राजीव गांधी सेवा केन्द्रों का लोकार्पण किया
जैसलमेर
राजस्व, उप निवेशन एवं जल संसाधन मंत्री तथा जैसलमेर जिले के प्रभारी मंत्री हेमाराम चौधरी ने ग्रामीणों से क्षेत्रीय विकास के लिए पूरी जागरुकता के साथ आगे आने का आह्वान ग्रामीणों से किया और कहा कि सरकार गांवों के विकास के लिए हरसंभव प्रयासों में जुटी हुई है। प्रभारी मंत्री चौधरी ने गुरुवार को जैसलमेर जिले के रूपसी, छत्रैल, भू, कोटड़ी, अडबाला, छत्तागढ़ आदि गांवों का दौरा किया और रूपसी, छत्रेल सहित विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए यह आह्वान किया। प्रभारी मंत्री ने इन गांवों में भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्रों का फीता काट कर तथा पट्टिकाओं का अनावरण कर विधिवत लोकार्पण किया। इन समारोहों में जिला प्रमुख अब्दुला फ कीर, कलेक्टर एमपी स्वामी, जैसलमेर पंचायत समिति के प्रधान मूलाराम चौधरी, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी देवाराम सुथार, उपखण्ड अधिकारी रमेशचन्द्र जैन्थ, समाजसेवी रावताराम व चंद्रशेखर पुरोहित सहित ग्राम्य जन प्रतिनिधियों, जिलाधिकारियों तथा ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीणों के समग्र उत्थान और गांवों के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के साथ निरन्तर प्रयासरत है और इसका अच्छा असर भी सामने आ रहा है। चौधरी ने ग्रामीणों से कहा कि वे गांवों के विकास के लिए ग्राम सभाओं और ग्रामीण विकास के सभी आधारों को मजबूत करें और गांव की जरूरतों के अनुसार प्राथमिकता तय करते हुए ग्रामीण विकास की कार्ययोजना बनाएं। जिला प्रमुख ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली, जननी शिशु सुरक्षा, नि:शुल्क दवा वितरण, मु यमंत्री बीपीएल आवास योजना, पशुओं के लिए नि:शुल्क दवाइयों आदि सभी महत्वपूर्ण येजनाओं और कार्यक्रमों की चर्चा की और ग्रामीणों से कहा कि वे इनका लाभ लें। प्रभारी मंत्री हेमाराम चौधरी ने सभी स्थानों पर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना तथा मौके पर ही उपस्थित अधिकारियों को इनके समाधान के बारे में निर्देश दिए। रूपसी में आयोजित समारोह में समाजसेवी देसलाराम ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। समारोह में आमसिंह केप्टन, नाथुसिंह लुद्रवा, गोपुराम, प्रतापसिंह आदि ने अतिथियों का पुष्पहारों से स्वागत किया। इसी प्रकार छत्रैल में प्रभारी मंत्री ने भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केन्द्र का उद्घाटन करते हुए ग्रामीणों को बजट घोषणाओं की जानकारी दी। रूपसी एवं छत्रैल दोनों स्थानों पर संचालन साहित्यकार आनंद जगाणी ने किया।
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