विदेशी किराना दुकानों का रास्ता साफ 
नई दिल्ली। 
डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से लगी आग अभी बुझ भी नहीं पाई है कि केन्द्र सरकार ने किराना दुकानों में विदेशी निवेश को मंजूरी देकर नई मुसीबत मोल ले ली है। एफडीआई पर लिए गए फैसले के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने साफ कहा कि कड़े फैसले लेने का वक्त आ गया है, जाना पड़ा तो लड़ते हुए जाएंगे। शुक्रवार को आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक में मल्टी रिटेल ब्रांड में 51 फीसदी विदेशी निवेश को मंजूरी दी गई। हालांकि सरकार ने राज्य सरकारों पर यह छोड़ दिया है कि वे इस संबंध में मॉडलिटीज को कैसे लागू करते हैं। 

झेलना पड़ेगा भारी विरोध
मल्टी रिटेल ब्रांड में विदेशी निवेश को लेकर सरकार को विपक्ष के साथ साथ सहयोगी दलों के भी विरोध का सामना करना पड़ेगा। एनडीए और वामपंथी दल पहले ही इसको लेकर अपना विरोध जता चुके हैं। तृणमूल कांग्रेस ने भी मल्टी ब्रांड रिटेल में एफडीआई का विरोध किया था। इसके चलते सरकार को फैसले को टालना पड़ा था। 

वॉल मार्ट खोलेगा स्टोर
मल्टी ब्रांड में विदेशी निवेश को मंजूरी मिलने से वॉल मार्ट जैसी कंपनियां अब भारत में किराना स्टोर खोल सकेंगी। वॉल मार्ट बहुराष्ट्रीय कंपनी है जिसके कई देशों में किराना स्टोर हैं।

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