अन्ना का अनशन शुरू,कांग्रेस बैचेन 
नई दिल्ली।
गांधीवादी अन्ना हजारे की ओर से सरकार को दिया गया अल्टीमेटम खत्म हो जाने के साथ ही अन्ना भी अनशन पर बैठ गए हैं। अन्ना के अनशन पर बैठते ही कांग्रेस खेमे में हलचल मच गई है। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कटाक्ष करते हुए कहा कि टीम अन्ना ज्यादा दिन भूखी नहीं रह सकती इसलिए अन्ना को अनशन पर आना पड़ा। केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि जिस तरह का लोकपाल टीम अन्ना चाहती है, उससे आम जनता को ही परेशानी होगी। 
सुबह करीब दस बजे अन्ना हजारे जन्तर-मन्तर पर बने मंच पर आए और अनशन शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनलोकपाल आने तक अनशन जारी रहेगा। अब पहले लोकपाल होगा उसके बाद ही सरकार से बात होगी। ये सरकार आश्वासन देकर पलट गई है। अन्ना ने कहा कि जब तक सरकार में दागी मंत्री रहेंगे तब तक लोकपाल बिल पास होना संभव नहीं लगता, इसलिए दागी मंत्रियों को जाना ही होगा। अन्ना ने चेतावनी दी है कि अब वे अनशनस्थल से मरने के बाद ही हटेंगे। हजारे ने सरकार को अपनी मांगें पूरी करने के लिए चार दिन का अल्टीमेटम दिया था। यह अवधि शनिवार को खत्म हो गई। 
इस बीच टीम अन्ना की तीन सदस्यों अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और गोपाल राय का अनशन रविवार को पांचवे दिन भी जारी है। हजारे के अनशन के पूर्व से ही लोगों का भारी हुजूम उमड़ना शुरू हो गया था। शनिवार को भी जन्तर मन्तर पर काफी भीड़ देखी गई थी। शनिवार को टीम अन्ना के कुछ समर्थकों ने प्रधानमंत्री निवास 7 रेसकोर्स रोड पर प्रदर्शन किया था और प्रधानमंत्री को चोर बताते हुए नारे लिख दिए थे। 
इस बारे में हजारे ने प्रधानमंत्री के बारे में प्रदर्शनकारियों ने जो कहा उसे अशोभनीय बताया लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कई लोगों में भ्रष्टाचार को लेकर काफी गुस्सा है और लोग कहा तक सहन करेंगे। हजारे ने कहा कि अनशन करते हुए यदि उनकी जान चली गई तो इससे लोगों को प्ररेणा मिलेंगी। हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि देश की जनता उन्हें मरने नहीं देंगी और वह जनलोकपाल विधेयक पास कराकर ही दम लेंगे।
टीम अन्ना को हालांकि जंतर मंतर पर आठ अगस्त तक ही अनशन करने की अनुमति है। इसी दिन संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। भ्रष्टचार पर लगाम लगाने के लिए प्रभावी लोकपाल विधेयक की मांग को लेकर अन्ना का यह तीसरा अनिश्चितकालीन अनशन है। इसके पहले के उनके अनशनों से पूरे देश में आंदोलन की लहर चल पड़ी थी।
अनशन स्थल पर कम लोगों की मौजूदगी से निराश होने के बजाय अन्ना ने जनलोकपाल के लिए अपना आंदोलन और तेज करने की घोषणा की है। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से बाबा रामदेव के बयान पर प्रहार करते हुए कहा कि आंदोलन पांच लोगों से भी चलाया जा सकता है बशर्ते सच्ची श्रद्धा हो। 
केजरीवाल ने प्रणब पर साधा निशाना
टीम अन्ना ने शनिवार को एक बार फिर राष्ट्रपति पर निशाना साधा। टीम अन्ना के सदस्य संजय सिंह ने अन्ना हजारे की मौजूदगी में अनशन स्थल से कहा, "लोग कह रहे हैं कि हम राष्ट्रपति महोदय का अपमान कर रहे हैं, लेकिन पनडुब्बी खरीद घोटाले में रक्षा मंत्री के तौर पर वे आरोपी हैं, तो क्या इस मामले की जांच की मांग करना संविधान के खिलाफ है। हमारी भाषा और भीड़ पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हम एक बात पूछना चाहेंगे कि हत्यारों का सांसद चुना जाना क्या संसद का सम्मान है? उन्हें हत्यारा कहना संसद का अपमान है?" 
गौरतलब है कि संप्रग उम्मीदवार प्रणव मुखर्जी के राष्ट्रपति बनने पर अन्ना हजारे ने उन्हें बधाई दी थी। केजरीवाल ने आरोपों को और धार देते हुए यहां तक कहा कि इस पद की गरिमा राजेन्द्र बाबू और कलाम जैसे व्यक्तियों से बनी है। लेकिन अब राष्ट्रपति की कुर्सी दूषित हो गई है। इस मुद्दे पर टीम अन्ना को समर्थन दे रहे बाबा रामदेव ने असहमति जताई थी।
अब आगे क्या?
अन्ना के मुताबिक, वे लोकपाल हासिल करने तक अनशन करेंगे।
अब वे रोजाना मीडिया के तीन सवालों के जवाब अनशन स्थल पर मंच से देंगे।
अनशन के बाद साफ सुथरी छवि वाले उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे।
पीएम निवास पर प्रदर्शन
अन्ना समर्थकों ने शनिवार शाम को 7, रेसकोर्स रोड पर प्रधानमंत्री के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। पुलिस ने 50 अन्ना समर्थकों को गिरफ्तार किया, इनमें 6 महिलाएं हैं। सरकार तथा प्रधानमंत्री के खिलाफ हाथों में तख्तियां थामे और नारेबाजी कर रहे ये प्रदर्शनकारी कोयला ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच तथा सशक्त जनलोकपाल बिल की मांग कर रहे थे। इन्होंने हवा में पर्चे भी फेंके जबकि कुछ गेट पर चढ़ गए।

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