बाबा ने सरकार के सामने रखी 7 मांगे
नई दिल्ली।
योग गुरू बाबा रामदेव ने विदेशी बैंकों में जमा काला धन वापस लाने की मांग दोहराते हुए सरकार के सामने प्रमुख रूप से 7 मांगे रखी है। जंतर मंतर पर अन्ना हजारे के साथ अनशन पर बैठे रामदेव ने कहा कि अगर इन मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। बाबा ने एफडीआई को काले धन का प्रमुख स्त्रोत बताते हुए कहा कि सरकार देश में आए 20 लाख करोड़ के विदेशी पूंजी निवेश का स्त्रोत बताए।
1.400 करोड़ रूपए का काला धन वापस लाओ
2.काले धन को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित करो
3.सरकारी काम तय सीमा में निपटाया जाए
4.पांच सौ और हजार के नोट बंद किए जाए
5.भ्रष्टाचारियों को उम्रकैद या फांसी की सजा हो
6.भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बने
7.भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की सुनवाई 1 साल में हो
प्रधानमंत्री ईमानदार कैबिनेट बनाएं
बाबा रामदेव ने कहा कि लोग प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की व्यक्तिगत ईमानदारी की इज्जत करते हैं। उन्हें अपनी संवैधानिक ईमानदारी भी निभानी चाहिए और ईमानदार कैबिनेट बनाने पर ध्यान देना चाहिए।
आईपीएल में भी लगा है काला धन
रामदेव ने कहा कि आईपीएल में भी ब्लैक मनी शामिल है। योगगुरू ने कहा कि आईपीएल में सुरा-सुंदरी का खेल होता है और यहां खिलाडियों को ब्लैक मनी से खरीदा जाता है। ब्लैक मनी देश के विकास में लगता तो देश की यह दशा नहीं होती और गरीबी नक्सलवाद,माओवाद तथा आतंकवाद जैसी समस्याएं भी न पनपतीं।
बाबा-अन्ना एक मंच पर
जंतर मंतर पर बाबा रामदेव और अन्न हजारे जंतर-मंतर पर एक साथ अनशन पर बैठे। टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और किरण बेदी भी अनशन में शामिल हैं। बाबा रामदेव और अन्ना राजघाट पहुंचे। वहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।
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