खनन सामग्री का एसटीपी जारी करने बाबत बैठक आयोजित
बाड़मेर, 21
जिला कलेक्टर डॉ. वीणा प्रधान की अध्यक्षता में शुक्रवार को निर्माण कार्यो में काम आने वाले खनिजों के लिए अल्पकालीन अनुज्ञापत्र (एसटीपी) जारी करने के संबंध में आ रही बाधाओं के निराकरण के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग, खनिज विभाग, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियन्त्रण मण्डल, राजस्व विभाग के अधिकारियों तथा निर्माण विभाग के संवेदकों के साथ बैठक का आयोजन किया गया।
उन्होने बताया कि संवेदकों को सार्वजनिक निर्माण विभाग से कार्यादेश जारी होने के पश्चात नियमानुसार अल्पकालीन परमिट उपलब्ध कराने की प्रकि्रया को शीघ्र पूर्ण करने हेतु खनिज विभाग, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियन्त्रण मण्डल, राजस्व विभाग के द्वारा समन्वित प्रयास करने की आवश्यकता है ताकि क्षतिग्रस्त सडकों/भवनों का मरम्मत कार्य तथा नयी सडकों का निर्माण कार्य शीध्र प्रारम्भ किया जा सकें।
बैठक में एसटीपी जारी किये जाने के संबंध में नियमों एवं परिपत्रों तथा संवेदकों द्वारा एसटीपी जारी किये जाने के संबंध में आ रही कठिनाईयों एवं समस्याओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा पश्चात जिला कलेक्टर डॉ. प्रधान ने प्रदूषण मण्डल बालोतरा को प्रत्येक माह में द्वितीय एवं चतुर्थ मंगलवार को सहायक खनि अभियन्ता कार्यालय बाडमेर में समस्त औपचारिकताओं एवं शुल्क आदि जमा किये जाने हेतु एक कार्मिक को भिजवाने के निर्देश दिए।
सहायक खनि अभियन्ता ने बताया कि संवेदक द्वारा ओवरबर्डन मे से मेटेरियल प्राप्त करने हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किये जाने पर नियम 63(ंए) के तहत नियमानुसार परमिट जारी किये जाए, इसमें सिम्पलीफाइड माइनिंग स्कीम की आवश्यकता नहीं है। इसी प्रकार संवेदक खनन पट्टेधारियों इत्यादि से रायल्टी पेड खनिज प्राप्त करना चाहता है तो इसके लिए एसटीपी की आवश्यकता नहीं है। परन्तु इसके लिए संवेदक को खान विभाग में कार्य आदेश के साथ एक शपथ पत्र देना होगा कि मैं रायल्टी पेड खनिज काम में लूंगा और कार्य समाप्ति के पश्चात समस्त कागजात कार्यालय में प्रस्तुत कर अधिशुल्क निर्धारण करवाउगा। संवेदक द्वारा अपने स्तर पर खनन कर अप्रधान खनिज प्राप्त किये जाने की स्थिति में नियम 63 के तहत प्रार्थना पत्र मय शपथ पत्र तथा एसटीपी का सही लोकेशन मेप, खसरा नक्शा व जमाबन्दी, निर्माण विभाग द्वारा जारी जी शिडयुल की प्रति व खनिज का नाम एवं मात्रा संबंधी सूचना प्रस्तुत करनी होगी। प्रार्थना पत्र की जांच के पश्चात खनि अभियन्ता द्वारा संवेदक को पत्र जारी किया जाएगा जिसमें एसटीपी शुल्क, एनवायरमेन्ट मेनेजमेन्ट फण्ड की राशि अलगअलग, वितीय आश्वासन तथा प्राधिकृत व्यक्ति से सिम्पलीफाइड माइनिंग स्कीम प्रस्तुत करने हेतु उल्लेख होगा। संवेदक द्वारा उक्त पूर्तिया कर देने पर सिम्पलीफाईड माइनिंग स्कीम का अनुमोदन करते हुए एस.टी.पी. नियमानुसार जारी की जाएगी। ठेकेदार द्वारा उक्त एसटीपी के तहत प्रदूषण नियन्त्रण मण्डल से सहमति प्राप्त करने के उपरान्त खनन कार्य कर सकेगा।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर अरूण पुरोहित, उपखण्ड अधिकारी गुडामालानी शंकरलाल, उपखण्ड अधिकारी बाडमेर विनितासिंह, सा0नि0वि0 के अधीक्षण अभियन्ता आश्कि अली, सहायक खनि अभियन्ता पूरणमल सिघाडिया, सहायक पर्यावरण अभियन्ता सोमेश धींगडा सहित सबंधित अधिकारी एवं संवेदक उपस्थित थे।
पीएचसी/सीएचसी एवं विद्यालयों को गोद लेने के प्रस्तावों पर चर्चा
बुजुर्गो की चिर स्मृति के लिए भामाशाह आगे आए डॉ. प्रधान
बाडमेर, 21 सितम्बर। जिला कलेक्टर डॉ. वीणा प्रधान ने भामाशाहों से अपने बुजुर्गो की चिर स्मृति को स्थाई बनाने के लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में स्थित राजकीय विद्यालयों, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मूलभूत सुविधाओं एवं संसाधनों के विकास के लिए अधिकाधिक विद्यालयों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों को गोद लेने का आहवान किया है। वह शुक्रवार को निजी क्षेत्र की संस्थाओं द्वारा विद्यालयों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों को गोद लिए जाने बाबत कार्ययोजना एवं प्राप्त प्रस्तावों पर चर्चा कर रही थी।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निजी क्षेत्र की स्वतन्त्र संस्थाओं, स्वयं सेवी संस्थाओं, दानदाताओं द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, विद्यालय को गोद लेने के प्रस्ताव प्राप्त होने पर स्वीकार करने की योजना तैयार की गई है। उन्होने बताया कि योजना के अन्तर्गत रख रखाव, मरम्मत आदि का कार्य संबंधित संस्था द्वारा किया जाएगा। बैठक में प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा विद्यालयों के प्राथमिकता एवं आवश्यकता के अनुरूप करवाये जाने वाले कार्यो के प्रस्ताव पर निजी क्षेत्र की संस्थाओं द्वारा गोद लिए जाने बाबत विस्तृत चर्चा की गई।
जिला कलेक्टर ने बताया कि प्रथम बार दानदाता संस्था से कम से कम 3 वर्ष व अधिकतम 5 वर्ष का अनुबन्ध किया जाएगा। दानदाता संस्था के द्वारा सीएचसी के लिए प्रथम वर्ष में 3.00 लाख व प्रथम वर्ष के पश्चात प्रत्येक वर्ष 1.00 लाख, पीएचसी के लिए प्रथम वर्ष में 2.00 लाख व प्रथम वर्ष के पश्चात प्रत्येक वर्ष 1.00 लाख, प्राईमरी एवं मिडिल स्कूल के लिए प्रथम वर्ष में 1.00 लाख व प्रथम वर्ष के पश्चात 0.5लाख, भ्पहीध्भ्पहीमत ैमबवदकंतल ैबीववसे के लिए प्रथम वर्ष में 1.50 लाख व प्रथम वर्ष के पश्चात प्रत्येक वर्ष 1.00 लाख खर्चा किया जाएगा। इस मौके पर कैयर्न द्वारा 25 विद्यालयों, 2 पीएचसी एवं 2 सीएचसी को गोद लेकर उनके रख रखाव एवं मरम्मत आदि के लिए निर्धारित आर्थिक सहायता प्रदान करने की सहमति व्यक्त की। इसी प्रकार राजवेस्ट (आरडब्ल्युपीएल) द्वारा 15 व राजवेस्ट (एसडब्ल्युपीएल) द्वारा 25 विद्यालयों/स्वास्थ्य केन्द्रों, नवल किशोर गोदारा द्वारा 6 विद्यालयों एवं 1 सीएचसी, अशोक कुमार डांगरा बालोतरा द्वारा 2 विद्यालय/स्वास्थ्य केन्द्र, दिनेश कुमार द्वारा बालोतरा क्षेत्र की 2 पीएचसी, ललित किरी द्वारा एक विद्यालय तथा मोहनदान द्वारा एक पीएचसी के लिए निर्धारित आर्थिक सहायता प्रदान करने की सहमति प्रदान की।
बैठक में अपर जिला कलेक्टर अरूण पुरोहित द्वारा निजी क्षेत्र की स्वतन्त्र संस्थाओं, स्वयं सेवी संस्थाओं, दानदाताओं द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, विद्यालयों को गोद लेने बाबत कार्ययोजना की विस्तार के साथ जानकारी कराई। बैठक में उपखण्ड अधिकारी गुडामालानी शंकरलाल, उपखण्ड अधिकारी बाडमेर विनितासिंह, कैयर्न तथा राजवेस्ट के अधिकारी, लायन्स क्लब के अध्यक्ष महेन्द्र जैन हालोवाला एवं समाजसेवी किशनलाल वडेरा तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक 24 को
बाडमेर, 21 सितम्बर। राज्य सरकार के निर्देशानुसार निजी क्षेत्र की स्वतन्त्र संस्थाओं, स्वयं सेवी संस्थाओं, दानदाताओं द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, विद्यालय को गोद लेने के प्रस्ताव प्राप्त होने पर स्वीकार करने की योजना तैयार की गई है। इसी क्रम में जिला कलेक्टर डॉ. वीणा प्रधान की अध्यक्षता में उपखण्ड अधिकारी कार्यालय बालोतरा में 24 सितम्बर को दोपहर 3.00 बजे बैठक का आयोजन किया जाएगा।
सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम कीे बैठक 26 को
बाडमेर, 21 सितम्बर। सीमान्त क्षेत्र विकास कार्यक्रम की जिला स्तरीय समिति की बैठक जिला कलेक्टर डॉ. वीणा प्रदान की अध्यक्षता में 26 सितम्बर को दोपहर 3.30 बजे कलेक्ट्रेट कांफ्रेन्स हॉल में आयोजित की जाएगी। मुख्य कार्यकारी अधिकारी एल. आर. गुगरवाल ने बताया कि उक्त बैठक में गत बैठक की कार्यवाही विवरण का अनुमोदन एवं बीएडीपी के कार्यो की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
औद्योगिक समिति की बैठक 27 को
बाडमेर, 21 सितम्बर। जिला स्तरीय औद्योगिक समिति की बैठक जिला कलेक्टर डॉ. वीणा प्रधान की अध्यक्षता में 27 सितम्बर को दोपहर 2.00 बजे उनके कक्ष में आयोजित की जाएगी। जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक आलोक पाण्डेय ने बताया कि उक्त बैठक में गत बैठक की कार्यवाही विवरण की पुष्टि के अलावा गत बैठक में लिये गये महत्वपूर्ण निर्णयों की अनुपालना तथा विभिन्न विभागों में लम्बित प्रकरणों की समीक्षा की जाएगी।
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