शिक्षक भर्ती परीक्षा में 'थर्ड ग्रेड' व्यवस्थाएं
जयपुर।
45 डिग्री तापमान में तपते फर्श पर बैठकर परीक्षा आयोजित हो तो पूरी परीक्षा की ही पोल खुल जाती है। शिक्षक भर्ती परीक्षा में बाड़मेर जिले के जसौल के एक परीक्षा केंद्र पर दोपहर 3 से 5 बजे के बीच यह नजारा था। ऎसी ही कई अव्यवस्थाओं के साथ राज्य की बहुप्रचारित तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा शनिवार को सम्पन हुई। राज्य के सभी 33 जिलों में कई परीक्षा केंद्रों से अलग-अलग शिकायतें आईं। खास बात यह रही कि 11.71 लाख आवेदनों के बाद परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों की संख्या मात्र 2,65,838 तक ही रही। कई जिलों में गलत प्रश्न आने की शिकायतें आई हैं। अभ्यर्थियों ने बोनस अंकों की मांग की है।भरतपुर व बारां में परीक्षाएं रद्द
गड़बड़ी के चलते भरतपुर में द्वितीय लेवल की हिंदी, अंग्रेजी एवं उर्दू और बारां में हिंदी की परीक्षा रद्द की गई है। इन जिलों में परीक्षा 23 जून को फिर आयोजित की जाएगी।
सिलेबस में कहा 100 और पूछ लिए 140 : परीक्षा के दोनों चरणों में 2 घंटे में 140 सवाल पूछे गए। अभ्यर्थियों का कहना है कि पंचायती राज विभाग ने सिलेबस में उल्लेख किया था कि परीक्षा में 100 सवाल पूछे जाएंगे। 120 मिनट में 140 सवाल होने के कारण कई अभ्यर्थियों के सवाल छूट गए। परीक्षा में नेगेटिव मार्किüग रही। प्रथम लेवल में अभ्यर्थियों ने पेपर के आउट ऑफ सिलेबस होने की बात कही।
योग्य नहीं फिर भी बैठे : कक्षा 1 से 5 के प्रथम लेवल में बीएड अभ्यर्थियों को अनुमति नहीं होने के बावजूद उनके समकक्ष शिक्षा शास्त्री के कई अभ्यर्थी परीक्षा में बैठ ही गए। बीएसटीसी भर्ती संघर्ष समिति के अध्यक्ष उपेन यादव ने इसका विरोध किया है और आंदोलन की चेतावनी दी।
साधनों को लेकर मारामारी : शाम पांच बजे जैसे ही द्वितीय चरण का पेपर पूरा हुआ तो सभी जिलों में हर केंद्र से परीक्षार्थी सीधे बसों अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर पहुंचे। शाम होते होते कई कस्बों और शहरों में रेलवे स्टेशनों पर पैर रखने तक की जगह नहीं थी। बाड़मेर, नागौर, पाली, उदयपुर सहित करीब-करीब हर जिले में रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर अव्यवस्थाओं का आलम रहा। ट्रेनों में रिजर्वेशन धरे रह गए और जिसे जगह मिली वह सीट पर कब्जा कर गया। जयपुर और जोधपुर में रात होते-होते भारी संख्या में अभ्यर्थी जुट गए।
72 घंटे में हो सकती है शिकायत : अगर किसी अभ्यर्थी को प्रश्नपत्र से संबंधित कोई शिकायत है तो नियमानुसार उसे परीक्षा समाप्ति के 72 घंटे की अवधि में जिला परिषद के सीईओ को लिखित में देना होगा।
सवालों के उत्तर ही गलत
कल्याणजी किस जिले में है, इस सवाल का एक भी उत्तर सही नहीं था। (अजमेर-लेवल 1)
राठौड़ों का प्रथम शासक कौन था-सवाल का एक भी उत्तर सही नहीं था।-(नागौर-लेवल 1)
संविधान सभा में प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन-सही विकल्प नहीं था। (जयपुर 2 लेवल )
अजमेर में संस्कृत विषय में 11 प्रश्न दो बार आने की शिकायत की गई।
बदइंतजामी, हंगामा और विरोध
झालावाड़ जिले के खानपुर में मदर इंडिया कॉलेज में समय पर परीक्षा शुरू नहीं होने से गुस्साए अभ्यर्थियों ने राजमार्ग रोक दिया।
चितौड़गढ़ में देरी से पेपर बंटने के कारण अव्यवस्था, नारेबाजी, आक्रोश। कुछ केंद्रों पर प्रश्नपत्र कम पड़े तो फोटोकॉपी करवानी पड़ी।
बूंदी में हिंदी का पेपर एक घंटे देरी से, कई केंद्रों पर सील खुली होने की शिकायत।
गुमानपुरा सेंटर (कोटा) में पेपर कम पड़ने से परीक्षा 5 बजे शुरू हुई। कोटा जिला परिषद में आवेदकों ने मुख्यद्वार पर नारेबाजी की।
भीलवाड़ा में पेपर नहीं पहुंचने से 82 केंद्रों पर लेवल 2 की परीक्षा शाम 4 बजे शुरू हुई।
प्रतापगढ़ में छोटी सादड़ी में एक अभ्यर्थी ने देरी से मिलने के बाद पेपर फाड़ दिया।
जयपुर में एक केंद्र से दो परीक्षार्थी पेपर लेकर भाग गए।
सवाई माधोपुर में एक परीक्षा केंद्र पर 15 मिनट देरी से दिया पेपर।
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें