5 सैकेण्ड में 9 मंजिला इमारत जमींदोज 
जयपुर।
अमानीशाह नाले के बवाह क्षेत्र में आ रही एरा ग्रुप की 9 मंजिला इमारत को सिर्फ 5 सैकेण्ड में ब्लास्ट से गिरा दिया गया। नियंत्रित विस्फोटक तकनीक से श्याम नगर,जनपथ स्थित इमारत को जमींदोज कर दिया गया। ब्लास्ट के बाद इमारत मलबे में मलबे में ढेर हो गई। 

बाद में गिराई जाएगी दो बिल्डिंग
बिल्डिंग को गिराने के लिए पचास किलो विस्फोटक सामग्री मंगाई गई थी। अमानीशाह नाले में एरा ग्रुप की सात इमारते हैं। इनमें से तीन बिल्डिंग को अवैध घोषित किया गया था। एक बिल्डिंग को गिरा दिया गया है। दो अन्य बिल्डिंग को बाद में गिराया जाएगा। जिस बिल्डिंग को गिराया गया है उसमें 62 फ्लैट बनाए गए थे। 

धूल और धुुएं का गुब्बार
इंदौर से आए विशेषज्ञों ने इमारत को सुरक्षित तरीके से गिराया। विस्फोट के बाद बिल्डिंग का मलबा अमानीशाह नाले में नहीं गिरा। मलबा उसी जगह के आस पास गिरा जहां बिल्डिंग खड़ी थी। इमारत गिरने के बाद चारों ओर धूल और धुएं का गुबार छा गया। 

5.34 पर पहला धमाका
बिल्डिंग को गिराने के लिए पहला ब्लास्ट करीब पांच बजकर 34 मिनट पर किया गया। इस बीच तकनीकी खराबी आ गई। बिजली की दिक्कत के कारण पहले ब्लास्ट के बाद कार्रवाई रूक गई। 
आसपास के इलाकों को खाली कराया
बिल्डिंग को ब्लास्ट से गिरते हुए देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन ने लोगों को खदेड़ दिया। प्रशासन ने आसपास के इलाके को खाली करा दिया। 

सरवटे ने किया निरीक्षण

इंदौर से आए विशेषज्ञ एसबी सरवटे ने रविवार सुबह मौके पर पहुंचकर इमारत का निरीक्षण किया। सरवटे इंदौर से ही दो व्यक्तियों को लेकर आए हैं,जो इस काम को अंजाम देंगे। 

अब तक 20 लाख खर्च 
इमारत के प्रभावित हिस्से को तोड़ने के लिए पिछले चार दिनों में 18 से 20 लाख रूपए खर्च किए जा चुके हैं। इसमें इंदौर के नियंत्रित विस्फोटक तकनीकी इंजीनियर एसबी सरवटे की टीम का खर्चा अलग है।

इतने संसाधन रोजाना
4. रॉक ब्रेकर चैन माउण्टेड मीशन
2. रॉक ब्रेकर जेसीबीए 
2. कंप्रेशर मशीन
2. सामान्य जेसीबीए 
2. पोकलेन मशीन 
42. लोकण्डा ड्रिल मशीन
5. डम्पर
60 श्रमिक।
(संसाधनों की संख्या प्रतिदिन के आधार पर है। इमारत में चार दिन से काम चल रहा है)

शनिवार को भी जुटी रही जेडीए की टीम

ई-ब्लॉक 

नौ मंजिला इमारत की छत कट जाने के बाद शुरूआती तीन मंजिल के पिलर में लोकण्डा ड्रिल मशीन से करीब 450 से छेद हुए। एक पिलर में 8 से 10 छेद, जिनकी गहराई 300 से 500 एमएम है। इन छेदों में ही विस्फोटक भरा जाएगाए जो इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर से जुड़ेंगे। 

बी ब्लॉक 

चार मंजिल की छत काटकर दूसरे हिस्से से अलग कर दिया गया। दो मंजिला छत को पंक्चर किया।

एफ ब्लॉक

रॉक ब्रेकर मशीन से नाले से 105 मीटर दायरे में आ रहे भूतल व पहली मंजिल के बाद बेसमेंट तोड़ा गया।

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

 
HAFTE KI BAAT © 2013-14. All Rights Reserved.
Top