पीडि़त महिलाओं को समय पर मिले सहायता : जिला प्रमुख 
जैसलमेर
डीआरडीए सभागार में आयोजित जिला स्तरीय महिला सहायता समिति की बैठक में जिला प्रमुख अब्दुला फकीर ने कहा की महिला सुरक्षा सलाहकार केन्द्र के माध्यम से पीडि़त महिलाओं को समय पर सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के संबंध में समय पर कार्रवाई हो इसके लिए पुलिस अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ अपना दायित्व निभाना चाहिए। बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी बलदेव सिंह उज्जवल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणपत लाल के साथ ही समिति सदस्य उपस्थित थे। 
कुप्रथाओं को रोकने के लिए चलाए जनजागृति कार्यक्रम: जिला प्रमुख ने बाल विवाह एवं दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों के रोकथाम के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने ग्रामीण अंचलों में विधिक सेवा की जानकारी के संबंध में कैम्प लगाने की भी आवश्यकता प्रतिपादित की। 
गतिविधियों की दी जानकारी: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणपतलाल ने बैठक में बताया की जिले में वर्ष 2012 में महिला उत्पीडऩ से संबंधित 28 प्रकरण दर्ज हुए हैं जिसमें से 15 प्रकरणों में अदालत में चालान पेश किए गए हैं व 6 प्रकरणों में अनुसंधान जारी है तथा 7 प्रकरणों में एफआर लगा दी गई है। कार्यवाहक उपनिदेशक महिला एवं बालक विकास उम्मेद सिंह भाटी ने बैठक में एजेंडा वार बिन्दुओं को रखा। बैठक में एडवोकेट मनोहर सिंह ने प्रत्येक पुलिस थाने में महिला डेस्क स्थापित करने की सलाह दी। महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्र प्रभारी ज्योत्सना व्यास ने बताया कि अब तक 45 प्रकरण महिला उत्पीडऩ के संबंध में दर्ज हुए जिसमें से 39 का निस्तारण कर दिया गया। बैठक में महिलाओं की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर लेने पर चर्चा की गई। बैठक में उन्मूल ट्रस्ट के अशोक शर्मा व नवजीवन सेवा संस्थान के मयूर भाटिया ने महिलाओं के कल्याण के संबंध में किए जाने वाले कार्यों के बारे में सुझाव दिया। कार्यक्रम अधिकारी प्रहलाद सिंह राजपुरोहित ने भी महिला सुरक्षा के संबंध में की जाने वाली गतिविधियों पर प्रकाश डाला। 

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