रोजगार के आवेदन की रसीद नहीं देने पर लगेगा जुर्माना
बाड़मेर,
महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत रोजगार की मांग करने वाले आवेदकों को प्राप्ति रसीद उपलब्ध नहीं कराने पर एक हजार रूपए का जुर्माना लगेगा। इसको लेकर ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के आयुक्त एवं शासन सचिव ईजीएस ने निर्देश जारी किए है। जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं जिला कलेक्टर डॉ.वीणा प्रधान ने बताया कि रोजगार की मांग करने वाले आवेदनकर्ताओं को आवेदन प्राप्ति की रसीद उपलब्ध नहीं कराना विभागीय निर्देशों एवं महात्मा गांधी नरेगा एक्ट 2005 की अनुसूची 2 के पैरा 10 के प्रावधानों की अनदेखी करने की श्रेणी में आता है। नरेगा अधिनियम 2005 के सैक्शन 25 में प्रावधान है कि जो कोई भी इस अधिनियम के उपबंधों का उल्लंघन करेगा, वह दोश सिद्वी पर जुर्माने का जो एक हजार रूपए तक हो सकेगा। जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं ब्लाक स्तर पर कार्यक्रम अधिकारी अधिनियम के प्रावधानों को सुनिश्चित कराने हेतु प्राधिकृत अधिकारी है। जिला कलेक्टर प्रधान के मुताबिक राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रथम बार फार्म 6 की रसीद नहीं दिए जाने पर नरेगा अधिनियम 2005 के सेक्शन 25 के तहत कार्यवाही की जाएगी। इसके उपरांत भी निर्देशों एवं अधिनियम के प्रावधानों की पालना नहीं किए जाने पर संबंधित के विरूद्व नरेगा अधिनियम 2005 के सेक्शन 25 के साथसाथ कार्मिक विभाग के आदेश 08 फरवरी 2010 द्वारा जिला कलेक्टर्स को दी गई ाक्तियों अथवा पंचायतीराज अधिनियम 1994 की धारा 91 क के तहत प्रदान की गई ाक्तियों (जो भी लागू हो ) के तहत कार्यवाही की जाएगी। जिला कलेक्टर के अनुसार रोजगार की मांग करने के लिए फार्म6 ग्राम पंचायत के अलावा सरपंच, वार्ड पंच, नरेगा कार्य स्थल, मेट, राशन की दुकान, पटवार घर, निरीक्षक भूअभिलेख, आंगनबाड़ी केन्द्र, आशा सहयोगिनी एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र पर उपलब्ध कराए गए है। जहां से आवेदक को रसीद भी उपलब्ध कराई जाएगी। आवेदक सादे कागज पर भी कार्य के लिए आवेदन कर सकता है। आवेदन में जोब कार्ड का नंबर, जिस तिथि से रोजगार चाहा गया है तथा जितने दिन का रोजगार चाहा गया है, का वर्णन किया जाना आवश्यक है। साथ ही मांग पत्र पर श्रमिक/परिवार के मुखिया के हस्ताक्षर/अंगूठा निशानी भी आवश्यक है,क्योंकि इसी रसीद के आधार पर मांग के बावजूद रोजगार उपलब्ध नहीं कराए जाने की स्थिति में, आवेदनकर्ता अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार बेरोजगारी भते की मांग कर सकता है। अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी एल.आर.गुगरवाल ने बताया कि आवेदन प्रपत्रों में जोब कार्ड संख्या अंकित नहीं होने की स्थिति में आवेदनकर्ता से जोब कार्ड संख्या पूछकर आवेदन पत्र पर अंकित किया जाए। परंतु यदि जोब कार्ड संख्या की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो आवेदन पत्र पर स्पश्टतया यह अंकित किया जाए कि जोब कार्ड संख्या वर्णित नहीं की गई है। गुगरवाल ने बताया कि आवेदन प्रपत्र सीधे ही कार्यक्रम अधिकारी को दिए जाने पर कार्यक्रम अधिकारी द्वारा दिनांकित रसीद आवेदनकर्ता को दी जावे एवं किन स्थितियों में आवेदन पत्र सीधे ही कार्यक्रम अधिकारी को दिए गए है, का उल्लेख करते हुए आवेदन पत्रों की प्रति अपने कार्यालय में रखते हुए मूल आवेदन ग्राम पंचायत को प्रेशित किए जाए। साथ ही मस्टररोल जारी करते समय यह सुनिश्चित करें कि आवेदनकर्ता को कार्य पर नियोजित कर दिया गया है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुगरवाल के मुताबिक नरेगा गाइड लाइन के अनुसार कार्य की मांग के लिए आवेदन पत्र ग्राम पंचायत को दिया जाना चाहिए। श्रमिक द्वारा सीधे ही कार्यक्रम अधिकारी को भी आवेदन प्रस्तुत करने का विकल्प प्राप्त होना चाहिए, परंतु इसे आवश्यक विकल्प के रूप में काम लेना चाहिए अर्थात जहां तक संभव हो आवेदन ग्राम पंचायत स्तर पर प्रस्तुत किए जाए। कलेक्टर लिखेंगे प्रत्येक वार्ड पंच को अर्द्व शासकीय पत्र
बाड़मेर,
महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत रोजगार की मांग के आवेदन को लेने एवं उसकी रसीद देने के लिए वार्ड पंच को अधिकृत करने के सरकारी आदेश के अधिकाधिक प्रचारप्रसार के लिए जिला कार्यक्रम समन्वयक एवं जिला कलेक्टर सभी वार्ड पंचों को अर्द्व शासकीय पत्र लिखेंगे। इसके लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव सी.एस.राजन ने निर्देश जारी किए है। जिला कलेक्टर डा.वीणा प्रधान ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले के समस्त वार्ड पंचों को व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखकर अगवत कराया जाएगा। इसके अलावा दीवार लेखन, पम्पलेट वितरण, ग्राम पंचायत भवन एवं अन्य सरकारी भवनों के सूचना पटट के माध्यम से फार्म 6 भरने एवं दिनांकित रसीद प्राप्त करने की जानकारी का प्रचारप्रसार किया जाएगा।
क्या है अर्द्व शासकीय पत्र में:
वार्ड पंच को भेजे जाने वाले अर्द्वशासकीय पत्र में लिखा गया है कि महात्मा गांधी नरेगा योजना ग्रामीण विकास के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत रोजगार की मांग किए जाने पर प्रत्येक वित्तीय वशर में 100 दिवस का गारंटीशुदा अकुशल रोजगार उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है। रोजगार के लिए जोब कार्ड धारी परिवार के मुखिया अथवा जोब कार्ड में सम्मिलित श्रमिक को रोजगार की मांग ग्राम पंचायत से करनी होगी। ग्राम पंचायत का सदस्य होने के नाते राज्य सरकार ने आपको फार्म 6 प्राप्त करने एवं प्राप्ति की दिनांकित रसीद आवेदनकर्ता को उपलब्ध कराने के लिए आपको अधिकृत किया है। उक्त निर्देशों के अनुरूप आप अपने क्षेत्र के जोब कार्डधारी परिवार से फार्म6 अथवा सादे कागज पर आवेदन प्राप्त करे एवं आवेदनकर्ता को दिनांकित प्राप्ति रसीद आवश्यक रूप दें। प्राप्त आवेदनों को अविलम्ब ग्राम सचिवालय की साप्ताहिक बैठक में ग्राम पंचायत कार्यालय में देकर उसका इन्द्राज रोजगार रजिस्टर में आवश्यक रूप से करावें। महात्मा गांधी नरेगा योजना से संबंधित जानकारी एवं शिकायत के लिए नि:शुल्क टेलीफोन नंबर 1800180-6606 पर भी संपर्क किया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा आपको प्रदान किए गए अधिकार का उपयोग करें एवं महात्मा गांधी नरेगा योजना के कि्रयान्वयन में आपकी भागीदारी से अधिकाधिक लोगों को लाभांवित करें।
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