आरोप मनमाने, नहीं होगी जांच 
 चेन्नई
home newsटीम अन्ना के प्रधानमंत्री और 14 केबिनेट मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप से तिलमिलाई सरकार ने उसे कड़ा जवाब भेजा है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने अपने जवाबी पत्र में मनमोहन सिंह समेत अन्य मंत्रियों पर लगाए आरोपों को मनमाना बताते हुए उनके खिलाफ एसआईटी जांच की मांग को भी खारिज कर दिया। यही नहीं, केंद्रीय मंत्री वी नारायणसामी ने चेन्नई में टीम अन्ना पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अन्ना हजारे 'राष्ट्र विरोधी तत्वों' से घिरे हुए है। उन तत्वों को 'विदेशी ताकतों' का समर्थन प्राप्त है।
टीम अन्ना के पक्ष में कूदी भाजपा
अन्ना हजारे टीम के सदस्यों को 'राष्ट्र-विरोधी' कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने शनिवार को कहा कि सरकार के गलत कार्यो के आलोचकों पर ऎसे आक्षेप लगाना लोकतंत्र के खिलाफ आचरण है।
क्या था टीम अन्ना की चिटी में?
इससे पहले, अन्ना हजारे ने 14 कैबिनेट मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए थे। टीम अन्ना ने इस बारे में दस्तावेज के साथ एक पत्र प्रधानमंत्री को भेजा था। टीम अन्ना ने 24 जुलाई, 2012 तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी।
पीएम चाहते तो होती खुली नीलामी
पूर्व कोयला सचिव का आरोप
तत्कालीन कोयला सचिव पीसी पारख ने कहा है कि पीएम चाहते तो कोयले की खुली नीलामी हो सकती थी। पारख के मुताबिक राजनीतिक तंत्र और कोयला उद्योग से जुड़े लोग नहीं चाहते थे कि नीलामी की जाए। नीलामी के लिए कानून में बदलाव की जरूरत नहीं थी। प्रशासनिक आदेश ही काफी था।
राजग को घेरा
यूपीए सरकार पारदर्शी है। राजग के कार्यकाल में कोई पारदर्शिता नहीं थी। भाजपा मुख्यमंत्रियों (वसुंधरा राजे व रमन सिंह) ने कोल ब्लॉक नीलामी का विरोध किया था। 
बीते साल भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में जमा विशाल राशि का क्या हुआ।
25 जुलाई से अनशन
सरकार की ओर से मांगों को खारिज किए जाने के बाद 
टीम अन्ना ने कहा कि वे पूर्व योजना अनुसार 25 जुलाई से अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे। सरकार शब्दों से खेल रही है। उसने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सवालों को अनुत्तरित छोड़ दिया है।

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