सीईओ को हटाने सीएम तक पहुंची मेयर
जयपुर।
नगर निगम में महापौर और सीईओ के बीच चल रही खींचतान एक बार फिर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक पहुंच गई है। महापौर ज्योति खंडेलवाल मंगलवार को सुबह खुद करीब एक दर्जन पाष्ाüदों के साथ सीएम हाउस पहुंचीं और सीईओ को हटाने के संबंध में ज्ञापन दिया। गौरतलब है कि मौजूदा बोर्ड के कार्यकाल में सात सीईओ आ चुके हैं लेकिन मौजूदा मेयर की किसी से भी नहीं बनी।
सुबह पहुंची सीएम के दरबार
जानकारी के अनुसार, महापौर ज्योति खंडेलवाल नगर निगम समिति के सदस्य और पाष्ाüदों के साथ आज सुबह सीएम हाउस पहुंचीं। वहां पर उन्होंने सीएम से मुलाकात कर वर्तमान सीईओ के कार्यकाल की जांच कराने और पद से हटाने की मांग की। अपनी मांग को मंगवाने के लिए महापौर, समिति अध्यक्ष व पाष्ाüदों ने सामूहिक इस्तीफे की पेशकश भी कर दी। फिलहाल इस संबंध में मुख्यमंत्री की ओर से महापौर को कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है।
पहले भी की है शिकायत
महापौर इससे पहले भी निगम में तैनात रहे सीईओ एवं अघिकारियों का विरोध कर चुकी हैं। वर्तमान सीईओ लोकनाथ सोनी के विरोध में महापौर ने लंबे समय से निगम का बहिष्कार कर रखा है। इसके चलते उन्होंने नगर निगम बोर्ड एवं ईसी की बैठक भी नहीं बुलवाई। लिहाजा निगम के कई महत्वपूर्ण काम ठप हो गए हैं।
33 माह 7 सीईओ
जयपुर नगर निगम में महापौर ज्योति खंडेलवाल का कार्यकाल सितंबर 2009 से शुरू हुआ था। अपने 33 माह के कार्यकाल के दौरान महापौर का निगम में नियुक्त सभी मुख्य कार्यकारी अघिकारियों से विवाद रहा। उनके कार्यकाल के दौरान वरिष्ठ आईएएस अघिकारी ललित मेहरा, आरपी जैन ने इस पद को संभाला लेकिन जल्द ही इन दोनों ने यहां से स्थानांतरण करा लिया। इसके बाद एमपी स्वामी और लालचंद असवाल कुछ समय के लिए यहां सीईओ रहे। असवाल के बाद आईएएस अघिकारी राजेश यादव निगम के सीईओ लगे। इनके खिलाफ तो महापौर व पाष्ाüदों ने खुल के मोर्चा खोला। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ा की यादव लंबी छुट्टी पर चले गए और सरकार को उनका तबादला करना पड़ा। इसके बाद एमपी मीणा के पास करीब छह माह तक निगम सीईओ का एडिशनल चार्ज रहा। रिक्त पद को देखते हुए पिछले साल राज्य सरकार ने वरिष्ठ आरएएस अघिकारी लोकनाथ सोनी को इस पद पर लगाया था।
सीईओ ने बताया बेबुनियाद
नगर निगम के सीईओ लोकनाथ सोनी ने कहा, निराधार और बेबुनियाद बातों पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं। मुझे इसके अलावा और कुछ कहना भी नहीं है। उधर,पार्षद दल के नेता कांग्रेस गुलाब नबी ने कहा है कि जयपुर नगर निगमसीईओ मनमर्जी से काम कर रहे हैं। हमने सीएम से मिल कर सीईओ के खिलाफ जांच सहित अन्य मांगे रखी हैं। सीईओ की वजह से निगम व जयपुर का विकास रूक गया है।

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