आरक्षण के लिए गुर्जरों का पड़ाव 
बहरावण्डा खुर्द। 
home newsपांच फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के आह्वान पर बुधवार को गुर्जरों ने यहां छाण गांव में महापड़ाव डाल दिया। गुर्जर समाज ने छाण गांव में बाढ़पुर मोड़ पर चार बीघा खेत में आरक्षण पर चर्चा के लिए महापंचायत आयोजित की थी, लेकिन आरक्षण की मांग पर राज्य सरकार से सकारात्मक जवाब नहीं मिलने पर बैंसला ने महापड़ाव का ऎलान कर दिया। बैंसला ने बताया कि मुख्य सचिव से आरक्षण के संबंध में वार्ता की गई थी, लेकिन उनकी ओर से दो दिन में जवाब देने की बात कही।
उन्होंने बताया कि जब तक सरकार अपना रूख तय करेगी। तब तक समाज के लोगों ने पड़ाव डालने का निर्णय किया है। दो दिन में सरकार का कोई जवाब नहीं आया तो गुर्जर आंदोलन शुरू कर कुशालीपुरा की ओर कूच करेंगे। वहां पर पड़ाव डालेगे। इससे पहले महापंचायत को संबोघित करते हुए बैंसला ने कहा कि सरकार बार-बार गुर्जरों को झूठे आश्वासन दे रही है। हमारा उद्देश्य पांच प्रतिशत आरक्षण प्राप्त करना है। मुख्य सचिव ने दो दिन में जवाब देने को कहा है, कब तक सब्र रखें।उन्होंने गुर्जरों को शांतिपूर्ण तरीके से अनुशासन में महापड़ाव स्थल पर डटे रहने की शपथ भी दिलाई।
भाषणों से गूंजा पाण्डाल
गुर्जर महापंचायत में वक्ताओं ने दो घंटे तक जोशीले भाषण दिए। अध्यक्षता करते हुए खंडार प्रधान गिर्राज गुर्जर ने कहा कि खंडार क्षेत्र के गुर्जर बैंसला की एक आवाज पर उनके साथ खड़ा होने को तैयार है। गंगापुर सिटी से आए मुकेश फागणा ने कहा कि गुर्जर बैंसला के फैसले की प्रतीक्षा में है। युवा नेता मीठा गुर्जर ने कहा कि बच्चों की शिक्षा के लिए गुर्जरों को जागना पडेगा। हेमराज पटेल, मोहन सिंह, बंटी गुर्जर, पिंटू सिंह गुर्जर, रंगलाल गुर्जर, मूलचंद गुर्जर, किशनलाल, गुर्जर युवा गुर्जर महासभा के अध्यक्ष रामसिंह, राजाराम गुर्जर, हेमराज मेई, रामकुमार, छीतर पटेल आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
संचालन कमलेश गुर्जर ने किया। इससे पूर्व कर्नल बैंसला दोपहर तीन बजे महापंचायत में पहुंचे तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। बैंसला के बस स्टैण्ड पर पहुंचते ही उन्हें घोड़ी पर बैठा कर करीब एक किलोमीटर दूर महापंचायत स्थल तक बैण्डबाजे के साथ लाया गया। वहीं महापंचायत को लेकर पुलिस व प्रशासन मुस्तैद रहा। खंडार एसडीएम आलोक सैनी, प्रशिक्षु आरपीएस देशराज सिंह, तहसीलदार, थानाघिकारी व जाप्ता मौजूद था।
रसिया व नौबत की गूंज 
यहां महापड़ाव डालने के बाद गुर्जरों के नौबत की थाप के साथ रसिया गायन भी शुरू हो गए। वे उन पर थिरकते नजर आए। कमलेश गुर्जर ने बताया कि पड़ाव में शामिल लोगों के लिए भोजन व्यवस्था आसपास के गांवों से की जा रही है।

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