निर्देश दिए गए है।
ग्राम पंचायत स्तर पर श्रमसामग्री अनुपात संधारित करना होगा: श्रम सामग्री का अनुपात 60:40 प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर संधारित करना आवश्यक होगा अर्थात किसी भी ग्राम पंचायत पर सामग्री मद में व्यय में 40 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। निर्देशों के अनुसार वाशिर्क कार्य योजना 201314 को बनाते समय यह ध्यान रखा जाए कि वित्तीय वशर 201213 में हुए वास्तविक व्यय तथा 201213 के अनुमानित व्यय से दो गुणे से अधिक की लागत के कार्य योजनान्तर्गत प्रस्तावित नहीं किए जाए। यह सीमा ग्राम पंचायत स्तर से लेकर जिला परिशद स्तर तक लागू करने को कहा गया है।
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