मंत्रियों ने दी सीएम को सफाई 
जयपुर।
home newsप्रदेश में तबादलों को लेकर कांग्रेस में उठा विवाद थमता नजर नहीं आ रहा। विधायकों के आरोपों के घेरे में आए पंचायती राज मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीया तथा शिक्षा मंत्री बृजकिशोर शर्मा ने मंगलवार को दिल्ली में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलकर सफाई दी। मालवीया पर तबादलों में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं और विधायक उनके घर हंगामा कर चुके हैं वहीं शर्मा पर भी मनमर्जी से स्थानान्तरण करने के आरोप विधायक लगा रहे हैं। दोनों मंत्रियों से सम्पर्क नहीं हो पाया लेकिन सूत्रों का कहना है कि उन्होंने सफाई देते हुए अपना पक्ष गहलोत के सामने रखा। मंत्रियों ने विधायकों की डिजायर से किए गए तबादलों के बारे में भी मुख्यमंत्री को अवगत करवाया।
मंत्री ने साधा मंत्री पर निशाना
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अशोक बैरवा से चल रहे विवाद के बीच मंगलवार को वन एवं पर्यटन मंत्री बाना काक ने नाम लिए बगैर बैरवा पर निशाना साधा। बैरवा के आरोपों को लेकर मीडिया के सवालों के जवाब में वे बोली, जो लोग मुझ पर काम रूकवाने का आरोप लगा रहे हैं, भगवान उनको सदबुद्धि दे। मैंने कभी किसी का काम रोकने के प्रयास नहीं किए हैं। उन्होंने सैर-सपाटा व फोटोग्राफी को लेकर की गई टिप्पणियों पर कहा कि मेरा काम ही फील्ड का है। यह आरोप भी बेबुनियाद बताया जिसमें कहा गया वे अपना काम ठीक से नहीं कर रही हैं।
मंत्री सुने विधायकों की बात - खाचरियावास
इधर जयपुर में कांग्रेसी विधायक प्रतापसिंह खाचरियावास ने मंगलवार को तबादले व मंत्रियों की कार्यप्रणाली पर फिर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि मंत्री मालिक नहीं हैं और विधायक गुलाम नहीं है। उन्होंने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि सरकार केवल मंत्रियों के भरोसे नही चलती, अगर चलती है तो एक भी मंत्री कहकर देखे, फि र हम बताते हैं। सरकार में जितना अधिकार मुख्यमंत्री व मंत्री का है, उतना अधिकार विधायक का भी है। खाचरियावास ने अपने आवास पर पत्रकारों से कहा कि सरकार में सब बराबर हैं।
 मुख्यमंत्री व मंत्री भी तो विधायक ही हैं। तबादला मामले में मंत्रियों को छुपने की जरूरत नहीं है आगे बढ़कर विधायकों की बात सुननी चाहिए और जो गलतियां उनसे हुई हैं, उसे सुधारना चाहिए। नौकरशाही पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों ने मंत्री को बिना बताए काम किया है, उसे गम्भीरता से सुधार लें। सिंह ने मंत्रियों से जानना चाहा कि वे बताएं कि किस विधायक के क्षेत्र में कितने काम किए। मर्जी के खिलाफ किए तबादलों का कारण बताया जाए।

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