क्षमा से समस्याओ का समाधान
जैसलमेर 17अगस्त जगत के लिए भगवान महावीर ने महत्वपूर्ण बात कही है वह क्षमा, इससे अशान्ति को शान्ति में , बैर को प्रेम में बदला जा सकता है । इससे दुनिया की समस्त समस्याओ का समाधान हो सकता है । पर्यषण महापर्व आत्मावलोकन करने एवम अपने भीतर की बुराईयो को दूर करने का अवसर देता है ।यह विचार पंन्यास पुण्डरिकरत्नविजयजीम.सा. ने शुक्रवार को आत्मवल्लभ सभा भवन में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये ।
उन्होने धर्मावलम्बियो को पावन ग्रन्थ कल्पसूत्र के संबंध में कहा कि इसमें जिन चरित्र के अन्तर्गत तीर्थंकरो के जीवन चरित्र पर सविस्तार से बताया गया है।इसमें तीर्थंकरो द्वारा क्या क्या क्रम किये गये जिनका फल उन्हे किस प्रकार प्राप्त हुआ,पर भी प्रकाश डाला गया । चार्तुमास समितिके प्रचार मंत्री महेन्द्रभाई बापना ने बताया कि प्रातः 09 बजे गाजते बाजते सकल संघ केसाथ पंन्यास पुण्डरिकरत्नविजयजीम.सा. मुनिहिमवंतविजय व साध्वी जिनप्रभा श्री को नवकार मंत्र की धुन के साथ बोहराया गया । कल्पसूत्र बोहराने का लाभ बाड़मेर जिले के हरसाणी निवासी अमृतलाल हीरालाल गोठी परिवार ने लिया । कल्पसूत्र के पॉच ज्ञान पूजने का लाभ श्रीमती लक्ष्मीबाई धर्मपत्नि स्व0सुन्दरलाल हुकमीचंद अमृतलाल मालू परिवार लाणेला ब्रहमसर वालो लिया । इस अवसर पर संगीत जुगतीराम एण्ड पार्टी व महिला मण्डल जैसलमेर द्वारा भक्तिसंगीत प्रस्तुत किया गया ।
मुनि महाविदेह ने कहा कि पर्यषण पर्व सतत् सावधान करने वाला स्मरण दिलाने वाला पर्व है । इसमें हमे एक वर्ष में अपने द्वारा की गई गतिविधियो पर संशोधन करने का अवसर मिलता है । जिस प्रकार फिटकर जल को साफ कर देती है उसी तरह पर्यषण पर्व बुराईयो व आत्म की मलिनता को दूर कर देता है ।
इस अवसर पर नमिनाथ जिनालय में भगवान की सुन्दर अंग रचना पवन कोठारी द्वारा की गई । इस अवसर पर जिनालय को फूलो एवं रोशनी से सजाया गया । आज के स्वामीवत्सल का लाभ ब्रहमसर निवासी राणमल कैलाशकुमार बागचार परिवार द्वारा लिया गया।
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